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Mathura: हथियार बनाने की फैक्टरी पकड़ी...बदमाशों ने चलाई गोली, पुलिस ने कर दिया ऐसा हाल; सरगना पकड़ से दूर
Tue, 04 Mar 2025 06:33 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 04 Mar 2025 06:33 PM IST
सार
पुलिस को देख हथियार बनाने वाले तीन बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो दो युवक पुलिस की गोली लगने से घायल हो गए। एक बदमाश भाग निकला।
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बदमाशों से बरामद हथियार व पुलिस टीम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मथुरा में एसओजी और छाता पुलिस ने हथियार की फैक्टरी चलाने वाले दो बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुख्य सरगना भागने में सफल रहा। मुठभेड़ में गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए। पुलिस ने पहले उन्हें अस्पताल में और फिर कोर्ट में पेश किया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि छाता कोतवाली क्षेत्र स्थित गांव दद्दीगढ़ी से पहले निर्माणाधीन कॉलोनी स्थित मकान में अवैध शस्त्र बनाने की फैक्टरी संचालित हो रही थी। सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा और एसओजी प्रभारी राकेश कुमार यादव टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस को देख हथियार बनाने वाले तीन बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो दो युवक पुलिस की गोली लगने से घायल हो गए। जबकि एक पुलिस को गच्चा देखकर भाग निकला।
पुलिस ने मौके से रिवाॅल्वर, राइफल, 5 तमंचा, 7 जिंदा, 4 खोखा कारतूस, हथियार बनाने में उपयोग होने वाले उपकरण बरामद किए। पुलिस घायलों को लेकर अस्पताल पहुंची। यहां पूछताछ में उन्होंने अपने नाम थाना महावन के नगला लोका निवासी रोहित, औरंगाबाद की दीपपुरम कॉलोनी निवासी हेमंत तथा भागे साथी का नाम नगला लोका निवासी हाकिम सिंह बताया। पुलिस ने अस्पताल में उपचार करने के बाद तीनों को कोर्ट में पेश किया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया।
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पूछताछ में उन्होंने सप्लायरों के नाम बताए हैं। एक टीम सप्लायरों की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई है। साथ ही अभी तक इन लोगों ने कहां-कहां हथियारों की बिक्री की है, इसकी भी जानकारी की जा रही है।
बेटे को पुलिस के बीच घिरा देख छोड़कर भागा पिता
अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री संचालित करने वालों में हाकिम और रोहित पिता-पुत्र हैं। एसओजी प्रभारी राकेश यादव ने बताया कि जब बदमाशों ने फायरिंग की तो जवाबी कार्रवाई में हेमंत और रोहित की टांग में गोली लग गई। यह देख हाकिम सिंह अपने घायल पुत्र रोहित को मौके से छोड़कर भाग खड़ा हुआ। उसकी तलाश में काफी कांबिंग की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
पिता से ही ली हथियार बनाने की ट्रेनिंग
कोतवाली प्रभारी विनोद बाबू मिश्रा ने बताया कि हाकिम सिंह पिछले करीब 10 साल से हथियार बनाने का कार्य करता है। उसने अपने बेटे को भी इस कार्य में लगा लिया। रोहित ने अपने पिता से ही हथियार बनाना सीखा। इसके बाद पिता-पुत्र बड़ी संख्या में हथियार बनाने लगे। उन्होंने बताया कि रोहित और हेमंत पिछले डेढ़ साल से हथियार बनाने के कार्य में लगे हुए हैं। यह लोग इतने शातिर है कि एक स्थान पर ज्यादा दिनों तक काम नहीं करते हैं। समय-समय पर अपना ठिकाना बदलते रहते हैं, ताकि पुलिस को खबर न लगे।
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डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि छाता कोतवाली क्षेत्र स्थित गांव दद्दीगढ़ी से पहले निर्माणाधीन कॉलोनी स्थित मकान में अवैध शस्त्र बनाने की फैक्टरी संचालित हो रही थी। सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा और एसओजी प्रभारी राकेश कुमार यादव टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस को देख हथियार बनाने वाले तीन बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो दो युवक पुलिस की गोली लगने से घायल हो गए। जबकि एक पुलिस को गच्चा देखकर भाग निकला।
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पुलिस ने मौके से रिवाॅल्वर, राइफल, 5 तमंचा, 7 जिंदा, 4 खोखा कारतूस, हथियार बनाने में उपयोग होने वाले उपकरण बरामद किए। पुलिस घायलों को लेकर अस्पताल पहुंची। यहां पूछताछ में उन्होंने अपने नाम थाना महावन के नगला लोका निवासी रोहित, औरंगाबाद की दीपपुरम कॉलोनी निवासी हेमंत तथा भागे साथी का नाम नगला लोका निवासी हाकिम सिंह बताया। पुलिस ने अस्पताल में उपचार करने के बाद तीनों को कोर्ट में पेश किया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया।
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पूछताछ में उन्होंने सप्लायरों के नाम बताए हैं। एक टीम सप्लायरों की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई है। साथ ही अभी तक इन लोगों ने कहां-कहां हथियारों की बिक्री की है, इसकी भी जानकारी की जा रही है।
बेटे को पुलिस के बीच घिरा देख छोड़कर भागा पिता
अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री संचालित करने वालों में हाकिम और रोहित पिता-पुत्र हैं। एसओजी प्रभारी राकेश यादव ने बताया कि जब बदमाशों ने फायरिंग की तो जवाबी कार्रवाई में हेमंत और रोहित की टांग में गोली लग गई। यह देख हाकिम सिंह अपने घायल पुत्र रोहित को मौके से छोड़कर भाग खड़ा हुआ। उसकी तलाश में काफी कांबिंग की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
पिता से ही ली हथियार बनाने की ट्रेनिंग
कोतवाली प्रभारी विनोद बाबू मिश्रा ने बताया कि हाकिम सिंह पिछले करीब 10 साल से हथियार बनाने का कार्य करता है। उसने अपने बेटे को भी इस कार्य में लगा लिया। रोहित ने अपने पिता से ही हथियार बनाना सीखा। इसके बाद पिता-पुत्र बड़ी संख्या में हथियार बनाने लगे। उन्होंने बताया कि रोहित और हेमंत पिछले डेढ़ साल से हथियार बनाने के कार्य में लगे हुए हैं। यह लोग इतने शातिर है कि एक स्थान पर ज्यादा दिनों तक काम नहीं करते हैं। समय-समय पर अपना ठिकाना बदलते रहते हैं, ताकि पुलिस को खबर न लगे।