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बंदरों के भय से रोशन नहीं हो सकीं संरक्षित इमारते
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वृंदावन (मथुरा)। बंदरों के भय के कारण बृहस्पतिवार को संरक्षित इमारतें रोशन नहीं हो सकीं। एएसआई ने ट्रायल तो किया लेकिन बाद में इन लाइटों को हटा लिया गया।
सौ करोड़ वैक्सीन लगने के उपलक्ष्य में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की स्वीकृति के बाद देश की एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) द्वारा संरक्षित प्राचीन इमारतों को तिरंगा रोशनी में सजाए जाने का कार्य शुरू किया गया है। इन संरक्षित इमारतों में वृंदावन के मदन मोहन मंदिर और गोविंददेव मंदिर को भी शामिल किया गया है। इन इमारतों को तिरंगा रोशनी में सजाए जाने का काम पिछले दो दिन से चल रहा है। एएसआई के अधिकारी दो दिन से इन इमारतों की सफाई धुलाई की कवायद में लगे हैं।
बृहस्पतिवार को विद्युत तकनीशियनों की टीम दोनों इमारतों को तिरंगा रोशनी से जगमग करने के उद्देश्य से वृंदावन पहुंची। उन्होंने दोनों इमारतों पर तिरंगा रोशनी की लाइटें भी लगा दीं। एक बार ट्रायल करने के बाद लाइटों को हटा दिया गया। इसके पीछे दोनों मंदिरों के पास बंदरों का उत्पात बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अब 16 और 17 अक्तूबर को दोनों इमारतों को तिरंगा रोशनी से सजाए जाएगा। इससे पहले एसएसआई की टीम दोनों मंदिरों पर विद्युत लाइटों की व्यवस्था को पूरा करना चाहती है।
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सौ करोड़ वैक्सीन लगने के उपलक्ष्य में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की स्वीकृति के बाद देश की एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) द्वारा संरक्षित प्राचीन इमारतों को तिरंगा रोशनी में सजाए जाने का कार्य शुरू किया गया है। इन संरक्षित इमारतों में वृंदावन के मदन मोहन मंदिर और गोविंददेव मंदिर को भी शामिल किया गया है। इन इमारतों को तिरंगा रोशनी में सजाए जाने का काम पिछले दो दिन से चल रहा है। एएसआई के अधिकारी दो दिन से इन इमारतों की सफाई धुलाई की कवायद में लगे हैं।
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बृहस्पतिवार को विद्युत तकनीशियनों की टीम दोनों इमारतों को तिरंगा रोशनी से जगमग करने के उद्देश्य से वृंदावन पहुंची। उन्होंने दोनों इमारतों पर तिरंगा रोशनी की लाइटें भी लगा दीं। एक बार ट्रायल करने के बाद लाइटों को हटा दिया गया। इसके पीछे दोनों मंदिरों के पास बंदरों का उत्पात बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अब 16 और 17 अक्तूबर को दोनों इमारतों को तिरंगा रोशनी से सजाए जाएगा। इससे पहले एसएसआई की टीम दोनों मंदिरों पर विद्युत लाइटों की व्यवस्था को पूरा करना चाहती है।
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