{"_id":"64dd297f29ad9787f206d4d8","slug":"railways-taking-legal-advice-after-supreme-courts-order-mathura-news-c-29-1-mtr1018-120952-2023-08-17","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मथुरा में रेलवे के बुलडोजर चलाने पर SC की रोक: इससे पहले ढह गए 135 आशियाने, बेघर हो गए लोग; अब मुआवजे की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा में रेलवे के बुलडोजर चलाने पर SC की रोक: इससे पहले ढह गए 135 आशियाने, बेघर हो गए लोग; अब मुआवजे की मांग
Thu, 17 Aug 2023 09:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Updated Thu, 17 Aug 2023 09:44 AM IST
सार
मथुरा में रेलवे द्वारा बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण गिराने पर SC ने रोक लगा दी है। इससे पहले 135 आशियाने ढहा दिए गए। लोग बेघर हो गए। लोग अब मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
Mathura News: श्रीकृष्ण जन्मस्थान के पास चला बुलडोजर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मथुरा में शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित नई बस्ती में रेलवे ने 135 अतिक्रमण चिह्नित किए। इसके बाद बुलडोजर चलाकर इन्हें हटा दिया। लोग बेघर हो गए। अब घर ढहने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही रेलवे को सात दिन में जवाब दाखिल करने को कहा है। इस पर रेलवे कोर्ट में जमीन संबंधी दस्तावेज पेश करने से पहले कानून के जानकारों से सलाह ले रहा है।
विज्ञापन
आगरा मंडल की पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि अभी रेलवे को सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर नहीं मिला है। लेकिन, मामला उनके संज्ञान में है। हमें सात दिन में जवाब दाखिल करना है। जमीन संबंधी दस्तावेज दाखिल करने हैं। इस संबंध में रेलवे द्वारा कानूनी सलाह ली जा रही है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- Agra News: इनर रिंग रोड के किनारे 140 करोड़ से बनेगा विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर, पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
विज्ञापन
वहीं नई बस्ती की ओर से याकूब शाह ने सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता राधा तरकर द्वारा 14 अगस्त को रिट दायर की थी। इस पर बुधवार को सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ ने दस दिन तक यथास्थिति के आदेश दिए हैं। साथ ही रेलवे को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।
यह भी पढ़ें- Independence Day: आगरा में ताज के साये में विदेशी पर्यटकों ने भी फहराया तिरंगा, धूमधाम से मना स्वतंत्रता दिवस
यह भी पढ़ें- Independence Day: आगरा में ताज के साये में विदेशी पर्यटकों ने भी फहराया तिरंगा, धूमधाम से मना स्वतंत्रता दिवस
सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता राधा तरकर ने बताया कि उन्होंने कोर्ट में रिट दायर कर कहा कि नई बस्ती में लोग 1888 से रह रहे हैं। जबकि, इसके बाद मथुरा-वृंदावन के बीच रेलवे लाइन डाली गई है। उन्होंने कोर्ट के समक्ष यह बात रखी कि मथुरा के सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में मामला लंबित हैं। इसके बावजूद रेलवे ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है। राष्ट्रीय लोकदल के नेता कुंवर नरेंद्र सिंह ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने नई बस्ती के गरीबों को न्याय प्रदान कर दिया है। हालांकि न्याय विलंब से मिला है।
यह भी पढ़ें- आगरा नगर निगम: मनमाने तरीके से चेक बना रहा लेखा विभाग का क्लर्क, मेयर ने लिखा पत्र- इसे हटाकर करें कार्रवाई
यह भी पढ़ें- आगरा नगर निगम: मनमाने तरीके से चेक बना रहा लेखा विभाग का क्लर्क, मेयर ने लिखा पत्र- इसे हटाकर करें कार्रवाई
नई बस्ती में 135 मकानों को ध्वस्त किया गया है। उन्होंने शासन से मांग की है कि जिनके मकान ध्वस्त हुए हैं उन मकान मालिकों को 15 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। साथ ही 100 गज जमीन आवंटित की जाए। अल्पसंख्यक सभा की प्रदेश प्रवक्ता शबनम कुरैशी ने प्रदेश के राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है। इसमें नई बस्ती के लोगों को मुआवजा देने की मांग की है।