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वृंदावन में पर्यटन विकास को लगेंगे अब नए पंख
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वृंदावन (मथुरा)। केंद्र सरकार की ताजा पहल से अब भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली वृंदावन में पर्यटन विकास की नई संभावनाओं को पंख लगने जा रहे हैं। निकट भविष्य में श्रीबांकेबिहारीजी की गलियों की तस्वीर बदल जाएगी। स्वच्छता के बेहतर प्रबंधों के साथ यहां जनसुविधाओं का अभाव खत्म हो जाएगा। धार्मिक नगरी का सुखद अहसास विदेशी पर्यटकों के साथ श्रद्धालुओं को कराने के लिए बेहतर माहौल तैयार करने की भी प्लानिंग हैं।
केंद्र सरकार ने देश के 20 धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए नई पहल की है। इसके तहत जल शक्ति मंत्रालय इन स्थलों पर स्वच्छता का जिम्मा संभालने जा रहा है। योजना के मुताबिक अब इन स्थलों पर स्वच्छता को ध्यान रखते हुए वे सभी सुविधाएं प्रदान की जाएगी, जो पर्यटकों के लिए आवश्यक हैं। इसमें जनसुविधाएं भी शामिल हैं। सड़कों की दशा भी बदल जाएगी।
वर्तमान में श्रीबांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र से जुड़े नगर निगम के वार्ड नंबर 70 में सफाई की व्यवस्था निजी कंपनी संभाले हुए हैं। इस पर निगम करीब आठ लाख रुपये प्रतिमाह खर्च कर रहा है। मंदिर के अंदरूनी हिस्से की सफाई की व्यवस्था इसके अतिरिक्त है। इसके बावजूद स्थितियां पर्यटन दृष्टि से अनुकूल नहीं हैं। सबसे बड़ी समस्या बिहारीजी की गलियों में जनसुविधाओं का अभाव है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा नई जिम्मेदारी संभालने के बाद इन समस्याओं से मुक्ति के साथ ही मंदिर क्षेत्र को विकास की नई सौगात मिलेगी।
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केंद्र सरकार ने देश के 20 धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए नई पहल की है। इसके तहत जल शक्ति मंत्रालय इन स्थलों पर स्वच्छता का जिम्मा संभालने जा रहा है। योजना के मुताबिक अब इन स्थलों पर स्वच्छता को ध्यान रखते हुए वे सभी सुविधाएं प्रदान की जाएगी, जो पर्यटकों के लिए आवश्यक हैं। इसमें जनसुविधाएं भी शामिल हैं। सड़कों की दशा भी बदल जाएगी।
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वर्तमान में श्रीबांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र से जुड़े नगर निगम के वार्ड नंबर 70 में सफाई की व्यवस्था निजी कंपनी संभाले हुए हैं। इस पर निगम करीब आठ लाख रुपये प्रतिमाह खर्च कर रहा है। मंदिर के अंदरूनी हिस्से की सफाई की व्यवस्था इसके अतिरिक्त है। इसके बावजूद स्थितियां पर्यटन दृष्टि से अनुकूल नहीं हैं। सबसे बड़ी समस्या बिहारीजी की गलियों में जनसुविधाओं का अभाव है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा नई जिम्मेदारी संभालने के बाद इन समस्याओं से मुक्ति के साथ ही मंदिर क्षेत्र को विकास की नई सौगात मिलेगी।
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