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10 दिन बाद आर-पार की चेतावनी
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 04 Jun 2015 11:58 PM IST
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सनसिटी को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आठ दिन बाद भी प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई कदम न उठाए जाने से नाराज किसानों ने गुरुवार को कलक्ट्रेट पर हल्ला बोल दिया। पहले चकबंदी कार्यालय पर प्रदर्शन किया, फिर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष के समक्ष नारेबाजी की। किसानों के तेवर देख अधिकारी भी घबरा गए थे। डीएम खुद किसानों से मिले। यहां किसानों ने प्रशासन को 10 दिन में समाधान करने को कहा है।
नेशनल हाईवे के निकट गांव जैंत, छटीकरा, सुनरख बांगर सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों की जमीन के लिए किसानों का सनसिटी हाईटेक प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है। हाईटेक सिटी से हाथ खींचने वाली कंपनी से किसान जमीन वापस मांग रहे हैं। इसी मांग को लेकर पिछले सप्ताह भी किसानों ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया था।
उस वक्त डीएम के जनपद से बाहर होने की बात कही गई। गुरुवार को किसान एक बार फिर कलक्ट्रेट आ धमके। पहले चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए किसानों ने चकबंदी अधिकारियों पर सनसिटी के पक्ष में काम करने के गंभीर आरोप लगाए।
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यहां प्रदर्शन के बाद आक्रोशित किसान कलक्ट्रेट सभाकक्ष के सामने वटवृक्ष के नीचे जा पहुंचे। कर करेत्तर और शिकायत निस्तारण संबंधी समीक्षा बैठक होने के कारण सभाकक्ष में डीएम सहित सभी प्रशासनिक अफसर मौजूद थे। यहां भी किसानों ने नारेबाजी की। प्रदर्शन का यह दौर काफी समय तक चला। इसके बाद डीएम ने बैठक छोड़कर किसान प्रतिनिधियों से वार्ता की।
हालांकि डीएम ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है। इस पर किसान प्रतिनिधियों ने डीएम को 10 दिन तक समय दिया। ब्रज वृंदावन किसान संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदर्शन के दौरान पीतम पहलवान, भगवान सिंह, श्याम सिंह, सुनील कुमार, नवीन कुमार, सावित्री देवी आदि शामिल थे।
काफी देर मंथन के बाद मिले डीएम
किसानों के तेवर देख डीएम भी उनसे समूह में मिलने से कतराते रहे। हालांकि उन्होंने बीच में ही समीक्षा बैठक छोड़ दी और वेटिंग रूम में जमीन अधिग्रहण से जुड़े अफसरों के साथ चले गए। यहां काफी वक्त तक इस मामले को लेकर संबंधित अफसरों के साथ मंथन किया। इसके बाद किसान प्रतिनिधि के रूप में ठाकुर राजेंद्र सिंह, डा. जीएसडी मिश्रा अधिवक्ता हाईकोर्ट, ठाकुर दलवीर सिंह, छैलबिहारी गौतम, ठाकुर महेंद्र सिंह सेंगर से मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने डीएम के समक्ष सनसिटी द्वारा ली गई जमीन की प्रक्रिया को अवैध बताया। इस संदर्भ में कुछ शासन के आदेश और कोर्ट के आदेश भी प्रस्तुत किए।
प्रशासन को 10 दिन की मोहलत
ब्रज वृंदावन किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने साफ कह दिया है कि 10 दिन में जिला प्रशासन इस समस्या का समाधान खोज ले। इसके बाद आंदोलन की अगली रणनीति किसान तय करेंगे। इसके लिए 14 जून को छटीकरा स्थित मंदिर गरुण गोविंद में पंचायत करने का फैसला किया गया है।
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नेशनल हाईवे के निकट गांव जैंत, छटीकरा, सुनरख बांगर सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों की जमीन के लिए किसानों का सनसिटी हाईटेक प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है। हाईटेक सिटी से हाथ खींचने वाली कंपनी से किसान जमीन वापस मांग रहे हैं। इसी मांग को लेकर पिछले सप्ताह भी किसानों ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया था।
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उस वक्त डीएम के जनपद से बाहर होने की बात कही गई। गुरुवार को किसान एक बार फिर कलक्ट्रेट आ धमके। पहले चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए किसानों ने चकबंदी अधिकारियों पर सनसिटी के पक्ष में काम करने के गंभीर आरोप लगाए।
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यहां प्रदर्शन के बाद आक्रोशित किसान कलक्ट्रेट सभाकक्ष के सामने वटवृक्ष के नीचे जा पहुंचे। कर करेत्तर और शिकायत निस्तारण संबंधी समीक्षा बैठक होने के कारण सभाकक्ष में डीएम सहित सभी प्रशासनिक अफसर मौजूद थे। यहां भी किसानों ने नारेबाजी की। प्रदर्शन का यह दौर काफी समय तक चला। इसके बाद डीएम ने बैठक छोड़कर किसान प्रतिनिधियों से वार्ता की।
हालांकि डीएम ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है। इस पर किसान प्रतिनिधियों ने डीएम को 10 दिन तक समय दिया। ब्रज वृंदावन किसान संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदर्शन के दौरान पीतम पहलवान, भगवान सिंह, श्याम सिंह, सुनील कुमार, नवीन कुमार, सावित्री देवी आदि शामिल थे।
काफी देर मंथन के बाद मिले डीएम
किसानों के तेवर देख डीएम भी उनसे समूह में मिलने से कतराते रहे। हालांकि उन्होंने बीच में ही समीक्षा बैठक छोड़ दी और वेटिंग रूम में जमीन अधिग्रहण से जुड़े अफसरों के साथ चले गए। यहां काफी वक्त तक इस मामले को लेकर संबंधित अफसरों के साथ मंथन किया। इसके बाद किसान प्रतिनिधि के रूप में ठाकुर राजेंद्र सिंह, डा. जीएसडी मिश्रा अधिवक्ता हाईकोर्ट, ठाकुर दलवीर सिंह, छैलबिहारी गौतम, ठाकुर महेंद्र सिंह सेंगर से मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने डीएम के समक्ष सनसिटी द्वारा ली गई जमीन की प्रक्रिया को अवैध बताया। इस संदर्भ में कुछ शासन के आदेश और कोर्ट के आदेश भी प्रस्तुत किए।
प्रशासन को 10 दिन की मोहलत
ब्रज वृंदावन किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने साफ कह दिया है कि 10 दिन में जिला प्रशासन इस समस्या का समाधान खोज ले। इसके बाद आंदोलन की अगली रणनीति किसान तय करेंगे। इसके लिए 14 जून को छटीकरा स्थित मंदिर गरुण गोविंद में पंचायत करने का फैसला किया गया है।