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जनता को रास नहीं आए दलबदलू और बागी नेता
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 12 Mar 2017 12:36 AM IST
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मतगणना स्थल
जनपद की जनता को दलबदलू और बागी नेता पसंद नहीं आए। बलदेव विधानसभा क्षेत्र से पूरन प्रकाश को छोड़कर कोई भी बागी और दलबदलू जीत तो दूर अधिकांश जमानत भी नहीं बचा सके।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले विभिन्न दलों के टिकट वितरण के दौरान नेताओं में मची भगदड़ के दरम्यान जनपद के छह नेताओं की दलीय निष्ठा डोल गई थी। बलदेव से विधायक पूरन प्रकाश रालोद को छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। सपा नेता जगदीश नौहवार ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।
भाजपा नेता ऋषिराज सिंह रालोद के खेमे में शामिल हुए। बसपा से टिकट कटने के बाद अतुल सिंह सिसौदिया ने सपा का दामन थाम लिया। सपा के महानगर अध्यक्ष अशोक अग्रवाल भी गठबंधन में टिकट कांग्रेस के खाते में जाते ही रालोद से चुनाव मैदान में उतर आए। इन सभी नेताओं ने चुनाव लड़ा।
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शनिवार को आए नतीजों पर गौर करें तो बलदेव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में पूरन प्रकाश ही केवल जीत हासिल करने में सफल रहे। अन्य नेताओं को जीत नहीं मिली है। इसमें भी छाता से सपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार अतुल सिंह सिसौदिया ही जमानत बचा पाए। जगदीश नौहवार, ऋषिराज सिंह, डा. अशोक अग्रवाल की जमानत भी जब्त हो गई।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले विभिन्न दलों के टिकट वितरण के दौरान नेताओं में मची भगदड़ के दरम्यान जनपद के छह नेताओं की दलीय निष्ठा डोल गई थी। बलदेव से विधायक पूरन प्रकाश रालोद को छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। सपा नेता जगदीश नौहवार ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।
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भाजपा नेता ऋषिराज सिंह रालोद के खेमे में शामिल हुए। बसपा से टिकट कटने के बाद अतुल सिंह सिसौदिया ने सपा का दामन थाम लिया। सपा के महानगर अध्यक्ष अशोक अग्रवाल भी गठबंधन में टिकट कांग्रेस के खाते में जाते ही रालोद से चुनाव मैदान में उतर आए। इन सभी नेताओं ने चुनाव लड़ा।
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शनिवार को आए नतीजों पर गौर करें तो बलदेव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में पूरन प्रकाश ही केवल जीत हासिल करने में सफल रहे। अन्य नेताओं को जीत नहीं मिली है। इसमें भी छाता से सपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार अतुल सिंह सिसौदिया ही जमानत बचा पाए। जगदीश नौहवार, ऋषिराज सिंह, डा. अशोक अग्रवाल की जमानत भी जब्त हो गई।