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बजट के अभाव में रुका मुक्ताकाशीय रंगमंच का आधुनिकीकरण
अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 04 Jan 2017 12:32 AM IST
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आडिटोरियम
- फोटो : अमर उजाला
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आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इंटरनेशनल स्तर के आडिटोरियम (मुक्ताकाशीय रंगमंच) का आधुनिकीकरण कार्य बजट के अभाव में रुक गया है। 11 करोड़ के नए प्रस्ताव को अब तक शासन की ओर से स्वीकृति नहीं मिली है।
करीब दो साल पहले विकास प्राधिकरण ने डैंपियर नगर में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मुक्ताकाशीय रंगमंच का पुनर्निर्माण शुरू किया था। इस पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए गए। बाद में इसे वातानुकूलित बनाए जाने का प्रस्ताव बनाया और पांच करोड़ के बजट की स्वीकृति शासन से प्राप्त कर ली गई। धनराशि भी शासन ने जारी कर दी।
सांसद हेमामालिनी ने इसका निरीक्षण किया तो इसे इंटरनेशनल स्तर के कार्यक्रमों के अनुरूप तैयार करने की सिफारिश विकास प्राधिकरण से की। सांसद की सिफारिश पर मुंबई से आई तकनीकी टीम ने मंच के निर्माण के लिए अपने सुझाव रखे। इस पर एक बार फिर से बजट तैयार किया गया। अब लागत 11 करोड़ रुपये आंकी गई।
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इसे शासन को भेज दिया गया है, लेकिन छह माह गुजरने के बाद भी शासन से अनुमति नहीं मिल सकी है। ऐसे में शासन से पूर्व में मिली पांच करोड़ की राशि का उपयोग विकास प्राधिकरण नहीं कर रहा है। सचिव विजय कुमार का कहना है कि नए स्तर से भेजा गया संशोधित बजट स्वीकृत होने पर ही काम शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री से मिल चुकी हैं सांसद
मुक्ताकाशीय रंगमंच के निर्माण को लेकर सांसद हेमामालिनी ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात की थी। इस दौरान विकास प्राधिकरण के स्तर से भेजे गए संशोधित बजट प्रस्ताव को स्वीकृति देने की सिफारिश भी की थी।
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करीब दो साल पहले विकास प्राधिकरण ने डैंपियर नगर में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मुक्ताकाशीय रंगमंच का पुनर्निर्माण शुरू किया था। इस पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए गए। बाद में इसे वातानुकूलित बनाए जाने का प्रस्ताव बनाया और पांच करोड़ के बजट की स्वीकृति शासन से प्राप्त कर ली गई। धनराशि भी शासन ने जारी कर दी।
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सांसद हेमामालिनी ने इसका निरीक्षण किया तो इसे इंटरनेशनल स्तर के कार्यक्रमों के अनुरूप तैयार करने की सिफारिश विकास प्राधिकरण से की। सांसद की सिफारिश पर मुंबई से आई तकनीकी टीम ने मंच के निर्माण के लिए अपने सुझाव रखे। इस पर एक बार फिर से बजट तैयार किया गया। अब लागत 11 करोड़ रुपये आंकी गई।
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इसे शासन को भेज दिया गया है, लेकिन छह माह गुजरने के बाद भी शासन से अनुमति नहीं मिल सकी है। ऐसे में शासन से पूर्व में मिली पांच करोड़ की राशि का उपयोग विकास प्राधिकरण नहीं कर रहा है। सचिव विजय कुमार का कहना है कि नए स्तर से भेजा गया संशोधित बजट स्वीकृत होने पर ही काम शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री से मिल चुकी हैं सांसद
मुक्ताकाशीय रंगमंच के निर्माण को लेकर सांसद हेमामालिनी ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात की थी। इस दौरान विकास प्राधिकरण के स्तर से भेजे गए संशोधित बजट प्रस्ताव को स्वीकृति देने की सिफारिश भी की थी।