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UP: शाहजी मंदिर का खुला प्राचीन वसंती कमरा, श्रीजी की झलक पाने को मची होड़; वर्ष में दो बार होते हैं ऐसे दर्शन
Mon, 03 Feb 2025 08:57 PM IST
अरुन पाराशर
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 03 Feb 2025 08:57 PM IST
सार
शाहजी मंदिर का वसंती कमरा वर्ष में दो बार खुलता है। झाड़-फानूसों की रोशनी में प्रभु दर्शन के लिए भक्तों का सुबह से तांता लगा रहा।
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शाहजी मंदिर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मथुरा के वृंदावन में वसंत पंचमी पर सोमवार को शाहजी मंदिर का वसंती कमरा खोला गया। कमरे में राजशाही झाड़-फानूसों की रंगबिरंगी रोशनी के बीच श्रीजी ने भक्तों को दर्शन दिए। वर्ष में दो बार खुलने वाले वसंती कमरे में आराध्य के विशेष दर्शन के लिए भोर से ही भक्तों का तांता लग गया। श्रीजी की एक झलक पाने के लिए उनमें होड़ मच गई।
टेढ़े-मेढ़े खंभों के मंदिर के नाम से प्रसिद्ध शाहजी मंदिर में श्रीजी दर्शन के लिए सोमवार सुबह ही सैकड़ों की संख्या में भक्तजन पहुंचने लगे। सुबह 10 बजे मंदिर के वसंती कमरा के पट खुलते ही श्रद्धालु श्रीजी के दर्शन के लिए उमड़ पड़े।
मंदिर के व्यवस्थापक शाह प्रशांत कुमार ने भगवान का वेद मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक कर भव्य शृंगार किया। प्राचीन एवं ऐतिहासिक कमरे में बड़े-बड़े शोभायमान प्राचीन झाड़-फानूसों की रोशनी के बीच ठाकुरजी के प्राचीन कमरे की छटा बिखरी। स्थानीय भक्तों के साथ सुदूर क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के दर्शन का आनंद लिया। दोपहर में विश्राम के बाद शाम को पांच बजे से वसंती कमरा भक्तों के दर्शन के लिए खोला गया।
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देर शाम शयन आरती तक श्रीजी के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही। वसंत पंचमी के अवसर पर मंदिर के शिखर से लेकर द्वार तक रंगबिरंगी विद्युत झालरों और पुष्पों से सजाया गया। जो कि भक्तों का आकर्षक का केंद्र रहा। वसंती कमरे के द्वार पर ढोल नगाड़े और नफीरी वादन किया गया। इस पर सुदूर क्षेत्रों से आए भक्तजन जमकर झूमे।
शाहजी मंदिर के व्यवस्थापक शाह प्रशांत कुमार ने बताया कि ठाकुरजी वर्ष में दो बार वसंती कमरे में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते हैं। मंगलवार शाम छह बजे से 9 बजे तक एक बार फिर वसंती कमरा में श्रीजी के दर्शन भक्तों को होंगे।
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टेढ़े-मेढ़े खंभों के मंदिर के नाम से प्रसिद्ध शाहजी मंदिर में श्रीजी दर्शन के लिए सोमवार सुबह ही सैकड़ों की संख्या में भक्तजन पहुंचने लगे। सुबह 10 बजे मंदिर के वसंती कमरा के पट खुलते ही श्रद्धालु श्रीजी के दर्शन के लिए उमड़ पड़े।
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मंदिर के व्यवस्थापक शाह प्रशांत कुमार ने भगवान का वेद मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक कर भव्य शृंगार किया। प्राचीन एवं ऐतिहासिक कमरे में बड़े-बड़े शोभायमान प्राचीन झाड़-फानूसों की रोशनी के बीच ठाकुरजी के प्राचीन कमरे की छटा बिखरी। स्थानीय भक्तों के साथ सुदूर क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के दर्शन का आनंद लिया। दोपहर में विश्राम के बाद शाम को पांच बजे से वसंती कमरा भक्तों के दर्शन के लिए खोला गया।
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देर शाम शयन आरती तक श्रीजी के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही। वसंत पंचमी के अवसर पर मंदिर के शिखर से लेकर द्वार तक रंगबिरंगी विद्युत झालरों और पुष्पों से सजाया गया। जो कि भक्तों का आकर्षक का केंद्र रहा। वसंती कमरे के द्वार पर ढोल नगाड़े और नफीरी वादन किया गया। इस पर सुदूर क्षेत्रों से आए भक्तजन जमकर झूमे।
शाहजी मंदिर के व्यवस्थापक शाह प्रशांत कुमार ने बताया कि ठाकुरजी वर्ष में दो बार वसंती कमरे में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते हैं। मंगलवार शाम छह बजे से 9 बजे तक एक बार फिर वसंती कमरा में श्रीजी के दर्शन भक्तों को होंगे।