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हाईकोर्ट-एनजीटी के आदेशों का भी असर नहीं
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 13 Jun 2015 12:03 AM IST
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यमुना में प्रदूषण को लेकर एनजीटी के तेवर तीखे होते जा रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के बाद अब राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण भी यमुना में गिरते शहरी सीवर और नालों के साथ खादर में हो रहे निर्माण पर नाराज है। मथुरा में फिर भी इसका असर नजर नहीं आ रहा। यहां यमुना के खादर में कालोनियां काट दी गई हैं तो सीवर सीधे यमुना में गिर रहे हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट पहले ही यमुना के खादर में निर्माण के साथ सीवर और नालों के गिरने पर रोक लगा चुका है, लेकिन धर्म और आस्था की नगरी में इस आदेश का अनुपालन नहीं हो रहा है। मथुरा और वृंदावन के शहरी क्षेत्र के नाले धड़ल्ले से सीधे यमुना में गिर रहे हैं। इसके चलते यमुना के जल की स्थिति दयनीय हो गई है। अब श्रद्धालु आचमन से भी कतराते हैं।
हालांकि, यमुना में प्रदूषण को रोकने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोडल अफसर की भी यहां तैनाती की है।
ऐसी ही अनदेखी यमुना के खादरों में हो रहे निर्माण पर है। अवैध निर्माण की बाढ़ यमुना के खादरों में आई है, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार अफसरों को यह नजर नहीं आती। यह प्रक्रिया एक नहीं कई विभाग के अफसरों को मालामाल कर रही है। अब तो इन दोनों ही स्थिति पर एनजीटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए चिंता जाहिर की और अफसरों को फटकार लगाई है। इसके बाद भी आदेश पर अमल हो पाए, यह समय ही बताएगा।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट पहले ही यमुना के खादर में निर्माण के साथ सीवर और नालों के गिरने पर रोक लगा चुका है, लेकिन धर्म और आस्था की नगरी में इस आदेश का अनुपालन नहीं हो रहा है। मथुरा और वृंदावन के शहरी क्षेत्र के नाले धड़ल्ले से सीधे यमुना में गिर रहे हैं। इसके चलते यमुना के जल की स्थिति दयनीय हो गई है। अब श्रद्धालु आचमन से भी कतराते हैं।
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हालांकि, यमुना में प्रदूषण को रोकने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोडल अफसर की भी यहां तैनाती की है।
ऐसी ही अनदेखी यमुना के खादरों में हो रहे निर्माण पर है। अवैध निर्माण की बाढ़ यमुना के खादरों में आई है, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार अफसरों को यह नजर नहीं आती। यह प्रक्रिया एक नहीं कई विभाग के अफसरों को मालामाल कर रही है। अब तो इन दोनों ही स्थिति पर एनजीटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए चिंता जाहिर की और अफसरों को फटकार लगाई है। इसके बाद भी आदेश पर अमल हो पाए, यह समय ही बताएगा।
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