{"_id":"6a5289bf5fcc3911490157ca","slug":"security-arrangements-district-jail-high-tech-systems-mathura-news-c-369-1-mt11002-149247-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: जिला कारागार में हाईटेक होगी सुरक्षा व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: जिला कारागार में हाईटेक होगी सुरक्षा व्यवस्था
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए जेल प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब बंदियों के पेशी पर आने या मुलाकात के दौरान भेजे जाने वाले खाने-पीने के सामान की जांच अत्याधुनिक एक्स-रे स्कैनिंग मशीन से की जाएगी। बिना जांच के कोई भी सामान जेल परिसर के अंदर नहीं भेजा जा सकेगा।
जेल से पेशी पर आने वाले बंदी या मुलाकात के लिए आने वाले परिजन खाने पीने का सामान लेकर आते हैं, जिससे सामान में छिपाकर धातु से बनी प्रतिबंधित वस्तुएं अंदर पहुंचाने की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए जिला कारागार में शासन से मिली एक्स-रे स्कैनिंग मशीन स्थापित की गई है। अब बंदियों के लिए लाया गया हर पैकेट और सामान एक्स-रे स्कैनिंग मशीन से गुजरने के बाद ही जेल के अंदर भेजा जाएगा।
एक्स-रे स्कैनिंग के दौरान यदि किसी पैकेट में चाकू, पिस्टल, ब्लेड, लोहे की रॉड या अन्य किसी प्रकार की धातु की संदिग्ध वस्तु होगी तो उसकी तुरंत पहचान हो जाएगी। इससे जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की कोशिशों पर प्रभावी रोक लग सकेगी और सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी। जेल प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद जेल में पहुंचने वाले खाने पीने के सामान के पैकेटों को जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा।
विज्ञापन
अब तक सुरक्षाकर्मी करते हैं जांच
जेल में बंदी या उनके परिजन जो भी खाने पीने का सामान लेकर आते उसकी जांच जेल सुरक्षाकर्मियों द्वारा की जाती है। सामान की जांच दो चरणों में की जाती है। सबसे पहले जेल के गेट पर जांच होती है। जेल के अंदर बंदी हो दिए जाने से पूर्व भी सामान की जांच की जाती है।
विज्ञापन
जेल से पेशी पर आने वाले बंदी या मुलाकात के लिए आने वाले परिजन खाने पीने का सामान लेकर आते हैं, जिससे सामान में छिपाकर धातु से बनी प्रतिबंधित वस्तुएं अंदर पहुंचाने की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए जिला कारागार में शासन से मिली एक्स-रे स्कैनिंग मशीन स्थापित की गई है। अब बंदियों के लिए लाया गया हर पैकेट और सामान एक्स-रे स्कैनिंग मशीन से गुजरने के बाद ही जेल के अंदर भेजा जाएगा।
विज्ञापन
एक्स-रे स्कैनिंग के दौरान यदि किसी पैकेट में चाकू, पिस्टल, ब्लेड, लोहे की रॉड या अन्य किसी प्रकार की धातु की संदिग्ध वस्तु होगी तो उसकी तुरंत पहचान हो जाएगी। इससे जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की कोशिशों पर प्रभावी रोक लग सकेगी और सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी। जेल प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद जेल में पहुंचने वाले खाने पीने के सामान के पैकेटों को जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा।
विज्ञापन
अब तक सुरक्षाकर्मी करते हैं जांच
जेल में बंदी या उनके परिजन जो भी खाने पीने का सामान लेकर आते उसकी जांच जेल सुरक्षाकर्मियों द्वारा की जाती है। सामान की जांच दो चरणों में की जाती है। सबसे पहले जेल के गेट पर जांच होती है। जेल के अंदर बंदी हो दिए जाने से पूर्व भी सामान की जांच की जाती है।