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Mathura News: नगर में सफाई 850 सफाईकर्मी फिर भी चरमराई सफाई व्यवस्था
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वृंदावन के गोपीनाथ बाजार में जलभराव के बीच से निकलते राहगीर।
वृंदावन। भले ही वर्ष के पहले दिन से सफाई कर्मियों एवं कार्यदायी संस्थाओं की संख्या बढ़ गई, लेकिन नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। लंबे समय से नाले नालियों की सफाई न होने से बाजारों और मार्गों पर जलभराव हो रहा है। श्रीबांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। सफाई अव्यवस्था को लेकर जन शिकायत भी कारगर नहीं हो रही हैं। इसे लेकर लोगों में रोष व्याप्त है।
नगर की विश्व स्तरीय सफाई व्यवस्था करने के उद्देश्य से नगर निगम ने एक जनवरी से 600 कर्मचारी और बढ़ाने के बाद 850 कर्मचारी सफाई कार्य में लगाए गए। इसके बावजूद नगर के वार्डाें में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। मार्गों पर न ही नियमित सफाई हो रही पा रही है ना ही लंबे समय से नाले -नालियों की सफाई हो पा रही है। यही कारण है कि श्रीबांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र में नालियों का दूषित पानी सड़कों पर भर रहा है। श्रद्धालु दूषित पानी में होकर निकलने को मजबूर है।
बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र निवासी पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि पिछले एक वर्ष से नाले नालियों की सफाई के लिए वह नगर निगम में कई बार पत्र दे चुके हैं, लेकिन वर्षों से नाले की सफाई नहीं हुई। जिससे मंदिर मार्ग पर आए दिन जलभराव हो रहा है। गोपीनाथ बाजार में प्रतिदिन सुबह और शाम के समय नाली का दूषित पानी बाजार में भर जाता है। पार्षद शशांक शर्मा ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों से कई बार इस समस्या के निदान के लिए कहा गया है, लेकिन निगम द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। यही हाल गौरा नगर स्थित मुख्य मार्ग का है जहां कचरे के ढ़ेर लगे हैं और सीवर के मेनहोल उफन रहे हैं।
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सहायक नगर आयुक्त अनुज कौशिक ने बताया कि नगर में जहां भी जलभराव की समस्या है वह सीवर के कारण है। उसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सीवर व्यवस्था बेहतर हो, जलभराव न हो, इस पर जल्द ही सुधारात्मक कदम उठाया जाएगा।
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नगर की विश्व स्तरीय सफाई व्यवस्था करने के उद्देश्य से नगर निगम ने एक जनवरी से 600 कर्मचारी और बढ़ाने के बाद 850 कर्मचारी सफाई कार्य में लगाए गए। इसके बावजूद नगर के वार्डाें में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। मार्गों पर न ही नियमित सफाई हो रही पा रही है ना ही लंबे समय से नाले -नालियों की सफाई हो पा रही है। यही कारण है कि श्रीबांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र में नालियों का दूषित पानी सड़कों पर भर रहा है। श्रद्धालु दूषित पानी में होकर निकलने को मजबूर है।
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बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र निवासी पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि पिछले एक वर्ष से नाले नालियों की सफाई के लिए वह नगर निगम में कई बार पत्र दे चुके हैं, लेकिन वर्षों से नाले की सफाई नहीं हुई। जिससे मंदिर मार्ग पर आए दिन जलभराव हो रहा है। गोपीनाथ बाजार में प्रतिदिन सुबह और शाम के समय नाली का दूषित पानी बाजार में भर जाता है। पार्षद शशांक शर्मा ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों से कई बार इस समस्या के निदान के लिए कहा गया है, लेकिन निगम द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। यही हाल गौरा नगर स्थित मुख्य मार्ग का है जहां कचरे के ढ़ेर लगे हैं और सीवर के मेनहोल उफन रहे हैं।
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सहायक नगर आयुक्त अनुज कौशिक ने बताया कि नगर में जहां भी जलभराव की समस्या है वह सीवर के कारण है। उसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सीवर व्यवस्था बेहतर हो, जलभराव न हो, इस पर जल्द ही सुधारात्मक कदम उठाया जाएगा।