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Braj ki Holi 2025: जावरा में जेठ संग बहुएं खेलती हैं जबर होली...राधा-बलराम से जूड़ी है अनूठी परंपरा

Fri, 14 Mar 2025 09:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कुशल प्रताप सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
कुशल प्रताप सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 14 Mar 2025 09:23 AM IST
सार

जावरा में दो दिन बहू और जेठ की होली होती है। होली जलने के अगले दिन धुलेंडी के दिन गांव के स्त्री-पुरुष एक मैदान में जमा होते हैं। इस दिन सामान्य होली होती है। इसी दिन शाम को होली गायन के साथ जेठ और भाभी के बीच हुरंगा होता है। गांव की बहुएं जेठों के साथ छड़ी होली खेलती हैं। 

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Radha-Balram played Holi with brother-in-law and sister-in-law in Jabra
मथुरा में होली के मौके पर उमड़े श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला / एजेंसी

विस्तार

ब्रज में होली निराली है। होली की इस परंपरा का उल्लेख अंग्रेज कलेक्टर एफएस ग्राउस ने अपनी पुस्तक 'ए डिस्ट्रिक्ट मेमोयर' में भी जिक्र किया है। मांट के गांव जाबरा में जेठ और भाभी की होली होती है। यहां राधाजी अपने जेठ बलराम संग जेठ-भाभी की होली खेली थी।
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मान्यता है कि फाल्गुन माह के उल्लास और श्रीकृष्ण के अग्रज ब्रज के बलरामजी ने जेठ होकर राधारानी से भाभी और देवर के समान होली खेलने की अभिलाषा व्यक्त की। राधाजी यह बात सुन कर विचलित हुईं और श्रीकृष्ण से कहा तो वे मुस्कराकर बोले कि त्रेता युग में बलराम लक्ष्मण थे, आप सीता के साथ रूप में उनकी भाभी थीं। उसी नाते से भाभी कह दिया होगा।
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मांट तहसील मुख्यालय से 4 किमी दूर स्थित गांव जाबरा में चैत्र कृष्ण पक्ष प्रतिपदा को सुबह कजरा होता है। इसमें ब्रजवासियों के साथ हुरियारे गाते-बजाते गांव की परिक्रमा करते हैं। गांव के वयोवृद्ध लोगों का दल कजरा के पीछे-पीछे ब्रजभाषा के प्राचीन होली के लोक गीतों को ऊंचे स्वरों में गाते हुए चलते हैं। हुरंगा से पूर्व गांव में छोटे-छोटे पहलवानों का दंगल होता है।
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शाम को गांव के बाहर मैदान में ब्रज के होली रसियों के गायन के साथ जेठ और भाभी के बीच विशाल हुरंगा और फिर गांव की परिक्रमा की जाती है। द्वितीया तिथि को जाबरा के गांव चंद्रवन में मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें आने वाले गांवों के लोग अपने-अपने गांव का नगाड़ा लेकर आते हैं। यहां रसियों और नगाड़ों की तान पर लोग जमकर नृत्य करते हैं। नगाड़े की ताल पर बुजुर्ग करतब दिखाते हैं। जाबरा भन्नी पर विशाल दंगल का आयोजन भी किया जाता है।

हुरंगा के कार्यक्रम
- 14 मार्च- सुबह 4 बजे होलिका दहन
- 14 मार्च- सुबह 8 बजे से धुल्लेंडी
- 14 मार्च- 11 बजे से छोटे बच्चों का दंगल
- 14 मार्च- दोपहर 1 बजे से परंपरागत कजरा (जिसमें रंग वर्षा के साथ गांव की परिक्रमा की जाएगी)
- 14 मार्च- शाम 4 बजे हुरंगा
- 15 मार्च- गांव जाबरा के मजरा चंद्रवन में विशाल मेला एवं नगाड़े की धुन पर पैंतरेबाजी
- 16 मार्च- दोपहर 01 बजे से जाबरा भन्नी पर विशाल कुश्ती दंगल और मेला
- 17 मार्च- दोपहर 12 बजे मुख्य चौराहे पर मेला और शाम 4 बजे विशाल हुरंगा।
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