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मथुरा में अब वृंदावन कुंभ मंच पर दिखाई देगी प्रदेश सांस्कृतिक झलक
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वृंदावन (मथुरा)। अब वृंदावन कुंभ मेला में प्रदेश की सांस्कृतिक झलक नजर आएगी। संस्कृति विभाग द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसके अंतर्गत 26 फरवरी से 24 मार्च 2021 तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संस्कृति विभाग द्वारा बनाई गई रूपरेखा के अनुसार अब कुंभ मेला मंच पर अवधी, भोजपुरी, आदिवासी, थारू जनजातीय, राई लोकनृत्य, कर्मा आदिवासी लोकनृत्य, निर्गुण कबीर गायन, बिरहा गायन, फरूवाही लोकनृत्य, फाग गायन, रागिनी, आल्हा गायन आदि के अतिरिक्त ब्रज की पारंपरिक रासलीला, रामलीला, स्वांग-नौटंकी, जिकड़ी भजन, रसिया गायन, मयूर नृत्य, चरकुला नृत्य आदि की प्रस्तुति विख्यात कलाकारों द्वारा दी जाएगी।
यह कार्यक्रम कुंभ मेला स्थित सांस्कृतिक मंच पर प्रतिदिन शाम पांच बजे से रात 9.30 बजे तक होंगे। कुंभ मेला के शाही स्नानों वाले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। प्रथम दिन 26 फरवरी की शाम पांच बजे से सात बजे तक लखनऊ की कुसुम वर्मा द्वारा अवधी लोकगायन की प्रस्तुति दी जाएगी।
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श्रावस्ती के सुरेंद्र कुमार के दल द्वारा थारू जनजातीय लोकनृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। मथुरा की वंदनाश्री द्वारा ब्रज लोकनृत्य चरकुला, मयूर नृत्य और फूलों की होली की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद शाम सात बजे से रात्रि 9.30 बजे तक जेएसआर मधुकर का भजन गायन और स्वामी अशोक कुमार शर्मा द्वारा रासलीला का मंचन किया जाएगा।
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संस्कृति विभाग द्वारा बनाई गई रूपरेखा के अनुसार अब कुंभ मेला मंच पर अवधी, भोजपुरी, आदिवासी, थारू जनजातीय, राई लोकनृत्य, कर्मा आदिवासी लोकनृत्य, निर्गुण कबीर गायन, बिरहा गायन, फरूवाही लोकनृत्य, फाग गायन, रागिनी, आल्हा गायन आदि के अतिरिक्त ब्रज की पारंपरिक रासलीला, रामलीला, स्वांग-नौटंकी, जिकड़ी भजन, रसिया गायन, मयूर नृत्य, चरकुला नृत्य आदि की प्रस्तुति विख्यात कलाकारों द्वारा दी जाएगी।
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यह कार्यक्रम कुंभ मेला स्थित सांस्कृतिक मंच पर प्रतिदिन शाम पांच बजे से रात 9.30 बजे तक होंगे। कुंभ मेला के शाही स्नानों वाले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। प्रथम दिन 26 फरवरी की शाम पांच बजे से सात बजे तक लखनऊ की कुसुम वर्मा द्वारा अवधी लोकगायन की प्रस्तुति दी जाएगी।
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श्रावस्ती के सुरेंद्र कुमार के दल द्वारा थारू जनजातीय लोकनृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। मथुरा की वंदनाश्री द्वारा ब्रज लोकनृत्य चरकुला, मयूर नृत्य और फूलों की होली की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद शाम सात बजे से रात्रि 9.30 बजे तक जेएसआर मधुकर का भजन गायन और स्वामी अशोक कुमार शर्मा द्वारा रासलीला का मंचन किया जाएगा।