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राष्ट्रपति से मिलने को उत्साहित हैं माताएं
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वृंदावन (मथुरा)। 27 जून को वृंदावन में प्रस्तावित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के लगभग तीन घंटे के कार्यक्रम के दौरान वह एक घंटा कृष्णा कुटीर में रुकेंगे, उनके साथ में प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी होंगे। इस दौरान वह वृंदावन में मोक्ष की कामना के लिए निवास कर रहीं विधवा और बेसहारा महिलाओं से मिलकर उनके दर्द साझा कर भोजन भी करेंगे। इसके अलावा आत्मनिर्भर योजना के तहत चलाए जा रहे हस्तनिर्मित उत्पादों का अवलोकन करेंगे।
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर कृष्णा कुटीर आश्रय सदन को सजाया संवारा जा रहा है। राष्ट्रपति से मिलने के लिए आश्रय सदन की माताएं अति उत्साहित हैं। कोविंद अपने लगभग तीन घंटे के दौरे में महिला आश्रय सदन कृष्णा कुटीर में निवासरत लगभग 140 निराश्रित महिलाओं के साथ अन्य आश्रय सदनों में रहने वाली माताओं से उनका दुख दर्द साझा करेंगे।
छत्तीसगढ़ के रायपुर निवासी ऊषा श्रीवास्तव ने बताया कि लगभग बीस वर्ष पूर्व पति के छोड़ देने के बाद उन्होंने अपना घरबार सब छोड़ दिया। बच्चे थे नहीं, इसलिए कान्हा को ही अपना सब कुछ मानकर वृंदावन चली आईं और यहां की होकर रह गईं। बताया कि यहां रहने वाली माताएं राष्ट्रपति से मिलने के लिए अति उत्साहित हैं। आश्रय सदन में रंगाई पुताई का काम चल रहा है। चारों ओर त्योहार का सा माहौल है।
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अपनी समस्याओं के बारे में माताओं ने बताया कि अधिकारियों के यहां दौरे तो होते रहे हैं लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। टायलेट में पानी भर जाता है। कई बार कहने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। न पेंशन आ रही है और न आधार कार्ड बना। सिर्फ पॉकेट मनी के पांच सौ रुपये मिल रहे हैं। आशा है कि राष्ट्रपति के आगमन से समस्याओं का समाधान हो जाए।
ब्रजगंधा प्रोजेक्ट का अवलोकन करेंगे राष्ट्रपति
वृंदावन में वास करने वाली विधवा माताएं परंपराओं की बेड़िया तोड़ पैरों पर खड़ा होने का साहस कर चुकी हैं। सरकार से मिले संबल के बाद ब्रजगंधा बनीं इन महिलाओं के हाथों से बनी पूजा सामग्री देश भर में अपनी सुगंध बिखेर रही है। इस ब्रजगंधा प्रोजेक्ट के अंतर्गत आश्रय सदन की माताएं अचार, कंठीमाला, पोशाक और अगरबत्ती निर्माण के साथ पैकिंग का कार्य कर रहीं हैं। इन माताओं के हुनर का भी राष्ट्रपति अवलोकन करेंगे।
सौ से ऊपर की दो माताएं
मोक्ष की कामना लिए वृंदावन में आ बसीं विधवा और बेसहारा महिलाओं में दो ऐसी माताएं हैं जो सौ का आंकड़ा पार कर चुकीं हैं। इनमें बिहार की विमला देवी और मध्य प्रदेश की भगवती हैं। माताएं आज भी किसी पर बोझ नहीं हैं। अपना सारा काम स्वयं करतीं हैं। कृष्णा कुटीर की अधीक्षिका शिल्पा ने बताया दो माताएं हमारे यहां ऐसी हैं, जिन्होंने सौ वर्ष की आयु पार कर ली है।
सजाया संवारा जा रहा कृष्णा कुटीर
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर कृष्णा कुटीर को सजाया संवारा जा रहा है। रंगाई पुताई की जा रही है। कोना-कोना कौना सज रहा है। बीते चार वर्ष से कृष्णा कुटीर की इमारत पर रंगाई नहीं हुई लेकिन राष्ट्रपति के आगमन को लेकर यहां तैयारियां जोरों पर हैं। बाहर गेट से लेकर छत और फर्श को निखारा जा रहा है। टूटे शीशे बदले जा रहे हैं, फर्श के टूटे पत्थरों को बदला गया है और रैलिंग को दुरुस्त किया जा रहा है। सीढ़ियों पर जमा गंदगी को हटाया जा रहा है। पेड़ों की छटाई से लेकर घास लगाने का काम जोरों पर है।
कृष्णा कुटीर के सामने उतरेंगे राष्ट्रपति, बनाए जा रहे तीन हेलीपैड
2७ जून को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की सुरक्षा के दृष्टिगत कृष्णा कुटीर के ठीक सामने हेलिकॉप्टर के लिए तीन हेलीपैड बनाए जा रहे हैं। हेलीपैड पर उतरने के बाद राष्ट्रपति सीधे कृष्णा कुटीर में प्रवेश करेंगे और माताओं से मिलेंगे। इसके अलावा कुछ दूरी पर मुख्यमंत्री और राज्यपाल के लिए हेलीपैड बनाए जाने का कार्य बड़ी तेजी से चल रहा है। प्रशासनिक अधिकारी तैयारियों पर पूरी नजर बनाए हैं।
कैसे हटेगा मधुमक्खी का छत्ता
राष्ट्रपति के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तो हैं लेकिन कृष्णा कुटीर की तीसरी मंजिल पर मधुमक्खी का छत्ता बना हुआ है। वहीं आश्रय सदन में लावारिस जानवरों की घुसपैठ भी यहां की सुरक्षा को धता बता रहे हैं।
आगामी वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर वृंदावन में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा तैयारियां की जा रहीं हैं। जो क्षेत्र है, वहां आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है।
- नवनीत सिंह चहल, जिलाधिकारी
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राष्ट्रपति के आगमन को लेकर कृष्णा कुटीर आश्रय सदन को सजाया संवारा जा रहा है। राष्ट्रपति से मिलने के लिए आश्रय सदन की माताएं अति उत्साहित हैं। कोविंद अपने लगभग तीन घंटे के दौरे में महिला आश्रय सदन कृष्णा कुटीर में निवासरत लगभग 140 निराश्रित महिलाओं के साथ अन्य आश्रय सदनों में रहने वाली माताओं से उनका दुख दर्द साझा करेंगे।
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छत्तीसगढ़ के रायपुर निवासी ऊषा श्रीवास्तव ने बताया कि लगभग बीस वर्ष पूर्व पति के छोड़ देने के बाद उन्होंने अपना घरबार सब छोड़ दिया। बच्चे थे नहीं, इसलिए कान्हा को ही अपना सब कुछ मानकर वृंदावन चली आईं और यहां की होकर रह गईं। बताया कि यहां रहने वाली माताएं राष्ट्रपति से मिलने के लिए अति उत्साहित हैं। आश्रय सदन में रंगाई पुताई का काम चल रहा है। चारों ओर त्योहार का सा माहौल है।
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अपनी समस्याओं के बारे में माताओं ने बताया कि अधिकारियों के यहां दौरे तो होते रहे हैं लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। टायलेट में पानी भर जाता है। कई बार कहने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। न पेंशन आ रही है और न आधार कार्ड बना। सिर्फ पॉकेट मनी के पांच सौ रुपये मिल रहे हैं। आशा है कि राष्ट्रपति के आगमन से समस्याओं का समाधान हो जाए।
ब्रजगंधा प्रोजेक्ट का अवलोकन करेंगे राष्ट्रपति
वृंदावन में वास करने वाली विधवा माताएं परंपराओं की बेड़िया तोड़ पैरों पर खड़ा होने का साहस कर चुकी हैं। सरकार से मिले संबल के बाद ब्रजगंधा बनीं इन महिलाओं के हाथों से बनी पूजा सामग्री देश भर में अपनी सुगंध बिखेर रही है। इस ब्रजगंधा प्रोजेक्ट के अंतर्गत आश्रय सदन की माताएं अचार, कंठीमाला, पोशाक और अगरबत्ती निर्माण के साथ पैकिंग का कार्य कर रहीं हैं। इन माताओं के हुनर का भी राष्ट्रपति अवलोकन करेंगे।
सौ से ऊपर की दो माताएं
मोक्ष की कामना लिए वृंदावन में आ बसीं विधवा और बेसहारा महिलाओं में दो ऐसी माताएं हैं जो सौ का आंकड़ा पार कर चुकीं हैं। इनमें बिहार की विमला देवी और मध्य प्रदेश की भगवती हैं। माताएं आज भी किसी पर बोझ नहीं हैं। अपना सारा काम स्वयं करतीं हैं। कृष्णा कुटीर की अधीक्षिका शिल्पा ने बताया दो माताएं हमारे यहां ऐसी हैं, जिन्होंने सौ वर्ष की आयु पार कर ली है।
सजाया संवारा जा रहा कृष्णा कुटीर
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर कृष्णा कुटीर को सजाया संवारा जा रहा है। रंगाई पुताई की जा रही है। कोना-कोना कौना सज रहा है। बीते चार वर्ष से कृष्णा कुटीर की इमारत पर रंगाई नहीं हुई लेकिन राष्ट्रपति के आगमन को लेकर यहां तैयारियां जोरों पर हैं। बाहर गेट से लेकर छत और फर्श को निखारा जा रहा है। टूटे शीशे बदले जा रहे हैं, फर्श के टूटे पत्थरों को बदला गया है और रैलिंग को दुरुस्त किया जा रहा है। सीढ़ियों पर जमा गंदगी को हटाया जा रहा है। पेड़ों की छटाई से लेकर घास लगाने का काम जोरों पर है।
कृष्णा कुटीर के सामने उतरेंगे राष्ट्रपति, बनाए जा रहे तीन हेलीपैड
2७ जून को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की सुरक्षा के दृष्टिगत कृष्णा कुटीर के ठीक सामने हेलिकॉप्टर के लिए तीन हेलीपैड बनाए जा रहे हैं। हेलीपैड पर उतरने के बाद राष्ट्रपति सीधे कृष्णा कुटीर में प्रवेश करेंगे और माताओं से मिलेंगे। इसके अलावा कुछ दूरी पर मुख्यमंत्री और राज्यपाल के लिए हेलीपैड बनाए जाने का कार्य बड़ी तेजी से चल रहा है। प्रशासनिक अधिकारी तैयारियों पर पूरी नजर बनाए हैं।
कैसे हटेगा मधुमक्खी का छत्ता
राष्ट्रपति के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तो हैं लेकिन कृष्णा कुटीर की तीसरी मंजिल पर मधुमक्खी का छत्ता बना हुआ है। वहीं आश्रय सदन में लावारिस जानवरों की घुसपैठ भी यहां की सुरक्षा को धता बता रहे हैं।
आगामी वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर वृंदावन में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा तैयारियां की जा रहीं हैं। जो क्षेत्र है, वहां आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है।
- नवनीत सिंह चहल, जिलाधिकारी