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Mathura News: मतदाता सूची से नाम गायब होने के मामले में 29 तक पेश करें जवाब
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मथुरा। नगर निगम चुनाव में वार्ड 65 में परिसीमन के अनुसार मतदाता सूची से 446 वोटर के नाम गायब होने के मामले में दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा व सैयद आफतब हुसैन रिजवी के समक्ष बहस हुई। इसके बाद न्यायालय ने राज्य सरकार को 29 अगस्त तक जवाब पेश करने का आदेश दिया है।
याचिकाकर्ता चूना कंकड़ निवासी प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने खुद ही इस मामले में बहस की। कोर्ट ने पूछा कि जो वोट काटे गए हैं क्या वे सब मौजूद हैं। इस पर याची ने कहा कि सभी मतदाता मौजूद और उपजिलाधिकारी के वोट काटने के आदेश की प्रति तलब की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। याची ने कहा कि मथुरा नगर निगम के वार्ड 65 के पार्षद चुनाव में परिसीमन नक्शा अनुसार मतदाता सूची में बड़ी गड़बड थी।
भाग संख्या 453 में मतदाताओं के नाम होने के बावजूद साजिश के तहत 446 वोट गायब कर दिए गए। मामले में राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कौशलेश प्रताप सिंह अधिवक्ता तथा मुख्य सचिव व जिलाधिकारी की ओर से शासकीय अधिवक्ता पेश हुए। याचिका में पक्षकार मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग नगरीय निकाय, व जिलाधिकारी / जिला निर्वाचन अधिकारी मथुरा को बनाया है।
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याचिकाकर्ता चूना कंकड़ निवासी प्रकाश चंद्र अग्रवाल ने खुद ही इस मामले में बहस की। कोर्ट ने पूछा कि जो वोट काटे गए हैं क्या वे सब मौजूद हैं। इस पर याची ने कहा कि सभी मतदाता मौजूद और उपजिलाधिकारी के वोट काटने के आदेश की प्रति तलब की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। याची ने कहा कि मथुरा नगर निगम के वार्ड 65 के पार्षद चुनाव में परिसीमन नक्शा अनुसार मतदाता सूची में बड़ी गड़बड थी।
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भाग संख्या 453 में मतदाताओं के नाम होने के बावजूद साजिश के तहत 446 वोट गायब कर दिए गए। मामले में राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कौशलेश प्रताप सिंह अधिवक्ता तथा मुख्य सचिव व जिलाधिकारी की ओर से शासकीय अधिवक्ता पेश हुए। याचिका में पक्षकार मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग नगरीय निकाय, व जिलाधिकारी / जिला निर्वाचन अधिकारी मथुरा को बनाया है।
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