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पालने में आई रिचा अब होगी पालकी में विदा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Feb 2022 08:31 PM IST
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Richa in the cradle will now leave in the palanquin
वृंदावन (मथुरा)। पालने में आई नन्हीं बेटी अब पालकी से विदा होगी। वात्सल्य ग्राम में बेटी के विवाह की तैयारियां जोरों पर हैं। 20 फरवरी को रिचा की शादी है।
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वात्सल्य ग्राम की अधिष्ठात्री साध्वी ऋतंभरा द्वारा संचालित परम शक्ति पीठ के सेवा प्रकल्प वात्सल्य ग्राम के अंतर्गत यशोदा-कृष्ण के भाव रूप को साकार करते हुए नानी, मौसी व यशोदा मां सुमन की छत्रछाया में पली-पढ़ी रिचा परमानंद के हाथ पीले करने का समय आ गया है।
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साध्वी ऋतंभरा का वात्सल्यमई दुलार पाने के लिए रिचा वात्सल्य ग्राम से पूर्व दिल्ली में चल रहे वात्सल्य प्रकल्प में 1 दिन की अवस्था में आई। उसका पालन पोषण दिल्ली में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली में हुई, उसके बाद उसने समविद गुरुकुलम वृंदावन में शिक्षा प्राप्त की और वनस्थली विद्यापीठ से ग्रेजुएशन किया तथा अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से एलएलएम किया और अब ऑल इंडिया बार एसोसिएशन की मेंबर बनने के बाद दिल्ली में प्रैक्टिस कर रही है।
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वात्सल्य ग्राम के मीडिया प्रभारी उमाशंकर राही ने बताया कि वात्सल्य ग्राम में 22 परिवार हैं। प्रत्येक परिवार में नानी, मौसी और मां के भाव संबंधों को स्थापित कर बच्चों का लालन-पालन हो रहा है। रिचा परमानंद-सुमन परमानंद की सातवीं बेटी है, जिसका विवाह हो रहा है। इससे पूर्व एक बेटा और 6 बेटियों का विवाह समाज के प्रतिष्ठित परिवारों में हो चुका है।
अधिवक्ता रिचा का विवाह इंदौर के राजेंद्र चौहान के बेटे अर्पित से होने जा रहा है। अर्पित कंप्यूटर साइंस से इंजीनियर हैं और वह वर्तमान में सीमेंस कंपनी पुणे में उच्च पद पर कार्यरत हैं। अर्पित की मां अनीता ने 20 वर्ष पूर्व दीदी मां की इंदौर में हो रही श्रीमद्भागवत कथा में एक मानसिक संकल्प लिया था कि मैं बेटे के लिए वात्सल्य ग्राम की बेटी का वरण करूंगी।

रिचा की वैवाहिक तैयारियां जोरों पर हैं। सभी हिंदू रीति-रिवाजों के साथ नानी, मौसी द्वारा गाए जा रहे मंगल गीतों के मध्य मेहंदी, हल्दी की रस्म हो चुकी है। मंडप और विवाह 20 फरवरी को वात्सल्य ग्राम के प्रांगण में समस्त हिंदू रीति-रिवाजों के साथ वैदिक मंत्रों द्वारा संपूर्ण होगा। विवाह में गणमान्य नागरिक, विद्वान जन, संतों, महंतों महामंडलेश्वरों शासनिक, प्रशासनिक विभूतियों को आमंत्रण भेजा गया है।
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