{"_id":"6754a578bf6f403fa6032ccf","slug":"school-bus-driver-and-helper-beaten-by-shopkeeper-jammed-mathura-news-c-160-1-sagr1034-103715-2024-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura: बस चालक और हेल्पर की पिटाई...दुकानदार की करतूत ने करा दिया बवाल, डेढ़ घंटे तक जाम में फंसे रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura: बस चालक और हेल्पर की पिटाई...दुकानदार की करतूत ने करा दिया बवाल, डेढ़ घंटे तक जाम में फंसे रहे लोग
Sun, 08 Dec 2024 11:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Dec 2024 11:17 AM IST
सार
दुकानदार ने मामलू विवाद के चलते बस चालक और हेल्पर की पिटाई कर दी। इस दौरान बस में बैठे बच्चे डर से सहम गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद मामला शांत हो सका।
विज्ञापन
मथुरा में जाम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मथुरा के कोसीकलां में पुराने जीटी रोड पर शनिवार को एक स्कूल बस के चालक और हेल्पर की दुकानदार ने पिटाई लगा दी, जिससे डेढ़ घंटे तक पूरे कोसी में जाम लग गया। चालक की पिटाई को देख बस में बैठे छोटे बच्चों में चीख-पुकार मच गई और वह सहम गए। बाद में पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया।
जानकारी के अनुसार सरस्वती शिशु मंदिर की बस शनिवार को नंदगांव रोड से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। राधा गोविंद नगर निवासी एक व्यक्ति की गांधी चिकित्सालय के पास बिल्डिंग मेटेरियल की दुकान है। दुकान के आगे ट्रैक्टर-ट्राॅली में मजदूर स्टोन डस्ट भर रहे थे। बस चालक राजू और हेल्पर वीरेंद्र ने दुकानदार से ट्रैक्टर हटाने को कहा तो दुकानदार आक्रोशित हो गया।
आरोप है चालक ने दुकानदार को धक्का दे दिया। इससे गुस्साए दुकानदार ने साथियों के साथ चालक और हेल्पर की बस अंदर घुसकर पिटाई कर दी। आरोप है कि इस दौरान कई बच्चों में भी थप्पड़ मार दिए। झगड़े को देख बच्चों में चीख-पुकार मच गई। मारपीट की सूचना मिलने पर प्रधानाचार्य मोहन सिंह, अमित चतुर्वेदी, राजेश अग्रवाल, श्रीकृष्ण गोशाला अध्यक्ष धर्मवीर शर्मा, प्रबंधक कृष्ण कुमार अग्रवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष अजय गोयंका आदि वहां पहुंच गए। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग करने लगे।
विज्ञापन
करीब डेढ़ घंटे तक चले झगड़े के कारण जाम के हालात हो गए। राहगीर परेशान हो गए। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया तब जाकर यातायात सुचारू हुआ। प्रभारी निरीक्षक अजीत सिंह ने बताया कि देर शाम तक दोनों पक्षों ने कोई तहरीर नहीं दी।
पुलिस ने तीन वाहनों के किए चालान
पुलिस ने चालक की पिटाई के बाद जाम में फंसे वाहनों में ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्राॅली समेत तीन वाहनों के चालान कर दिए। वहीं झगड़े के बाद जब काफी देर तक बस नहीं हटी तो पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को हटवाया। वहीं श्रीकृष्ण गोशाला अध्यक्ष धर्मवीर शर्मा ने कहा कि नगर में कानून नाम की कोई चीज नहीं है। स्कूल बस चालक के साथ मारपीट देखकर यही प्रतीत होता है। थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं हो रही है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार सरस्वती शिशु मंदिर की बस शनिवार को नंदगांव रोड से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। राधा गोविंद नगर निवासी एक व्यक्ति की गांधी चिकित्सालय के पास बिल्डिंग मेटेरियल की दुकान है। दुकान के आगे ट्रैक्टर-ट्राॅली में मजदूर स्टोन डस्ट भर रहे थे। बस चालक राजू और हेल्पर वीरेंद्र ने दुकानदार से ट्रैक्टर हटाने को कहा तो दुकानदार आक्रोशित हो गया।
विज्ञापन
आरोप है चालक ने दुकानदार को धक्का दे दिया। इससे गुस्साए दुकानदार ने साथियों के साथ चालक और हेल्पर की बस अंदर घुसकर पिटाई कर दी। आरोप है कि इस दौरान कई बच्चों में भी थप्पड़ मार दिए। झगड़े को देख बच्चों में चीख-पुकार मच गई। मारपीट की सूचना मिलने पर प्रधानाचार्य मोहन सिंह, अमित चतुर्वेदी, राजेश अग्रवाल, श्रीकृष्ण गोशाला अध्यक्ष धर्मवीर शर्मा, प्रबंधक कृष्ण कुमार अग्रवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष अजय गोयंका आदि वहां पहुंच गए। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग करने लगे।
विज्ञापन
करीब डेढ़ घंटे तक चले झगड़े के कारण जाम के हालात हो गए। राहगीर परेशान हो गए। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया तब जाकर यातायात सुचारू हुआ। प्रभारी निरीक्षक अजीत सिंह ने बताया कि देर शाम तक दोनों पक्षों ने कोई तहरीर नहीं दी।
पुलिस ने तीन वाहनों के किए चालान
पुलिस ने चालक की पिटाई के बाद जाम में फंसे वाहनों में ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्राॅली समेत तीन वाहनों के चालान कर दिए। वहीं झगड़े के बाद जब काफी देर तक बस नहीं हटी तो पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को हटवाया। वहीं श्रीकृष्ण गोशाला अध्यक्ष धर्मवीर शर्मा ने कहा कि नगर में कानून नाम की कोई चीज नहीं है। स्कूल बस चालक के साथ मारपीट देखकर यही प्रतीत होता है। थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं हो रही है।