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गाड़ी खराब हुई तो जंगल में कोई सुनने वाला नहीं

Sat, 26 Mar 2016 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मथ्ाुरा
अमर उजाला ब्यूरो मथ्ाुरा Updated Sat, 26 Mar 2016 11:53 PM IST
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no facility on yamuna expressway
एक्सप्रेसवे
यमुना एक्सप्रेसवे होकर मथुरा से नोएडा तक एक घंटे में पहुंचा जा सकता है लेकिन वाहन में जरा सी खराबी आई तो एक्सप्रेसवे पर आपकी सुनने वाला कोई नहीं। आगरा से नोएडा तक टोल प्लाजा के अलावा कहीं दूसरी जगह पर मदद की उम्मीद नहीं की जा सकती है। वाहन चालकों को खुद के दम पर ही आसपास के गांवाें में मदद की गुहार लगानी पड़ रही है।
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नोएडा से आगरा तक 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे पर अगर गाड़ी का टायर पंक्चर हो जाए तो इसे ठीक करने वाला कोई नहीं है। रात में बेशक लोग टोल के रूप में 500 रुपये चुकाकर फर्राटा भरते हैं लेकिन गाड़ी पंक्चर होने या तकनीकी खराबी आने पर उन्हें एक्सप्रेसवे पर ही रात गुजारनी पड़ेगी। दिन में भी घंटों परेशान रहकर खुद ही अपनी गाड़ी दुरुस्त करानी पड़ती है।
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केस एक: 100 रुपये लीटर खरीदा पेट्रोल
जिला गौतमबुद्ध नगर के गांव दादरी निवासी दीपक सारस्वत का मूल निवास वृंदावन के गोधूलिपुरम में हैं। वे अक्सर अपनी कार से यात्रा करते हैं। दीपक ने बताया कि 14 मार्च को वे कार से आ रहे थे तो गाड़ी में तेल डलवाना भूल गए। एक्सप्रेसवे पर रबूपुरा के निकट कार बंद हो गई। उन्होंने टोल फ्री नंबर पर मदद मांगी और पेट्रोल भेजने को कहा लेकिन एक घंटे तक कोई मदद के लिए नहीं आया। आखिर में गांव भाईपुर से 100 रुपये लीटर के हिसाब से पांच लीटर पेट्रोल लेकर आए।
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ट्रैक्टर वाले की मदद से बदला पहिया
हाथरस के गांव चिरावली निवासी कृषि वैज्ञानिक नवनीत कुमार फरीदाबाद की एक एग्रीकल्चर कंपनी के काम से अक्सर आलू और अन्य फसलों की उपज आदि का निरीक्षण करने मथुरा और खंदौली एक्सप्रेसवे से आते हैं। चार मार्च को खंदौली आने के दौरान जेवर टोल प्लाजा निकलते ही उनकी गाड़ी का टायर पंक्चर हो गया। उन्होंने पहिया बदलने का प्रयास किया तो पाना स्लिप कर गया। एक घंटे तक राहगीरों को रोकने का प्रयास किया लेकिन कोई नहीं रुका। टोल फ्री नंबर पर फोन किए लेकिन फोन रिसीव करने वाले ने मदद नहीं की। आखिर में एक ट्रैक्टर चालक को रोका और उसकी रिंच से बोल्ट खोले और तब जाकर पहिया बदला जा सका।
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