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घोटाला: 62 आईटीआई संस्थानों से होगी 23 करोड़ की रिकवरी
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मथुरा। छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के 23 करोड़ रुपये हड़पने के आरोप में फंसे 62 आईटीआई संस्थानों से शीघ्र रिकवरी की जाएगी। शासन स्तर से गठित समिति की जांच में घोटाले की पुष्टि के बाद जिला प्रशासन को रिकवरी के आदेश किए गए हैं। घोटाले में शामिल 62 संस्थानों में 11 ऐसे हैं, जो गैर मान्यता प्राप्त हैं। संस्थानों के संचालकों और अधिकारियों की मिलीभगत से घोटाला किया गया है। फिलहाल रिकवरी के लिए फर्जी संस्थानों के संचालकों तक पहुंचना प्रशासन के लिए चुनौती होगा। चर्चा है कि अभी 50 और संस्थानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है।
जिले में 184 प्राइवेट और चार सरकारी आईटीआई संस्थान हैं। सत्र 2015-16 से 2019-20 तक सौ से अधिक आईटीआई संस्थानों पर छात्रवृत्ति का घोटाला करने के आरोप लगे। शासन स्तर पर गठित समिति ने इस मामले की जांच की। सभी को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया। उधर, समिति ने जिला प्रशासन को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। एक जनवरी को जिला समाज कल्याण अधिकारी ने 62 आईटीआई संस्थानों के खिलाफ छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति हड़पने के मामले में धारा 420, 468, 409 में मुकदमा दर्ज कराया। करीब 23 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता ने बताया कि घोटाले में शामिल आईटीआई संस्थानों से शीघ्र ही रिकवरी की जाएगी।
रसूख के चलते हड़पी छात्रवृत्ति की रकम
छात्रवृत्ति घोटाले में शामिल 62 आईटीआई संस्थानों में से कई संस्थानों का संचालन राजनीतिक दलों के पदाधिकारी तथा उनके रिश्तेदार करते हैं। अपने रसूख के चलते छात्रवृत्ति के नाम पर करोड़ों रुपये की कमाई इन लोगों ने की है। अब रिकवरी को लेकर संचालकों में खलबली मची है।
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इन 62 प्राइवेट आईटीआई संस्थानों के खिलाफ हुआ मुकदमा
आचार्य चोबसिंह प्राइवेट आईटीआई, अमर प्राइवेट आईटीआई, बीएस प्राइवेट आईटीआई गांव गरही खुशीला पोस्ट अनोरा तहसील महावन, बाबा हरचंद सिंह औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र पवन कुंज एटीबी के पीछे, बनी सिंह सिकरवार प्राइवेट आईटीआई, ब्रज धाम प्राइवेट आईटीआई, ब्रज शिव प्राइवेट आईटीआई राल, कैप्टन भंवर सिंह प्राइवेट आईटीआई टोल टैक्स मथुरा, सीसीएल प्राइवेट आईटीआई अड्डा करब, चौधरी नरोत्तम सिंह प्राइवेट आईटीआई गरही अशिया नैनू पट्टी, चमेलीदेवी औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र बंदी, चंदनवन प्राइवेट आईटीआई भरतपुर रोड मथुरा, दीक्षित प्राइवेट आईटीआई फतेहसिंह आईटीआई नगला रेसगिं पचावर, जी सिटी प्राइवेट आईटीआई नटवर नगर, जीडी प्राइवेट आईटीआई, गोपाल प्राइवेट आईटीआई छरौरा, ज्ञान भारती प्राइवेट आईटीआई बलदेव रोड अजय नगर, एचपीआरए प्राइवेट आईटीआई मदोरा बलदेव, जसवंत आईटीआई फोंडर मथुरा, जे प्राइवेट आईटीआई, केशवदेव प्राइवेट आईटीआई लोरिहा पट्टी सौंख, एमटीएस आईटीआई लक्ष्मीनगर, मां चंद्रावली प्राइवेट आईटीआई मगोर्रा जालनपट्टी, मंगेसिंह नंबरदार प्राइवेट आईटीआई, एमवीडी प्राइवेट आईटीआई नगला देविया, नृपत सिंह सिकरवार प्राइवेट आईटीआई सैदपुर बलदेव, पीएसएम प्राइवेट आईटीआई सौंख, पन्ना प्राइवेट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट शहजादपुर रोड फतेह, श्री शिवम प्राइवेट आईटीआई, पंडित एनआर प्राइवेट आईटीआई अडूकी, पंडित गोविंद राम औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र राल, आरबीएसएस प्राइवेट आईटीआई सैदपुर बलदेव, आरडी प्राइवेट आईटीआई, आरकेजे प्राइवेट आईटीआई टाउनशिप, आरबीएस औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र मदुरा बलदेव, राजवीर सिंह सिकरवार प्राइवेट आईटीआई सैदपुर बलदेव, रामवती देवी प्राइवेट आईटीआई, रामहरि सिसौदिया प्राइवेट आईटीआई अकबरपुर, रतन प्राइवेट आईटीआई, आरके प्राइवेट आईटीआई, आरएसएस प्राइवेट आईटीआई सैदपुर बलदेव, एसडी प्राइवेट आईटीआई मांट, एसआरएल प्राइवेट आईटीआई पंडवा मांट, समर्थ आईटीआई सुंदरवन, श्री भगवान सिंह प्राइवेट औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गढ़ी खुशला अनोरा राया, श्री गिर्राज महाराज प्राइवेट आईआईटी, श्री हरदम सिंह वैदिक औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र हूरपुर महावन बलदेव, मां रामदुलारी कॉलेज ओल, श्रीमती शांति देवी आईटीआई केंद्र इंदावली मथुरा, श्री नत्थी सिंह प्राइवेट आईटीआई करनपुर चौराहा फरह, श्रीएसएल प्राइवेट आइटीआई अनोरा, श्रीमती धरमवती भेद जीत सिंह प्राइवेट आईटीआई बरौली बलदेव महावन, श्यामा प्राइवेट आईटीआई, श्री मती जमुना देवी प्राइवेट आईटीआई भदर सौंख, श्रीमती विमला देवी औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र भदर सौंख गोवर्धन, टीएस प्राइवेट आईटीआई इंद्रावली बलदेव, ट्रू वैल्यूज प्राइवेट आईटीआई, निखिल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट।
चार डीआईओएस के कार्यकाल के दौरान हुआ घोटाला
आईटीआई संस्थानों में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति को हड़पने के दौरान चार डीआईओएस का कार्यकाल रहा है। डीआईओएस की संस्तुति के बाद छात्रों की सूची समाज कल्याण विभाग में जाती है। जिस दौरान घोटाला हुआ तब सत्र 2015-16 में आईपीएस सोलंकी, 2017 में अरुण कुमार दुबे, 2018-19 में केपी सिंह और वर्तमान में राजेंद्र सिंह डीआईओएस हैं। इस मामले में आवेदन करने से लेकर खाते से छात्रवृत्ति निकालने के दौरान की प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच होगी। बड़ा मामला ये है कि 11 गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों की छात्रवृत्ति के लिए किस अधिकारी ने संस्तुति की। अब यह मामला डीआईओएस दफ्तर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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जिले में 184 प्राइवेट और चार सरकारी आईटीआई संस्थान हैं। सत्र 2015-16 से 2019-20 तक सौ से अधिक आईटीआई संस्थानों पर छात्रवृत्ति का घोटाला करने के आरोप लगे। शासन स्तर पर गठित समिति ने इस मामले की जांच की। सभी को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया। उधर, समिति ने जिला प्रशासन को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। एक जनवरी को जिला समाज कल्याण अधिकारी ने 62 आईटीआई संस्थानों के खिलाफ छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति हड़पने के मामले में धारा 420, 468, 409 में मुकदमा दर्ज कराया। करीब 23 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता ने बताया कि घोटाले में शामिल आईटीआई संस्थानों से शीघ्र ही रिकवरी की जाएगी।
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रसूख के चलते हड़पी छात्रवृत्ति की रकम
छात्रवृत्ति घोटाले में शामिल 62 आईटीआई संस्थानों में से कई संस्थानों का संचालन राजनीतिक दलों के पदाधिकारी तथा उनके रिश्तेदार करते हैं। अपने रसूख के चलते छात्रवृत्ति के नाम पर करोड़ों रुपये की कमाई इन लोगों ने की है। अब रिकवरी को लेकर संचालकों में खलबली मची है।
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इन 62 प्राइवेट आईटीआई संस्थानों के खिलाफ हुआ मुकदमा
आचार्य चोबसिंह प्राइवेट आईटीआई, अमर प्राइवेट आईटीआई, बीएस प्राइवेट आईटीआई गांव गरही खुशीला पोस्ट अनोरा तहसील महावन, बाबा हरचंद सिंह औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र पवन कुंज एटीबी के पीछे, बनी सिंह सिकरवार प्राइवेट आईटीआई, ब्रज धाम प्राइवेट आईटीआई, ब्रज शिव प्राइवेट आईटीआई राल, कैप्टन भंवर सिंह प्राइवेट आईटीआई टोल टैक्स मथुरा, सीसीएल प्राइवेट आईटीआई अड्डा करब, चौधरी नरोत्तम सिंह प्राइवेट आईटीआई गरही अशिया नैनू पट्टी, चमेलीदेवी औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र बंदी, चंदनवन प्राइवेट आईटीआई भरतपुर रोड मथुरा, दीक्षित प्राइवेट आईटीआई फतेहसिंह आईटीआई नगला रेसगिं पचावर, जी सिटी प्राइवेट आईटीआई नटवर नगर, जीडी प्राइवेट आईटीआई, गोपाल प्राइवेट आईटीआई छरौरा, ज्ञान भारती प्राइवेट आईटीआई बलदेव रोड अजय नगर, एचपीआरए प्राइवेट आईटीआई मदोरा बलदेव, जसवंत आईटीआई फोंडर मथुरा, जे प्राइवेट आईटीआई, केशवदेव प्राइवेट आईटीआई लोरिहा पट्टी सौंख, एमटीएस आईटीआई लक्ष्मीनगर, मां चंद्रावली प्राइवेट आईटीआई मगोर्रा जालनपट्टी, मंगेसिंह नंबरदार प्राइवेट आईटीआई, एमवीडी प्राइवेट आईटीआई नगला देविया, नृपत सिंह सिकरवार प्राइवेट आईटीआई सैदपुर बलदेव, पीएसएम प्राइवेट आईटीआई सौंख, पन्ना प्राइवेट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट शहजादपुर रोड फतेह, श्री शिवम प्राइवेट आईटीआई, पंडित एनआर प्राइवेट आईटीआई अडूकी, पंडित गोविंद राम औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र राल, आरबीएसएस प्राइवेट आईटीआई सैदपुर बलदेव, आरडी प्राइवेट आईटीआई, आरकेजे प्राइवेट आईटीआई टाउनशिप, आरबीएस औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र मदुरा बलदेव, राजवीर सिंह सिकरवार प्राइवेट आईटीआई सैदपुर बलदेव, रामवती देवी प्राइवेट आईटीआई, रामहरि सिसौदिया प्राइवेट आईटीआई अकबरपुर, रतन प्राइवेट आईटीआई, आरके प्राइवेट आईटीआई, आरएसएस प्राइवेट आईटीआई सैदपुर बलदेव, एसडी प्राइवेट आईटीआई मांट, एसआरएल प्राइवेट आईटीआई पंडवा मांट, समर्थ आईटीआई सुंदरवन, श्री भगवान सिंह प्राइवेट औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गढ़ी खुशला अनोरा राया, श्री गिर्राज महाराज प्राइवेट आईआईटी, श्री हरदम सिंह वैदिक औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र हूरपुर महावन बलदेव, मां रामदुलारी कॉलेज ओल, श्रीमती शांति देवी आईटीआई केंद्र इंदावली मथुरा, श्री नत्थी सिंह प्राइवेट आईटीआई करनपुर चौराहा फरह, श्रीएसएल प्राइवेट आइटीआई अनोरा, श्रीमती धरमवती भेद जीत सिंह प्राइवेट आईटीआई बरौली बलदेव महावन, श्यामा प्राइवेट आईटीआई, श्री मती जमुना देवी प्राइवेट आईटीआई भदर सौंख, श्रीमती विमला देवी औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र भदर सौंख गोवर्धन, टीएस प्राइवेट आईटीआई इंद्रावली बलदेव, ट्रू वैल्यूज प्राइवेट आईटीआई, निखिल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट।
चार डीआईओएस के कार्यकाल के दौरान हुआ घोटाला
आईटीआई संस्थानों में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति को हड़पने के दौरान चार डीआईओएस का कार्यकाल रहा है। डीआईओएस की संस्तुति के बाद छात्रों की सूची समाज कल्याण विभाग में जाती है। जिस दौरान घोटाला हुआ तब सत्र 2015-16 में आईपीएस सोलंकी, 2017 में अरुण कुमार दुबे, 2018-19 में केपी सिंह और वर्तमान में राजेंद्र सिंह डीआईओएस हैं। इस मामले में आवेदन करने से लेकर खाते से छात्रवृत्ति निकालने के दौरान की प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच होगी। बड़ा मामला ये है कि 11 गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों की छात्रवृत्ति के लिए किस अधिकारी ने संस्तुति की। अब यह मामला डीआईओएस दफ्तर में चर्चा का विषय बना हुआ है।