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Mathura News: पोतराकुंड और मंदिर गोपीनाथ दिए गोद
Tue, 09 May 2023 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Updated Tue, 09 May 2023 12:11 AM IST
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मथुरा। जनपद की प्राचीन धरोहरों का संरक्षण अब निजी हाथों में होगा। इसके लिए पुरातत्व विभाग ने अपने कदम बढ़ा दिए हैं। कुसुम सरोवर और रसखान की समाधि के बाद अब दो और स्मारकों को निजी हाथों को सौंप दिया गया है। इसमें वृंदावन का गोपीनाथ मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मस्थान स्थित पोतराकुंड शामिल है। इसका अनुबंध मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना की मौजूदगी में पुरातत्व अधिकारी और निजी संस्थाओं के बीच हुआ।
केंद्र सरकार अडॉप्ट हेरिटेज पॉलिसी के तहत भारतीय सर्वेक्षण के अधीन संरक्षित स्मारकों का निजी संस्थाओं से देखरेख करा रही है। इसी पैटर्न पर राज्य सरकार ने भी निजी संस्थाओं को स्मारक मित्र बनाने का फैसला किया है। इसमें राज्य संरक्षित स्मारक पर स्मारक मित्र को नियुक्त किया जा रहा है। स्मारक मित्र द्वारा स्मारक की देखरेख, रखरखाव और जन सुविधाओं के प्रबंधन का कार्य किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत सोमवार को श्रीकृष्ण जन्मस्थान निकट स्थित पोतराकुंड को मुंबई की संस्था को गोद दिया गया है, जबकि वृंदावन के गोपीनाथ मंदिर को वृंदावन निवासी अभिषेक गोस्वामी को गोद दिया है। यह अनुबंध सीडीओ की मौजूदगी में हुआ।
क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी राजीव तिवारी ने बताया कि पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित स्मारक कुसुम सरोवर तथा रसखान की समाधि पर जीएलए विश्वविद्यालय को पहले ही स्मारक मित्र बना चुका है l इसी प्रक्रिया में पोतराकुंड और गोपीनाथ मंदिर के लिए स्मारक मित्र बनाए गए हैं l भविष्य में इसी प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार के अन्य संरक्षित स्मारकों पर भी स्मारक मित्र बनाए जाएंगे। स्मारक को गोद देकर उस पर पर्यटन संबंधी सुविधाओं और जन सुविधाओं का प्रबंधन कराया जाएगा।
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केंद्र सरकार अडॉप्ट हेरिटेज पॉलिसी के तहत भारतीय सर्वेक्षण के अधीन संरक्षित स्मारकों का निजी संस्थाओं से देखरेख करा रही है। इसी पैटर्न पर राज्य सरकार ने भी निजी संस्थाओं को स्मारक मित्र बनाने का फैसला किया है। इसमें राज्य संरक्षित स्मारक पर स्मारक मित्र को नियुक्त किया जा रहा है। स्मारक मित्र द्वारा स्मारक की देखरेख, रखरखाव और जन सुविधाओं के प्रबंधन का कार्य किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत सोमवार को श्रीकृष्ण जन्मस्थान निकट स्थित पोतराकुंड को मुंबई की संस्था को गोद दिया गया है, जबकि वृंदावन के गोपीनाथ मंदिर को वृंदावन निवासी अभिषेक गोस्वामी को गोद दिया है। यह अनुबंध सीडीओ की मौजूदगी में हुआ।
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क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी राजीव तिवारी ने बताया कि पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित स्मारक कुसुम सरोवर तथा रसखान की समाधि पर जीएलए विश्वविद्यालय को पहले ही स्मारक मित्र बना चुका है l इसी प्रक्रिया में पोतराकुंड और गोपीनाथ मंदिर के लिए स्मारक मित्र बनाए गए हैं l भविष्य में इसी प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार के अन्य संरक्षित स्मारकों पर भी स्मारक मित्र बनाए जाएंगे। स्मारक को गोद देकर उस पर पर्यटन संबंधी सुविधाओं और जन सुविधाओं का प्रबंधन कराया जाएगा।
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