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7 किसान बंदियों को मिली रिहाई
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 10 Jan 2015 12:23 AM IST
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आखिरकार शुक्रवार को देर शाम किसान बंदियों को जेल से रिहाई मिल गई। हालांकि 11 में से सिर्फ सात को ही रिहाई मिली है। बाकी की रिहाई के लिए किसानों को 13 जनवरी को होने वाली सुनवाई में आनेे वाले फैसले का इंतजार करना होगा।
पिछले दो दिन से चल रही किसान बंदियों को रिहा करने की विधिक प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी हो गई। इसके बाद देर शाम किसान बंदियों को रिहा कर दिया गया।
गौरतलब रहे कि गोकुल बैराज डूब क्षेत्र से प्रभावित किसानों के 16 साल पुराने मुआवजे के लिए एक नवंबर को धरने के दौरान उपद्रव हो गया था। मामले में पुलिस ने 11 किसानों को जेल भेजा था। पिछले सप्ताह सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इनकी जमानत स्वीकार कर ली।
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कोर्ट के आदेश पर अपनाई गई विधिक प्रक्रिया के बाद देर शाम रोहन सिंह, किशोर, रामरतन, भोपाल दास, हेमंत, चंकी चौधरी, विनोद को जेल से रिहा कर दिया गया। कुंवर सिंह निषाद, लक्ष्मन बाबा, प्रवीन चौधरी और मनोज को अभी रिहा नहीं किया गया है।
इन चार किसान बंदियों की जमानत एक नवंबर के उपद्रव के मामले में मिल गई है लेकिन तीन जनवरी को हवालात पर मारपीट की घटना के बाद नया केस दर्ज होने से उन्हें जेल से रिहा नहीं किया गया है। इस केस में 13 जनवरी को जमानत पर सुनवाई होनी है।
70 दिन बाद जेल से निकले बंदियों को लेने के लिए किसान शाम के वक्त ही जेल पहुंच गए थे। अपनाें से मिलने पर किसानों के चेहराें पर खुशी थी, परंतु मलाल भी था कि चार साथी अभी भी जेल में हैं।
इधर गांव दामोदरपुरा में कड़ाके की ठंड के बावजूद किसानों का 69वें दिन धरना और 57वें दिन क्रमिक अनशन जारी रहा। अनशन पर रमेश और नवल बैठे। धरना की अध्यक्षता सोहन लाल निषाद ने की। संचालन भंवर सिंह ने किया।
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पिछले दो दिन से चल रही किसान बंदियों को रिहा करने की विधिक प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी हो गई। इसके बाद देर शाम किसान बंदियों को रिहा कर दिया गया।
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गौरतलब रहे कि गोकुल बैराज डूब क्षेत्र से प्रभावित किसानों के 16 साल पुराने मुआवजे के लिए एक नवंबर को धरने के दौरान उपद्रव हो गया था। मामले में पुलिस ने 11 किसानों को जेल भेजा था। पिछले सप्ताह सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इनकी जमानत स्वीकार कर ली।
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कोर्ट के आदेश पर अपनाई गई विधिक प्रक्रिया के बाद देर शाम रोहन सिंह, किशोर, रामरतन, भोपाल दास, हेमंत, चंकी चौधरी, विनोद को जेल से रिहा कर दिया गया। कुंवर सिंह निषाद, लक्ष्मन बाबा, प्रवीन चौधरी और मनोज को अभी रिहा नहीं किया गया है।
इन चार किसान बंदियों की जमानत एक नवंबर के उपद्रव के मामले में मिल गई है लेकिन तीन जनवरी को हवालात पर मारपीट की घटना के बाद नया केस दर्ज होने से उन्हें जेल से रिहा नहीं किया गया है। इस केस में 13 जनवरी को जमानत पर सुनवाई होनी है।
70 दिन बाद जेल से निकले बंदियों को लेने के लिए किसान शाम के वक्त ही जेल पहुंच गए थे। अपनाें से मिलने पर किसानों के चेहराें पर खुशी थी, परंतु मलाल भी था कि चार साथी अभी भी जेल में हैं।
इधर गांव दामोदरपुरा में कड़ाके की ठंड के बावजूद किसानों का 69वें दिन धरना और 57वें दिन क्रमिक अनशन जारी रहा। अनशन पर रमेश और नवल बैठे। धरना की अध्यक्षता सोहन लाल निषाद ने की। संचालन भंवर सिंह ने किया।