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Mudiya Mela 2026: गिरिराज परिक्रमा में बड़ा बदलाव, इसबार नहीं चलेंगे वाहन; मत्था टेकने और दंडवती पर भी रोक
Wed, 22 Jul 2026 10:12 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Arun Parashar
Updated Wed, 22 Jul 2026 10:12 PM IST
सार
मथुरा के गोवर्धन में लगने वाले मुड़िया पूर्णिमा मेला को लेकर सभी तैयारियां हो चुकी हैं। बृहस्पतिवार को मेला के शुभारंभ के साथ ही श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ना शुरू हो जाएगा। पग-पग पर आस्था दिखेगी।
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मुड़िया मेला से पहले तैयारियों का जायजा लेते अधिकारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मथुरा के गोवर्धन में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र गिरिराज धाम में मुड़िया पूर्णिमा मेला आज 23 जुलाई से विधिवत शुरू होगा। यह मेला 30 जुलाई तक चलेगा। इस बार दंडवती परिक्रमा और ई-रिक्शा समेत सभी प्रकार के छोटे-बड़े वाहनों पर रोक रहेगी। मेले के दौरान गोवर्धन धाम में पग-पग पर आस्था का सैलाब देखने को मिलेगा।
प्रशासन और प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं पर गौर करें तो इस बार केवल वही लोग 21 किलोमीटर की परिक्रमा कर पाएंगे जो पैदल चलने में सक्षम होंगे, क्योंकि वाहनों से परिक्रमा लगाने वालों को इस बार अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासन के अनुसार, सात-आठ दिन में 80 लाख से एक करोड़ भक्तों के आने का अनुमान है।
यूपी प्रशासन और राजस्थान के डीग प्रशासन ने मिलकर व्यवस्थाएं की हैं। उधर, मानसी गंगा में स्नान के लिए फव्वारे की व्यवस्था भी की गई है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को लगने वाला यह मेला गुरु एवं गिरिराज महाराज की भक्ति को समर्पित है। बारिश के चलते सुहावने मौसम में अनुमान से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
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प्रशासन और प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं पर गौर करें तो इस बार केवल वही लोग 21 किलोमीटर की परिक्रमा कर पाएंगे जो पैदल चलने में सक्षम होंगे, क्योंकि वाहनों से परिक्रमा लगाने वालों को इस बार अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासन के अनुसार, सात-आठ दिन में 80 लाख से एक करोड़ भक्तों के आने का अनुमान है।
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यूपी प्रशासन और राजस्थान के डीग प्रशासन ने मिलकर व्यवस्थाएं की हैं। उधर, मानसी गंगा में स्नान के लिए फव्वारे की व्यवस्था भी की गई है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को लगने वाला यह मेला गुरु एवं गिरिराज महाराज की भक्ति को समर्पित है। बारिश के चलते सुहावने मौसम में अनुमान से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
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कंट्रोल रूम देखते अधिकारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भगवान श्रीकृष्ण ने बढ़ाया था गोवर्धन तीर्थ का मान
गोवर्धन तीर्थ का द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने मान बढ़ाया था। यहां भगवान श्रीकृष्ण के मन से उत्पन्न मानसी गंगा हैं। राधाकुंड में राधा-श्याम कुंड का अनूठा संगम है। भक्त गिरिराज महाराज की शिला खंडों को स्पर्श कर, दूध और पंचामृत से अभिषेक कर परिक्रमा लगाते हैं। ब्रज की रज में नंगे पैर परिक्रमा लगाकर भक्त खुद को धन्य मानते हैं। सीओ गोवर्धन अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मेले के दौरान परिक्रमा मार्ग पर किसी भी प्रकार के छोटे या बड़े वाहन नहीं चलेंगे। ई-रिक्शा चालक परिक्रमा मार्ग क्षेत्र में प्रवेश न करें, अन्यथा उनके वाहन जब्त कर लिए जाएंगे। यह प्रतिबंध मेला समाप्ति तक लागू रहेगा।
मुड़िया मेले में मत्था नहीं टेक पाएंगे श्रद्धालु, दंडवती पर भी रोक
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित मुड़िया मेले में श्रद्धालु दानघाटी मंदिर या परिक्रमा मार्ग में मत्था नहीं टेक पाएंगे और न ही दंडवती परिक्रमा लगा पाएंगे। प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु सभी प्रमुख स्थलों पर हाथ जोड़कर ही आगे बढ़ते रहेंगे। दरअसल, मुड़िया मेले के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु गोवर्धन धाम पहुंचते हैं और सप्तकोसीय परिक्रमा लगाते हैं। प्रशासन को इस बार और ज्यादा भीड़ आने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन ने नई रणनीति तैयार की है, जिसके तहत श्रद्धालु दानघाटी मंदिर से शुरू होने वाले परिक्रमा स्थल पर कोई भी श्रद्धालु न तो मत्था टेक पाएगा और न ही दंडवती परिक्रमा कर पाएगा। प्रशासन की ओर से इसके लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। ये पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को दंडवत करने से रोकेंगे। साथ ही प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि व्यवस्था में सहयोग करें। एसडीएम गोवर्धन सुशील कुमार सिंह ने बताया कि भीड़ ज्यादा होने की उम्मीद के कारण इस बार दंडवत परिक्रमा पर रोक रहेगी। आने वाले श्रद्धालु भी मेला में सहयोग करें। वे आराम से गिरिराज जी की परिक्रमा लगाएं। गिरिराज महाराज को हाथ जोड़कर प्रणाम करें और आगे बढ़ते रहें।
गोवर्धन तीर्थ का द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने मान बढ़ाया था। यहां भगवान श्रीकृष्ण के मन से उत्पन्न मानसी गंगा हैं। राधाकुंड में राधा-श्याम कुंड का अनूठा संगम है। भक्त गिरिराज महाराज की शिला खंडों को स्पर्श कर, दूध और पंचामृत से अभिषेक कर परिक्रमा लगाते हैं। ब्रज की रज में नंगे पैर परिक्रमा लगाकर भक्त खुद को धन्य मानते हैं। सीओ गोवर्धन अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मेले के दौरान परिक्रमा मार्ग पर किसी भी प्रकार के छोटे या बड़े वाहन नहीं चलेंगे। ई-रिक्शा चालक परिक्रमा मार्ग क्षेत्र में प्रवेश न करें, अन्यथा उनके वाहन जब्त कर लिए जाएंगे। यह प्रतिबंध मेला समाप्ति तक लागू रहेगा।
मुड़िया मेले में मत्था नहीं टेक पाएंगे श्रद्धालु, दंडवती पर भी रोक
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित मुड़िया मेले में श्रद्धालु दानघाटी मंदिर या परिक्रमा मार्ग में मत्था नहीं टेक पाएंगे और न ही दंडवती परिक्रमा लगा पाएंगे। प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु सभी प्रमुख स्थलों पर हाथ जोड़कर ही आगे बढ़ते रहेंगे। दरअसल, मुड़िया मेले के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु गोवर्धन धाम पहुंचते हैं और सप्तकोसीय परिक्रमा लगाते हैं। प्रशासन को इस बार और ज्यादा भीड़ आने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन ने नई रणनीति तैयार की है, जिसके तहत श्रद्धालु दानघाटी मंदिर से शुरू होने वाले परिक्रमा स्थल पर कोई भी श्रद्धालु न तो मत्था टेक पाएगा और न ही दंडवती परिक्रमा कर पाएगा। प्रशासन की ओर से इसके लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। ये पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को दंडवत करने से रोकेंगे। साथ ही प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि व्यवस्था में सहयोग करें। एसडीएम गोवर्धन सुशील कुमार सिंह ने बताया कि भीड़ ज्यादा होने की उम्मीद के कारण इस बार दंडवत परिक्रमा पर रोक रहेगी। आने वाले श्रद्धालु भी मेला में सहयोग करें। वे आराम से गिरिराज जी की परिक्रमा लगाएं। गिरिराज महाराज को हाथ जोड़कर प्रणाम करें और आगे बढ़ते रहें।
परिक्रमा मार्ग पर पुलिसकर्मियों के लिए लगाए जा रहे टेंट।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
31 वॉच टावर और 183 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
मथुरा के गोवर्धन में विश्व प्रसिद्ध मुड़िया मेले के लिए बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने ब्रीफिंग कर सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि मेले में 31 वॉच टावर और 183 सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे की निगरानी की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि 23 जुलाई से शुरू होने वाले आठ दिवसीय मेले को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। ब्रीफिंग के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को 9 सुपर जोन, 21 जोन और 62 सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक सुपर जोन, जोन और सेक्टर में अधिकारियों के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा, ताकि किसी भी परिस्थिति से तत्काल निपटा जा सके। भीड़ प्रबंधन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी करेंगे।
सुरक्षा के लिए पुलिस चौकियां और वॉच टावर तैयार
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 6 स्थायी पुलिस चौकियों के अलावा 37 अस्थायी पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। संवेदनशील स्थानों पर 31 वॉच टावर स्थापित हैं, जहां से पुलिसकर्मी मेला क्षेत्र पर नजर रखेंगे। भीड़ नियंत्रण के लिए 150 बैरियर लगाए गए हैं। मेला क्षेत्र की निगरानी आधुनिक तकनीक से की जाएगी। इसके लिए क्षेत्र में 183 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे कंट्रोल रूम के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। श्रद्धालुओं को जरूरी सूचनाएं, दिशा-निर्देश और यातायात संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 350 पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम लगाए गए हैं।
मथुरा के गोवर्धन में विश्व प्रसिद्ध मुड़िया मेले के लिए बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने ब्रीफिंग कर सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि मेले में 31 वॉच टावर और 183 सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे की निगरानी की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि 23 जुलाई से शुरू होने वाले आठ दिवसीय मेले को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। ब्रीफिंग के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को 9 सुपर जोन, 21 जोन और 62 सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक सुपर जोन, जोन और सेक्टर में अधिकारियों के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा, ताकि किसी भी परिस्थिति से तत्काल निपटा जा सके। भीड़ प्रबंधन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी करेंगे।
सुरक्षा के लिए पुलिस चौकियां और वॉच टावर तैयार
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 6 स्थायी पुलिस चौकियों के अलावा 37 अस्थायी पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। संवेदनशील स्थानों पर 31 वॉच टावर स्थापित हैं, जहां से पुलिसकर्मी मेला क्षेत्र पर नजर रखेंगे। भीड़ नियंत्रण के लिए 150 बैरियर लगाए गए हैं। मेला क्षेत्र की निगरानी आधुनिक तकनीक से की जाएगी। इसके लिए क्षेत्र में 183 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे कंट्रोल रूम के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। श्रद्धालुओं को जरूरी सूचनाएं, दिशा-निर्देश और यातायात संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 350 पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम लगाए गए हैं।
मेले को लेकर दिशा-निर्देश देते अधिकारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारियां
ब्रीफिंग में अधिकारियों ने बताया कि मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर पंचायत, विद्युत निगम, जल निगम, अग्निशमन विभाग और परिवहन निगम समेत अन्य विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे। साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं और यातायात संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें। अधिकारियों ने कहा कि मेले को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ब्रीफिंग के दौरान जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, एसपी देहात सुरेश चंद रावत, एएसपी अनुज कुमार, सीओ सिटी आईपीएस आशना चौधरी, एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार, एडीएम एफआर पंकज कुमार, एसडीएम गोवर्धन सुशील कुमार सिंह, सीओ गोवर्धन अनिल कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
पहली बार लगे पुलिस चौकियों के लिए पगोड़ा कैंप
मुड़िया पूर्णिमा मेले में बनने वाली पुलिस चौकियों के लिए इस बार पॉलिस्टर से तैयार पगोड़ा कैंप लगवाए हैं। जो दिखने में आकर्षक होने के साथ ही पूरी तरह वाटरप्रूफ भी होते हैं। इन्हें स्थानीय लोग एवं परिक्रमार्थी भी पसंद कर रहे हैं। गोवर्धन में लगने वाले राजकीय मुड़िया पूर्णिमा मेले में 36 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की जा रही हैं। इन्हें हर बार लोहे की टीन और प्लाई बोर्ड का बनाया जाता था। इनमें बारिश के दौरान पानी भी टपकने लग जाता था। मजबूरन पुलिसकर्मियों को अयंत्र शरण लेनी पड़ती थी। इस बार लोक निर्माण विभाग द्वारा ज्यादातर पुलिस चौकियों के पॉलिस्टर से तैयार किए पगोड़ा कैंप लगवाए हैं। इससे इस बार पुलिस चौकियों में बारिश का पानी टपकने की समस्या पुलिसकर्मियों को नहीं झेलनी पड़ेगी। अधिशाषी अभियंता गुलवीर सिंह ने बताया कि राजकीय ठेकेदार द्वारा उसी खर्चे में अपनी सहूलियत के अनुसार पुलिस चौकियों के लिए पगोड़ा कैंप लगाए हैं। इनके लिए विभाग को कोई अतिरिक्त खर्च वहन नहीं करना पड़ेगा। ये कैंप आसानी से लग भी जाते हैं।
मुड़िया पूर्णिमा मेले में चलेगीं विशेष ट्रेनें
गोवर्धन परिक्रमा और गुरु पूर्णिमा मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 23 से 31 जुलाई तक विशेष रेल व्यवस्था लागू की है। इस दौरान विशेष मेमू ट्रेनों का संचालन होगा, कुछ नियमित ट्रेनों का विस्तार किया जाएगा और चुनिंदा एक्सप्रेस ट्रेनों को मथुरा जंक्शन व आगरा छावनी पर अस्थायी ठहराव दिया जाएगा। रेलवे के अनुसार वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आगरा छावनी 11901-11902 ट्रेन का विस्तार डीग तक किया गया है। 11901 झांसी-डीग ट्रेन 29 और 30 जुलाई को, जबकि 11902 डीग-झांसी ट्रेन 30 और 31 जुलाई को चलेगी। विस्तारित मार्ग में आगरा छावनी, मथुरा जंक्शन, भूतेश्वर, मोरा, राधाकुंड और गोवर्धन स्टेशन पर ठहराव रहेगा। वहीं नई दिल्ली-आगरा कैंट इंटरसिटी एक्सप्रेस 14212-14211 का विस्तार ग्वालियर तक किया गया है। 14212 नई दिल्ली-ग्वालियर ट्रेन 24 से 31 जुलाई और 14211 ग्वालियर-नई दिल्ली ट्रेन 25 जुलाई से एक अगस्त तक संचालित होगी। यह सेवा धौलपुर और मुरैना होकर चलेगी। मेले के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए 24 से 31 जुलाई तक आगरा छावनी-मथुरा जंक्शन के बीच विशेष मेमू ट्रेन भी चलाई जाएंगी। इसके तहत इटावा, मैनपुरी और वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से आने-जाने वाली मेमू ट्रेनों का विस्तार मथुरा तक किया गया है। इन ट्रेनों का ठहराव आगरा छावनी, राजा की मंडी, बिल्लोचपुरा, रुनकता, कीठम, दीनदयाल धाम, फराह, बाद और मथुरा जंक्शन सहित सभी प्रमुख स्टेशनों पर रहेगा। इसके अलावा 12652 निजामुद्दीन-मदुरै एक्सप्रेस, 12708 निजामुद्दीन-तिरुपति एक्सप्रेस, 12642 निजामुद्दीन-कन्याकुमारी एक्सप्रेस और 12650 निजामुद्दीन-यशवंतपुर एक्सप्रेस को भी मेले की अवधि में मथुरा जंक्शन और आगरा छावनी पर दो मिनट का अस्थायी ठहराव दिया गया है।
ब्रीफिंग में अधिकारियों ने बताया कि मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर पंचायत, विद्युत निगम, जल निगम, अग्निशमन विभाग और परिवहन निगम समेत अन्य विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे। साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं और यातायात संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें। अधिकारियों ने कहा कि मेले को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ब्रीफिंग के दौरान जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, एसपी देहात सुरेश चंद रावत, एएसपी अनुज कुमार, सीओ सिटी आईपीएस आशना चौधरी, एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार, एडीएम एफआर पंकज कुमार, एसडीएम गोवर्धन सुशील कुमार सिंह, सीओ गोवर्धन अनिल कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
पहली बार लगे पुलिस चौकियों के लिए पगोड़ा कैंप
मुड़िया पूर्णिमा मेले में बनने वाली पुलिस चौकियों के लिए इस बार पॉलिस्टर से तैयार पगोड़ा कैंप लगवाए हैं। जो दिखने में आकर्षक होने के साथ ही पूरी तरह वाटरप्रूफ भी होते हैं। इन्हें स्थानीय लोग एवं परिक्रमार्थी भी पसंद कर रहे हैं। गोवर्धन में लगने वाले राजकीय मुड़िया पूर्णिमा मेले में 36 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की जा रही हैं। इन्हें हर बार लोहे की टीन और प्लाई बोर्ड का बनाया जाता था। इनमें बारिश के दौरान पानी भी टपकने लग जाता था। मजबूरन पुलिसकर्मियों को अयंत्र शरण लेनी पड़ती थी। इस बार लोक निर्माण विभाग द्वारा ज्यादातर पुलिस चौकियों के पॉलिस्टर से तैयार किए पगोड़ा कैंप लगवाए हैं। इससे इस बार पुलिस चौकियों में बारिश का पानी टपकने की समस्या पुलिसकर्मियों को नहीं झेलनी पड़ेगी। अधिशाषी अभियंता गुलवीर सिंह ने बताया कि राजकीय ठेकेदार द्वारा उसी खर्चे में अपनी सहूलियत के अनुसार पुलिस चौकियों के लिए पगोड़ा कैंप लगाए हैं। इनके लिए विभाग को कोई अतिरिक्त खर्च वहन नहीं करना पड़ेगा। ये कैंप आसानी से लग भी जाते हैं।
मुड़िया पूर्णिमा मेले में चलेगीं विशेष ट्रेनें
गोवर्धन परिक्रमा और गुरु पूर्णिमा मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 23 से 31 जुलाई तक विशेष रेल व्यवस्था लागू की है। इस दौरान विशेष मेमू ट्रेनों का संचालन होगा, कुछ नियमित ट्रेनों का विस्तार किया जाएगा और चुनिंदा एक्सप्रेस ट्रेनों को मथुरा जंक्शन व आगरा छावनी पर अस्थायी ठहराव दिया जाएगा। रेलवे के अनुसार वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आगरा छावनी 11901-11902 ट्रेन का विस्तार डीग तक किया गया है। 11901 झांसी-डीग ट्रेन 29 और 30 जुलाई को, जबकि 11902 डीग-झांसी ट्रेन 30 और 31 जुलाई को चलेगी। विस्तारित मार्ग में आगरा छावनी, मथुरा जंक्शन, भूतेश्वर, मोरा, राधाकुंड और गोवर्धन स्टेशन पर ठहराव रहेगा। वहीं नई दिल्ली-आगरा कैंट इंटरसिटी एक्सप्रेस 14212-14211 का विस्तार ग्वालियर तक किया गया है। 14212 नई दिल्ली-ग्वालियर ट्रेन 24 से 31 जुलाई और 14211 ग्वालियर-नई दिल्ली ट्रेन 25 जुलाई से एक अगस्त तक संचालित होगी। यह सेवा धौलपुर और मुरैना होकर चलेगी। मेले के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए 24 से 31 जुलाई तक आगरा छावनी-मथुरा जंक्शन के बीच विशेष मेमू ट्रेन भी चलाई जाएंगी। इसके तहत इटावा, मैनपुरी और वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से आने-जाने वाली मेमू ट्रेनों का विस्तार मथुरा तक किया गया है। इन ट्रेनों का ठहराव आगरा छावनी, राजा की मंडी, बिल्लोचपुरा, रुनकता, कीठम, दीनदयाल धाम, फराह, बाद और मथुरा जंक्शन सहित सभी प्रमुख स्टेशनों पर रहेगा। इसके अलावा 12652 निजामुद्दीन-मदुरै एक्सप्रेस, 12708 निजामुद्दीन-तिरुपति एक्सप्रेस, 12642 निजामुद्दीन-कन्याकुमारी एक्सप्रेस और 12650 निजामुद्दीन-यशवंतपुर एक्सप्रेस को भी मेले की अवधि में मथुरा जंक्शन और आगरा छावनी पर दो मिनट का अस्थायी ठहराव दिया गया है।