फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Rakhi tied on wrists of brothers in jail

Mathura: रक्षाबंधन पर जेल में भाइयों की कलाई पर बांधी राखी, बहनों ने अपराध से दूर रहने का लिया वचन

Sat, 09 Aug 2025 08:29 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: अरुन पाराशर Updated Sat, 09 Aug 2025 08:29 PM IST
सार

रक्षाबंधन पर जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके लिए जेल प्रशासन की ओर से भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बहनों ने राखी बांध भाइयों से अपराध से दूर रहने का वचन लिया।

विज्ञापन
Rakhi tied on wrists of brothers in jail
जेल में राखी बांधने पहुंचीं बहनें। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

रक्षाबंधन पर जेल में बंद अपने भाई की झलक पाते ही बहनों की आंख से आंसू निकल आए। भाइयों ने बहनों को अपराध से दूर रहने का वचन दिया। साथ ही जेल से बाहर निकलने के बाद ईमानदारी से जीवन व्यतीत करने का आश्वासन देकर रक्षा सूत्र बंधवाया। जेल प्रशासन के अनुसार रक्षाबंधन पर 1549 बहनों ने जेल में बंद 898 बंदियों के राखी बांधी। सुबह 8.30 से शाम 4.30 बजे तक 767 बच्चों समेत 2316 महिला-पुरुषों ने जेल में बंद अपने परिजन से मुलाकात की।
विज्ञापन


जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने बताया कि रक्षाबंधन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दूर दराज से आने वाली बहनों के ठहरने के लिए जेल प्रशासन ने टेंट और उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति ने पेयजल, बिस्कुट तथा बच्चों के लिए चॉकलेट की व्यवस्था की। वहीं जो महिला अपने साथ राखी नहीं लाईं थीं, जेल प्रशासन ने उनके लिए राखी, रोली व चावल और मिठाई की व्यवस्था की।
विज्ञापन


जेल में बंद बहनों से राखी बंधवाने आए 10 भाई
भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनें ही जेल में नहीं पहुंची, बल्कि 10 भाई भी जेल में बंद बहनों से राखी बंधवाने को जिला कारागार पहुंचे। जेल प्रशासन ने महिला बंदियों के लिए राखी और मिठाई की व्यवस्था की। राखी बंधवाने के बाद भाइयों ने अपनी बहनों को उपहार दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुछ दिव्यांग महिलाओं को नहीं मिली व्हीलचेयर
दिव्यांग बहनों को चेकिंग के बाद लाइन में नहीं लगने दिया गया। उन्हें व्हीलचेयर पर बिठाकर जेल के अंदर प्रवेश कराया गया। बावजूद इसके कई बहनें ऐसी रहीं, जिनको व्हील चेयर की सुविधा नहीं मिल पाई। शहर के गोपाल नगर क्षेत्र की रहने वाली दिव्यांग मंजू जमीन पर घिसटती हुई अपने भाई को राखी बांधने जेल पहुंची।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed