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ईद का जश्न: मथुरा की जामा मस्जिद में और ईदगाह में अदा की गई नमाज, लोगों ने मांगी तरक्की की दुआ
Mon, 31 Mar 2025 01:03 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 31 Mar 2025 01:03 PM IST
सार
मथुरा में ईद का चांद दिखने के बाद के दिन ईद का त्योहार सोमवार को मनाने का फैसला लिया गया। सुबह से ही लोग नमाज पढ़ने ईदगाह और मस्जिदों में पहुंचे। इस दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा।
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ईद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मथुरा शहर सहित जिलेभर में सोमवार को ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ईद की नमाज अकीदत के साथ हुई। शाही मस्जिद ईदगाह, जामा मस्जिद के साथ ही अन्य मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। देश में अमन चैन की दुआ मांगी गई। वहीं एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी गई।
रविवार को चांद का दीदार होने के बाद सोमवार को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया गया। ईद की मुख्य नमाज शाही मस्जिद ईदगाह में शहर मुफ्ती मोहम्मद आसिफ रजा ने पढ़ाई। ईदगाह कमेटी ने नमाज के लिए सुबह 8 बजे का समय निर्धारित किया था, लेकिन नमाजियों के आने का सिलसिला लगातार जारी रहने के कारण नमाज के समय को 30 मिनट आगे कर दिया गया।
ईद की नमाज के बाद हाफिज कदीर ने खुतबा पढ़ा। इसके बाद नमाजियों के हाथ दुआ के लिए उठे। नमाज के लिए ईदगाह कमेटी ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्थाएं कीं। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे से गले मिल उन्हें ईद की बधाई दी। यह सिलसिला देर रात तक चला। शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी के सचिव तनवीर अहमद ने बताया कि ईद की नमाज के लिए 20 दिनों से तैयारियां चल रही थीं।
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ईदगाह की साफ-सफाई के साथ नमाजियों की सुविधा के लिए कारपेट बिछवए गए थे। इस दौरान ईदगाह कमेटी के अध्यक्ष डाॅ. जेड हसन, गफ्फार अब्बास, डाॅ. अबरार अहमद, जियाउल हक, सुलेमान कुरैशी, लाला पहलवान, मुजफ्फर, निसार आदि ने व्यवस्थाएं देखीं।
बाहर ही जमा करा लिए फोन
शाही मस्जिद ईदगाह में सुरक्षा की दृष्टि से मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित था। जो लोग अपने मोबाइल फोन लेकर ईदगाह पहुंचे उनके फोन बाहर ही जमा करा लिए गए।
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रविवार को चांद का दीदार होने के बाद सोमवार को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया गया। ईद की मुख्य नमाज शाही मस्जिद ईदगाह में शहर मुफ्ती मोहम्मद आसिफ रजा ने पढ़ाई। ईदगाह कमेटी ने नमाज के लिए सुबह 8 बजे का समय निर्धारित किया था, लेकिन नमाजियों के आने का सिलसिला लगातार जारी रहने के कारण नमाज के समय को 30 मिनट आगे कर दिया गया।
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ईद की नमाज के बाद हाफिज कदीर ने खुतबा पढ़ा। इसके बाद नमाजियों के हाथ दुआ के लिए उठे। नमाज के लिए ईदगाह कमेटी ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्थाएं कीं। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे से गले मिल उन्हें ईद की बधाई दी। यह सिलसिला देर रात तक चला। शाही मस्जिद ईदगाह कमेटी के सचिव तनवीर अहमद ने बताया कि ईद की नमाज के लिए 20 दिनों से तैयारियां चल रही थीं।
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ईदगाह की साफ-सफाई के साथ नमाजियों की सुविधा के लिए कारपेट बिछवए गए थे। इस दौरान ईदगाह कमेटी के अध्यक्ष डाॅ. जेड हसन, गफ्फार अब्बास, डाॅ. अबरार अहमद, जियाउल हक, सुलेमान कुरैशी, लाला पहलवान, मुजफ्फर, निसार आदि ने व्यवस्थाएं देखीं।
बाहर ही जमा करा लिए फोन
शाही मस्जिद ईदगाह में सुरक्षा की दृष्टि से मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित था। जो लोग अपने मोबाइल फोन लेकर ईदगाह पहुंचे उनके फोन बाहर ही जमा करा लिए गए।