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सप्त देवालयों को पर्यटन विभाग की सूची में दर्ज करने की मांग
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वृंदावन (मथुरा)। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा ने पर्यटन विभाग से धर्मनगरी के प्राचीन सप्त देवालयों को पर्यटन सूची में शामिल किए जाने की मांग की है। साथ ही इनके प्रचार प्रसार व रखरखाव पर भी ध्यान देने की बात रखी है।
सनेह बिहारी मंदिर में आयोजित बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने पर्यटन विभाग पर प्राचीन सप्त देवालयों की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि सप्त देवालयों की अवहेलना कर अन्य मंदिरों को पर्यटन सूची में दिखाया जा रहा है। संगठन ने कहा कि सप्त देवालय सैकड़ों वर्ष पुराने हैं और इनमें विराजमान ठाकुर जी के विग्रह विभिन्न संप्रदायों के रसिक संतों ने अपनी भक्ति से प्रकट किए थे।
आज यह मंदिर क्षतिग्रस्त भी हो गए हैं। अत: इनकी मरम्मत व रखरखाव पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। मांग करने वालों में आचार्य अतुल कृष्ण गोस्वामी, पं. बिहारी लाल वशिष्ठ, आचार्य बल्लभ महाराज, गोकुल चन्द्र गोस्वामी, हितेन्द्र गोस्वामी, श्याम सुन्दर ब्रजवासी, रामगोपाल शर्मा, कन्हैया लाल शुक्ला, मयंक शर्मा, पं. कृष्ण मुरारी शर्मा आदि प्रमुख हैं।
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सनेह बिहारी मंदिर में आयोजित बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने पर्यटन विभाग पर प्राचीन सप्त देवालयों की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि सप्त देवालयों की अवहेलना कर अन्य मंदिरों को पर्यटन सूची में दिखाया जा रहा है। संगठन ने कहा कि सप्त देवालय सैकड़ों वर्ष पुराने हैं और इनमें विराजमान ठाकुर जी के विग्रह विभिन्न संप्रदायों के रसिक संतों ने अपनी भक्ति से प्रकट किए थे।
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आज यह मंदिर क्षतिग्रस्त भी हो गए हैं। अत: इनकी मरम्मत व रखरखाव पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। मांग करने वालों में आचार्य अतुल कृष्ण गोस्वामी, पं. बिहारी लाल वशिष्ठ, आचार्य बल्लभ महाराज, गोकुल चन्द्र गोस्वामी, हितेन्द्र गोस्वामी, श्याम सुन्दर ब्रजवासी, रामगोपाल शर्मा, कन्हैया लाल शुक्ला, मयंक शर्मा, पं. कृष्ण मुरारी शर्मा आदि प्रमुख हैं।
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