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एमडीआर रोगियों के बलगम की जांच अब जिले में ही
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 20 Mar 2016 12:03 AM IST
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अब टीबी के एमडीआर रोगियों के बलगम की जांच भी जिला क्षय रोग केंद्र पर हो सकेगी। इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विवेक मिश्रा ने शनिवार को मशीन का शुभारंभ किया। ये मशीन प्रदेश के 38 जिलों में लगाई गई हैं, इसमें मथुरा शामिल किया गया है।
इस अवसर पर सीएमओ ने पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक भी ली। उन्होंने बताया कि एक एमडीआर रोगी अपने संपर्क में आने वाले व्यक्ति को भी एमडीआर क्षय रोगी बनाता है। यह प्रत्येक क्षय रोगी के लिए आवश्यक है कि वह अपने इलाज का कोर्स पूरा करे।
क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रवीन कुमार भारती ने बताया कि क्षय रोग का इलाज पूरा न करने से धीरे-धीरे दवाओं की प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाती है, इससे कि मरीज के एमडीआर रोगी होने की संभावना बन जाती है। इस अवसर पर एसीएमओ डा. सज्जन कुमार, विश्व स्वास्थ्य संगठन के सलाहकार डा. हार्दिक सोलंकी, प्रदीप कुमार, शिवकुमार, आलोक तिवारी, नवल किशोर, बंगाली बाबू आदि थे।
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इस अवसर पर सीएमओ ने पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक भी ली। उन्होंने बताया कि एक एमडीआर रोगी अपने संपर्क में आने वाले व्यक्ति को भी एमडीआर क्षय रोगी बनाता है। यह प्रत्येक क्षय रोगी के लिए आवश्यक है कि वह अपने इलाज का कोर्स पूरा करे।
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क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रवीन कुमार भारती ने बताया कि क्षय रोग का इलाज पूरा न करने से धीरे-धीरे दवाओं की प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाती है, इससे कि मरीज के एमडीआर रोगी होने की संभावना बन जाती है। इस अवसर पर एसीएमओ डा. सज्जन कुमार, विश्व स्वास्थ्य संगठन के सलाहकार डा. हार्दिक सोलंकी, प्रदीप कुमार, शिवकुमार, आलोक तिवारी, नवल किशोर, बंगाली बाबू आदि थे।
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