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Mathura News: मुठभेड़ से एक दिन पहले रेवाड़ी में तारीख पर गया था पप्पू
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मथुरा। मुठभेड़ में ढेर अंतरराज्यीय डकैत पप्पू उर्फ राजेंद्र के जीवन के अंतिम 48 घंटों की कड़ियां धीरे-धीरे जुड़ने लगी हैं। शुक्रवार को मथुरा के ध्रुव घाट पर पति का अंतिम संस्कार करने पहुंची पत्नी ने चौंकाने वाले खुलासे किए। बताया कि पप्पू अपराध की दुनिया और घर के बीच दोहरी जिंदगी जी रहा था। यूपी के साथ-साथ कई राज्यों में उसका आतंक था।
राजस्थान के अलवर के बहरोड़ क्षेत्र के आंबेडकर नगर निवासी डकैत पप्पू उर्फ राजेंद्र बृहस्पतिवार को पुलिस मुठभेड़ ढेर हो गया था। शुक्रवार को उसका शव लेने के लिए मथुरा पहुंची उसकी पत्नी विमला व बहन गीता और बच्चों ने शव घर लेने जाने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने ध्रुव घाट पर ही उसका अंतिम संस्कार कराया। विमला के धेवते ने मुखाग्नि दी।
पत्नी ने बताया कि मुठभेड़ से एक दिन पहले पप्पू हरियाणा के रेवाड़ी में था। वहां वह अपने खिलाफ दर्ज एक पुराने मामले की पैरवी के लिए कोर्ट गया था। रेवाड़ी से लौटने के बाद उसने अपने परिवार को बताया कि वह अलीगढ़ अपनी बहन के यहां जा रहा है। इसके बाद बृहस्पतिवार दोपहर को उनके पास मथुरा पुलिस का फोन आया कि पप्पू की मुठभेड़ में मौत हो गई। उसका घर पर बहुत कम आना-जाना था।
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मेरठ से की थी डकैती शुरुआत
पप्पू ने 1982 में मेरठ से डकैती की शुरुआत कर अपराध की दुनिया में प्रवेश किया था। पुलिस की मानें तो पप्पू और उसका गैंग बेहद शातिर तरीके से एक राज्य में अपराध कर दूसरे राज्य में शरण ले लेता था। यूपी के पश्चिमी जिलों सहित हरियाणा, राजस्थान तक आतंक था।
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राजस्थान के अलवर के बहरोड़ क्षेत्र के आंबेडकर नगर निवासी डकैत पप्पू उर्फ राजेंद्र बृहस्पतिवार को पुलिस मुठभेड़ ढेर हो गया था। शुक्रवार को उसका शव लेने के लिए मथुरा पहुंची उसकी पत्नी विमला व बहन गीता और बच्चों ने शव घर लेने जाने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने ध्रुव घाट पर ही उसका अंतिम संस्कार कराया। विमला के धेवते ने मुखाग्नि दी।
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पत्नी ने बताया कि मुठभेड़ से एक दिन पहले पप्पू हरियाणा के रेवाड़ी में था। वहां वह अपने खिलाफ दर्ज एक पुराने मामले की पैरवी के लिए कोर्ट गया था। रेवाड़ी से लौटने के बाद उसने अपने परिवार को बताया कि वह अलीगढ़ अपनी बहन के यहां जा रहा है। इसके बाद बृहस्पतिवार दोपहर को उनके पास मथुरा पुलिस का फोन आया कि पप्पू की मुठभेड़ में मौत हो गई। उसका घर पर बहुत कम आना-जाना था।
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मेरठ से की थी डकैती शुरुआत
पप्पू ने 1982 में मेरठ से डकैती की शुरुआत कर अपराध की दुनिया में प्रवेश किया था। पुलिस की मानें तो पप्पू और उसका गैंग बेहद शातिर तरीके से एक राज्य में अपराध कर दूसरे राज्य में शरण ले लेता था। यूपी के पश्चिमी जिलों सहित हरियाणा, राजस्थान तक आतंक था।