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Mathura News: उम्र को बौना साबित कर 60 वर्षीय बुजुर्ग ने 3.23 घंटे तक किया शीर्षासन
Mon, 21 Aug 2023 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Updated Mon, 21 Aug 2023 12:41 AM IST
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मथुरा। कहते हैं कि उम्र केवल एक अंक है और मनोबल और संकल्प से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है। कुछ इसी तरह का एक उदाहरण सेना से सेवानिवृत्त कैप्टन ने प्रस्तुत किया है। इन्होंने 60 वर्ष की उम्र में रविवार को 3 घंटे से अधिक शीर्षासन कर गिनीज बुक ऑफ रिकाॅर्ड में अपना नाम दर्ज कराने का प्रयास किया लेकिन मात्र 11 मिनट से वह चूक गए।
मथुरा स्थित राया के गांव नगौड़ा निवासी 60 वर्षीय पूरन सिंह सोलंकी सेना से वर्ष 2012 में सेवानिवृत्त हुए। वह फिलहाल एटीवी के पीछे स्थित कॉलोनी में परिवार के साथ रह रहे हैं। उन्होंने एनआईए से योग का डिप्लोमा किया है। उन्होंने सेना में भी कुछ समय के लिए जवानों को योग सिखाया।
यहीं से उनमें योग के प्रति दिलचस्पी जागी। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने शीर्षासन के रिकाॅर्ड के बारे में पता किया और इसे तोड़ने के लिए प्रतिदिन अभ्यास आरंभ किया। पूरन सिंह कहते हैं कि वह प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 10 बजे तक शीर्षासन का अभ्यास करते हैं। कड़े अभ्यास के बाद जब उन्हें लगा कि वह रिकाॅर्ड तोड़ सकते हैं तो उन्होंने रविवार को इसे तोड़ने का प्रयास किया।
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हाईवे स्थित चंद्रलेखा कॉम्पलेक्स में इन्होंने शीर्षासन लगाया। पूरन सिंह का दावा है कि इन्होंने 3 घंटे 23 मिनट तक शीर्षासन किया। जबकि भारतीय रिकाॅर्ड 3.33 घंटे का है। वह मात्र 11 मिनट से इसे तोड़ने से चूक गए। पूरन सिंह ने बताया कि उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए काफी मेहनत की है। 3.33 घंटे का रिकाॅर्ड बनाने वाले युवक की आयु मात्र वर्ष है। जबकि उन्होंने 60 वर्ष की आयु में यह कारनामा किया है।
कहा कि उनकी पत्नी सत्यवती ने उनका काफी मनोबल बढ़ाया। उनका यह प्रथम प्रयास था, इसमें वह 3.23 घंटे तक पहुंच गए। उन्हें पूरा विश्वास है कि अगले प्रयास में इस रिकाॅर्ड को तोड़ देंगे। कहा कि हालांकि 60 वर्ष की आयु में इतने समय तक शीर्षासन करना भी एक बड़ी बात है। पूरन सिंह के दो बेटे हैं। इनके बड़े बेटे आनंद सोलंकी एयरफोर्स में हैं। जबकि दूसरे बेटे रविंद्र सोलंकी दुकान करते हैं।
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मथुरा स्थित राया के गांव नगौड़ा निवासी 60 वर्षीय पूरन सिंह सोलंकी सेना से वर्ष 2012 में सेवानिवृत्त हुए। वह फिलहाल एटीवी के पीछे स्थित कॉलोनी में परिवार के साथ रह रहे हैं। उन्होंने एनआईए से योग का डिप्लोमा किया है। उन्होंने सेना में भी कुछ समय के लिए जवानों को योग सिखाया।
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यहीं से उनमें योग के प्रति दिलचस्पी जागी। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने शीर्षासन के रिकाॅर्ड के बारे में पता किया और इसे तोड़ने के लिए प्रतिदिन अभ्यास आरंभ किया। पूरन सिंह कहते हैं कि वह प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 10 बजे तक शीर्षासन का अभ्यास करते हैं। कड़े अभ्यास के बाद जब उन्हें लगा कि वह रिकाॅर्ड तोड़ सकते हैं तो उन्होंने रविवार को इसे तोड़ने का प्रयास किया।
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हाईवे स्थित चंद्रलेखा कॉम्पलेक्स में इन्होंने शीर्षासन लगाया। पूरन सिंह का दावा है कि इन्होंने 3 घंटे 23 मिनट तक शीर्षासन किया। जबकि भारतीय रिकाॅर्ड 3.33 घंटे का है। वह मात्र 11 मिनट से इसे तोड़ने से चूक गए। पूरन सिंह ने बताया कि उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए काफी मेहनत की है। 3.33 घंटे का रिकाॅर्ड बनाने वाले युवक की आयु मात्र वर्ष है। जबकि उन्होंने 60 वर्ष की आयु में यह कारनामा किया है।
कहा कि उनकी पत्नी सत्यवती ने उनका काफी मनोबल बढ़ाया। उनका यह प्रथम प्रयास था, इसमें वह 3.23 घंटे तक पहुंच गए। उन्हें पूरा विश्वास है कि अगले प्रयास में इस रिकाॅर्ड को तोड़ देंगे। कहा कि हालांकि 60 वर्ष की आयु में इतने समय तक शीर्षासन करना भी एक बड़ी बात है। पूरन सिंह के दो बेटे हैं। इनके बड़े बेटे आनंद सोलंकी एयरफोर्स में हैं। जबकि दूसरे बेटे रविंद्र सोलंकी दुकान करते हैं।