फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Registry office case mathura entire staff removed due to delay in giving original deed

रजिस्ट्री कार्यालय प्रकरण: फिरकी में उलझे तीनों अधिकारी, मूल डीड देने में देरी पर हटाया गया था पूरा स्टॉफ

Tue, 10 Dec 2024 08:29 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 10 Dec 2024 08:29 AM IST
सार

मूल डीड देने में देरी पर रजिस्ट्री कार्यालय के पूरे स्टाफ को हटा दिया गया। इस मामले में टीम जांच कर करी है। बंद कमरे में हुई पूछताछ में तीनों अधिकारी टीम के सवालों की फिरकी में उलझे रहे। 
 

विज्ञापन
Registry office case mathura entire staff removed due to delay in giving original deed
फ्रॉड। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मथुरा रजिस्ट्री कार्यालय में मूल डीड एक दिन में वापस न देने के मामले में सोमवार को जांच समिति ने तीनों अधिकारियों से बंद कमरे में अलग-अलग समय में पूछताछ की। तीनों अधिकारी जांच समिति की फिरकी में उलझे रहे। सही और सटीक जवाब न देने पर जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है। मंगलवार को भी अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी।
विज्ञापन


3 दिसंबर को वृंदावन के साधुराम तौरानी ने फ्लैट की रजिस्ट्री के बाद मूल डीड देरी से देने पर स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल से फोन पर अधिकारियों की शिकायत कर दी थी। साधुराम को रजिस्ट्री के बाद भी मूल डीड वापस नहीं दी गई, जबकि रजिस्ट्री के तत्काल बाद मूल डीड देने का नियम है। मामला संज्ञान में आने के बाद स्टांप एवं पंजीयन मंत्री ने राजस्व विभाग के उप निबंधन प्रथम अजय कुमार त्रिपाठी, कनिष्ठ सहायक प्रदीप उपाध्याय और सतीश कुमार चौधरी को विभिन्न जनपदों से संबद्ध कर दिया है।
विज्ञापन


पूरे मामले की गहनता से जांच करने के लिए अयोध्या मंडल के उप महानिरीक्षक (निबंधन) निरंजन कुमार और उप महानिरीक्षक निबंधन अविनाश पांडेय की जांच समिति गठित की गई है। मामले में सोमवार को जांच समिति ने तीनों अधिकारी से बंद कमरे में एक-एक घंटे तक पूछताछ की। जांच समिति ने बताया है कि मंगलवार को भी पूछताछ की जाएगी। बुधवार को टीम रवाना हो जाएगी। इसके बाद कई पन्नों की रिपोर्ट तैयार करके स्टांप एवं पंजीयन मंत्री को सौंपी जाएगी। अगर जांच में मूल डीड की वापसी एक दिन बाद पाई गई तो सभी को निलंबित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


निवर्तमान उप निबंधन प्रथम सदर अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को जांच समिति के सामने अपना पक्ष रखा है। तकनीकी समस्या के कारण मूल डीड नहीं दे पाए हैं। इसके अलावा भी कई सवालों के जवाब दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed