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Mathura News: केशी घाट पर किया सप्त ऋषि एवं यज्ञोपवीत पूजन
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मथुरा। रक्षाबंधन पर पूजा से पूर्व यमुना स्नान करते विप्र।
- फोटो : mathura
वृंदावन। यमुना स्थित केशी घाट पर शनिवार को आचार्य पंडित नरोत्तम लाल सेवा संस्थान के तत्वावधान में 700 से अधिक ब्राह्मणों ने श्रावणी उपाकर्म पूजा की। इसके बाद श्री राधाकांत मंदिर में सप्त ऋषि पूजन, माता अरुंधति पूजन तथा यज्ञोपवीत पूजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आचार्य विष्णु कांत शास्त्री ने बताया कि ब्राह्मणों ने सर्वप्रथम हेमाद्रि संकल्प लिया, ताकि जाने अनजाने समस्त पापों से मुक्ति मिल सके। इसके बाद 10 विधि स्नान के अंतर्गत गोबर गोमूत्र, पंचगव्य, स्वर्णधान्य, कुश और विशेष रूप से अपामार्ग नाम की औषधि से स्नान करके समस्त अरिष्टों के विनाश की कामना की। रक्षाबंधन पुरोहित और ब्राह्मणों के लिए यजमान तथा शिष्यों को रक्षा सूत्र बांधने का त्योहार है। संयोजक आचार्य मृदुल कांत शास्त्री, कथा भागवत आचार्य श्याम सुंदर गोस्वामी, विनय त्रिपाठी ने बताया कि पूजा में मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश के विप्रों ने भाग लिया।
इस दौरान भागवताचार्य नंदकुमार आचार्य, पंडित मनीष शुक्ला, बागेश्वर धाम से आचार्य रोहित रिछारिया, भागवत आचार्य सुरेश चंद्र शास्त्री, विष्णु गौतम, अरुण शुक्ला, चिन्मय मिश्र, जितेश आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आचार्य विष्णु कांत शास्त्री ने बताया कि ब्राह्मणों ने सर्वप्रथम हेमाद्रि संकल्प लिया, ताकि जाने अनजाने समस्त पापों से मुक्ति मिल सके। इसके बाद 10 विधि स्नान के अंतर्गत गोबर गोमूत्र, पंचगव्य, स्वर्णधान्य, कुश और विशेष रूप से अपामार्ग नाम की औषधि से स्नान करके समस्त अरिष्टों के विनाश की कामना की। रक्षाबंधन पुरोहित और ब्राह्मणों के लिए यजमान तथा शिष्यों को रक्षा सूत्र बांधने का त्योहार है। संयोजक आचार्य मृदुल कांत शास्त्री, कथा भागवत आचार्य श्याम सुंदर गोस्वामी, विनय त्रिपाठी ने बताया कि पूजा में मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश के विप्रों ने भाग लिया।
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इस दौरान भागवताचार्य नंदकुमार आचार्य, पंडित मनीष शुक्ला, बागेश्वर धाम से आचार्य रोहित रिछारिया, भागवत आचार्य सुरेश चंद्र शास्त्री, विष्णु गौतम, अरुण शुक्ला, चिन्मय मिश्र, जितेश आदि मौजूद रहे।
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