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मथुरा नाव हादसा: युवराज सिंह से सीखा क्रिकेट, वृंदावन में बसता था मन; ऋषभ की लाश देख फफक पड़े पिता
Mon, 13 Apr 2026 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Apr 2026 01:59 AM IST
सार
मथुरा के वृंदावन में हुए नाव हादसे में जान गंवाने वाले ऋषभ मल्टी टेलेंटेड थे। पिता ने बताया कि बचपन से होनहार ऋषभ क्रिकेटर युवराज सिंह के बड़े फैन थे। क्रिकेट के इसी शौक के चलते उन्हें युवराज सिंह की अकादमी में दाखिला दिलवाया। यहां उन्होंने क्रिकेट की बारीकियां सीखीं।
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ऋषभ का फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
जगरांव (पंजाब) के ऋषभ बचपन से ही प्रतिभाशाली थे। क्रिकेट खेलने के साथ ही भजन गायिकी शुरू की तो कृष्ण भक्ति में मन रम गया। साथियों के साथ हर साल वृंदावन आते। दोस्तों से कहते कि मन करता है सब कुछ छोड़कर वृंदावन में ही बस जाऊं, लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था, वृंदावन में बस तो नहीं सके मगर इसी माटी में प्राण त्याग दिए।
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रुंधे गले से यह बताते हुए ऋषभ के पिता उमेश शर्मा फफक-फफक कर रो पड़े। पेशे से कारोबारी उमेश के दो बेटों में ऋषभ बड़े थे। एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र ऋषभ बचपन से ही मल्टी टेलेंटेड थे। पिता ने बताया कि बचपन से होनहार ऋषभ क्रिकेटर युवराज सिंह के बड़े फैन थे। क्रिकेट के इसी शौक के चलते उन्हें युवराज सिंह की अकादमी में दाखिला दिलवाया। यहां उन्होंने क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। करीब तीन साल से बच्चों को भी क्रिकेट के कोच बन गए।
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इसके बाद दोस्तों के साथ वृंदावन आना जाना शुरू किया तो वह कान्हा की भक्ति में रम गया। भजन गायिकी करने लगा। उमेश ने बताया कि वृंदावन इतना भाने लगा था कि यहीं बसने की बात कहता था, लेकिन नियति को शायद कुछ और मंजूर था। ऋषभ अपने साथियों के साथ वृंदावन जाने को निकले तो वह बेहद खुश थे। क्या पता था कि जिस वृंदावन की माटी में उसे जिंदगी बसर करनी थी, उसी माटी में उसकी जान भी चली जाएगी। जगरांव से आए उमेश के रिश्तेदार उन्हें संभाल रहे थे। पिता का रो-रोकर बुरा हाल था।
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