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Mathura News: ब्रज चिकित्सा संस्थान में नर्सिंग छात्राओं का धरना, प्रवेश प्रक्रिया पर उठाए सवाल
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मथुरा। ब्रज चिकित्सा संस्थान में अध्ययनरत नर्सिंग छात्राओं ने बुधवार को कॉलेज परिसर में धरना प्रदर्शन कर अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाई। छात्राओं ने प्रवेश प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अपने शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की। मामले को लेकर कॉलेज परिसर में दिनभर हलचल बनी रही।
धरने का नेतृत्व कर रहीं कांग्रेस नेता रूपा लवानियां ने बताया कि प्रवेश के समय संस्थान द्वारा सभी मान्यताओं एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई थी, लेकिन अब कुछ छात्राओं के नाम संबंधित पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं होने से उनका भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने कहा कि छात्राएं लंबे समय से समाधान की प्रतीक्षा कर रही हैं, लेकिन अभी तक स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आ सकी है।
धरने पर बैठी छात्राएं ज्योति, नीतू, मनीषा, सपना, भावना कुशवाह, सोनम और शिखा ने बताया कि उन्होंने नर्सिंग क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रवेश लिया था। अब उन्हें परीक्षा, पंजीकरण और कोर्स की वैधता को लेकर चिंता सता रही है। छात्राओं का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है। छात्राओं ने नर्सिंग इंचार्ज दिव्यांशी पर फीस वापस लेकर जाने संबंधी आरोप भी लगाए। हालांकि दिव्यांशी ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया।
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धरने के दौरान छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। उन्होंने जिला प्रशासन तथा संबंधित शिक्षा विभाग के अधिकारियों से हस्तक्षेप कर समस्या का शीघ्र समाधान कराने की अपील की। छात्राओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
वहीं, संस्थान के उप प्राचार्य प्रशांत बाबू ने बताया कि यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी (यूपीएसएफ) के निर्देश पर सात छात्राओं को सीधे प्रवेश दिया गया था, लेकिन वर्तमान में फैकल्टी के पोर्टल पर उनके नाम प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लगातार यूपीएसएमएफ अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है और संस्थान छात्राओं की समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत है। उनका दावा है कि जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और छात्राओं को राहत मिलेगी।
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धरने का नेतृत्व कर रहीं कांग्रेस नेता रूपा लवानियां ने बताया कि प्रवेश के समय संस्थान द्वारा सभी मान्यताओं एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई थी, लेकिन अब कुछ छात्राओं के नाम संबंधित पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं होने से उनका भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने कहा कि छात्राएं लंबे समय से समाधान की प्रतीक्षा कर रही हैं, लेकिन अभी तक स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आ सकी है।
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धरने पर बैठी छात्राएं ज्योति, नीतू, मनीषा, सपना, भावना कुशवाह, सोनम और शिखा ने बताया कि उन्होंने नर्सिंग क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रवेश लिया था। अब उन्हें परीक्षा, पंजीकरण और कोर्स की वैधता को लेकर चिंता सता रही है। छात्राओं का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है। छात्राओं ने नर्सिंग इंचार्ज दिव्यांशी पर फीस वापस लेकर जाने संबंधी आरोप भी लगाए। हालांकि दिव्यांशी ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया।
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धरने के दौरान छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। उन्होंने जिला प्रशासन तथा संबंधित शिक्षा विभाग के अधिकारियों से हस्तक्षेप कर समस्या का शीघ्र समाधान कराने की अपील की। छात्राओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
वहीं, संस्थान के उप प्राचार्य प्रशांत बाबू ने बताया कि यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी (यूपीएसएफ) के निर्देश पर सात छात्राओं को सीधे प्रवेश दिया गया था, लेकिन वर्तमान में फैकल्टी के पोर्टल पर उनके नाम प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लगातार यूपीएसएमएफ अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है और संस्थान छात्राओं की समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत है। उनका दावा है कि जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और छात्राओं को राहत मिलेगी।