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रामवृक्ष का हत्या के उद्देश्य से अपहरण कर ले गई थी पुलिस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Apr 2022 11:33 PM IST
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Police had kidnapped Ramvriksha for the purpose of killing
मथुरा। दो जून २०१६ को पुलिस मेरे सामने पुलिस लाइन ग्राउंड से हत्या के उद्देश्य से नेताजी (रामवृक्ष यादव) को पकड़ कर ले गई थी। जिनका अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है। मुझे आशंका है कि नेताजी को अभी तक बंधक बनाकर रखा गया है। नेताजी को बंधक बनाने वालों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई की जाए। सीजेएम राकेश सिंह की अदालत कोे जवाहर बाग कांड के मुख्य आरोपी रहे रामवृक्ष यादव के मुख्य सहयोगी तथा गुरुभाई राजनारायण शुक्ला ने यह प्रार्थनापत्र दिया है। राजनारायण शुक्ला मूल रूप से बस्ती के रहने वाले हैं, जो जवाहर बाग कांड के समय रामवृक्ष यादव के साथ मौजूद थे।
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दिसंबर २०२१ में राजनारायण शुक्ला ने अदालत को दिए प्रार्थनापत्र में कहा है कि दो जून २०१६ को वह स्वयं तथा हरनाथ, अमित गुप्ता आदि नेताजी के साथ जवाहर बाग मेें मौजूद थे। अचानक पुलिस ने हमला कर दिया, जिसमें बहुत सारे लोग मारे गए। हम किसी प्रकार से बचकर पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर पहुंच गए। जहां पर कुछ पुलिस वाले आए और वह रामवृक्ष यादव को बोलेरो में जबरन डालकर हत्या के उद्देश्य से अपहरण कर ले गए।
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आशंका है कि नेताजी को पुलिस ने बंधक बनाकर रखा है। राजनारायण ने अदालत से प्रार्थना की है कि रामवृक्ष यादव का अपहरण करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच कराई जाए। साथ ही पता किया जाए कि इस समय रामवृक्ष यादव कहां हैं। उनके अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि अदालत ने अभी तक राजनारायण के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई नहीं की है। उन्हेें उम्मीद है कि ११ अप्रैल को इस मामले पर अदालत अवश्य सुनवाई करेगी।
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सीबीआई की डीएनए रिपोर्ट के बाद सुनवाई होगी रोचक
सीबीआई द्वारा पोस्टमार्टम कराए गए शव का डीएनए रामवृक्ष यादव का होना बताया गया है। जिसके आधार पर उसने रामवृक्ष यादव को मृत भी घोषित किया है। इस तथ्य के प्रकाश में आने के बाद अदालत मेें दिए गए राजनारायण के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। इस रिपोर्ट के बाद राजनारायण के आरोपों पर भी बहस हो सकती है।
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