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यूपी: धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में संतों की हुंकार, अखिलेश यादव से बोले- कृष्ण जन्मभूमि के लिए चलाएं अभियान
Fri, 06 Nov 2026 08:22 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Arun Parashar
Updated Fri, 06 Nov 2026 08:22 PM IST
सार
भगवान श्रीकृष्ण पर की गई टिप्पणी के बाद संत एवं भागवताचार्य बागेश्वर पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन में खुलकर उतर आए हैं। वृंदावन में लगातार दूसरे दिन बैठक हुई। इसमें धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का विरोध करने वालों को सनातन विरोधी बताया। साथ ही सपा मुखिया अखिलेश यादव को भी नसीहत दी।
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संत समाज ने की बैठक।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
बागेश्वर पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन में दूसरे दिन शुक्रवार को नगर के संत एवं भागवताचार्य ने फिर समर्थन में बैठक की। रमणरेती मार्ग स्थित एक होटल में हुई बैठक में उन्होंने संत का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान के नारे लगाकर शास्त्री का विरोध करने वालों के प्रति रोष जताया। संत एवं धर्माचार्यों ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का विरोध सनातन धर्म का विरोध माना। इसे संतों ने आगामी चुनावों में सनातन विरोधियों द्वारा सनातन के आईकॉन और उनके बढ़ते प्रभाव को चोट पहुंचाने का प्रयास बताया। उन्होंने सनातन बोर्ड बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संत गोविंदानंद तीर्थ एवं भागवताचार्य कृष्ण चंद्र शास्त्री ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री का बयान गलत नहीं है, बल्कि समस्या उन लोगों की है जो उनके अर्थ को समझ नहीं पा रहे हैं। भगवान राम का अवतार मर्यादा की स्थापना और श्रीकृष्ण का जन्म लीलाओं के लिए हुआ। दोनों के प्रसंगों में अंतर स्वाभाविक है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सनातन, संत, धर्माचार्य, ब्राह्मणों को निशाना बनाया गया तो आगामी चुनावों में इसका परिणाम देखने को मिलेगा।
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संत गोविंदानंद तीर्थ एवं भागवताचार्य कृष्ण चंद्र शास्त्री ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री का बयान गलत नहीं है, बल्कि समस्या उन लोगों की है जो उनके अर्थ को समझ नहीं पा रहे हैं। भगवान राम का अवतार मर्यादा की स्थापना और श्रीकृष्ण का जन्म लीलाओं के लिए हुआ। दोनों के प्रसंगों में अंतर स्वाभाविक है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सनातन, संत, धर्माचार्य, ब्राह्मणों को निशाना बनाया गया तो आगामी चुनावों में इसका परिणाम देखने को मिलेगा।
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संतों ने आरोप लगाया कि सोची-समझी रणनीति के तहत सनातन धर्म और संतों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। भारत में इस्लामी और ईसाईकरण जोरों पर है, जो लोग विरोध कर रहे हैं उनके इस्लामी ईसाईकरण में सबसे बड़ी बाधा संत धर्माचार्य हैं। इसी वजह से संत धर्माचार्य को निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें नीचा दिखाया जा रहा है। यदि सनातन के ऋषि मुनि संत धर्माचार्य कथाकार ब्राह्मणों को टारगेट किया जाएगा तो आगामी चुनाव में इसका परिणाम देखने को मिलेगा।
संतों ने एक स्वर में कहा कि यदि सपा प्रमुख अखिलेश यादव को ज्यादा ही सनातन धर्म और भगवान कृष्ण से प्यार है तो औरंगजेब, बाबर जैसों ने मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मस्जिद बनाकर कब्जा किया। उसके लिए अभियान चलाएं, आगे आएं, संत धर्माचार्य उनके पीछे चलेगा। संत धर्माचार्य को नीचा दिखाने का सिर्फ मुस्लिम वोट बैंक के लिए प्रयास किया जा रहा है। जिसे अब संत समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज ने कहा कि सनातन धर्म और उन्हें आगे बढ़ाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।
देश में सनातन विरोधी ताकतों पर अंकुश लगाने के लिए सनातन बोर्ड का गठन आवश्यक है। बैठक में नाभा पीठाधीश्वर सुतीक्ष्ण दास महाराज, संत गोविंदानंद तीर्थ, संजीव कृष्ण ठाकुर, आचार्य मृदुल कांत शास्त्री, मनीष चतुर्वेदी, महामंडलेश्वर कृष्णानंद, रामचंद्र दास, आचार्य देवांशु, शिवांश मिश्र, अश्वनी मिश्रा, शिवम, हरिवंश मिश्रा, गुरु प्रसाद हरिहर, मुद्गल शास्त्री, सुमंत शास्त्री, अरविंद कृष्ण देवानंद महाराज, विनय त्रिपाठी, धनंजय दास, रसराज महाराज, अतुल कृष्ण, संजय पंडित आदि मौजूद रहे।
देश में सनातन विरोधी ताकतों पर अंकुश लगाने के लिए सनातन बोर्ड का गठन आवश्यक है। बैठक में नाभा पीठाधीश्वर सुतीक्ष्ण दास महाराज, संत गोविंदानंद तीर्थ, संजीव कृष्ण ठाकुर, आचार्य मृदुल कांत शास्त्री, मनीष चतुर्वेदी, महामंडलेश्वर कृष्णानंद, रामचंद्र दास, आचार्य देवांशु, शिवांश मिश्र, अश्वनी मिश्रा, शिवम, हरिवंश मिश्रा, गुरु प्रसाद हरिहर, मुद्गल शास्त्री, सुमंत शास्त्री, अरविंद कृष्ण देवानंद महाराज, विनय त्रिपाठी, धनंजय दास, रसराज महाराज, अतुल कृष्ण, संजय पंडित आदि मौजूद रहे।