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मोदी का एक मास्टर स्ट्रोक और विपक्ष हो गया मुद्दाहीन
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मथुरा। पीएम के एक मास्टर स्ट्रोक से विपक्ष मुद्दाहीन हो गया। इसी का असर चुनाव परिणाम में देखने को मिला। यहां तक कि जाट लैंड में भी किसान आंदोलन काम नहीं आया और बीजेपी ने एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ जीत दर्ज की है। आलम यह है कि मथुरा बुलंद शहर जैसे जिलों में भाजपा ने क्लीन स्वीप किया है।
दरअसल, यूपी चुनाव से ऐन पहले भाजपा ने किसान बिल वापस ले लिए। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में किसानों से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि वह किसानों को समझाने में नाकाम रहे। इसी मास्टर स्ट्रोक से विपक्ष के पास भाजपा सरकार को घेरने के लिए मुद्दा नहीं बचा। विपक्षी दल सपा, कांग्रेस, रालोद आदि सत्ताधारी भाजपा को किसान आंदोलन और महंगाई के मुद्दे पर ही घेर रहे थे।
लेकिन भाजपा ने ऐन वक्त पर इस मुद्दे को ही खत्म कर दिया। इसके बाद विपक्ष के पास कोई सटीक मुद्दा नजर नहीं आया। भाजपा ने लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत हासिल कर लिया। यहां तक कि जाटलैंड माने जाने वाले मथुरा, मेरठ, सहारनपुर आदि क्षेत्रों में भी भाजपा का प्रदर्शन बेहतर ही रहा।
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किसान आंदोलन के चलते ही हुआ गठबंधन
उत्तर प्रदेश चुनाव में इस बार सबसे ज्यादा चर्चे सपा-रालोद गठबंधन के ही रहे। किसान आंदोलन को देखते हुए समाजवादी पार्टी इसका फायदा लेना चाहती थी। इसी के चलते चौधरी चरण सिंह के वंशज और जाटों के बड़े नेता जयंत चौधरी की पार्टी रालोद से गठबंधन कर लिया। ताकि जाटलैंड में उनकी पार्टी बेहतर प्रदर्शन कर सके।
मथुरा में पहली बार पांचों सीटों पर कब्जा
2017 के चुनाव से पहले भाजपा हमेशा इक्का-दुक्का सीट पर ही प्रत्याशी को जीत मिली है। 2017 में भाजपा ने पहली बार जिले में 4 सीटों पर कब्जा जमाया था। 2022 के चुनाव में भाजपा ने पहली बार पांचों सीट पर जीत दर्ज की है। लगातार आठ बार के विधायक श्याम सुंदर शर्मा का किला भी ढहा दिया।
निचले तबके तक पहुंची योजनाएं
राजनीतिक जानकार प्रो. पी पचौरी का मानना है कि भाजपा की ओर से चलाई गई योजनाओं का निचले तबके तक पहुंचने का लाभ भी सरकार को मिला। चाहे वह कोरोना काल में राशन वितरण हो, अथवा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ। साथ ही किसान सम्मान निधि में भी नाराज किसानों को मनाने का काम किया।
भाजपा ने किसानों व गरीबों को ध्यान में रखते हुए कार्य किए हैं। किसान सम्मान निधि, किसानों के लिए आधा बिजली बिल माफ इन्हीं को देखते हुए भाजपा को दिया।- कन्हैयालाल शर्मा, किसान, चौमुंहा
बीजेपी राज में भयमुक्त शासन है, बीजेपी ने सभी गरीबों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य किए। उसी के आधार पर बीजेपी को वोट दिया। इसी के चलते भाजपा दोबारा जीती हैं।- जशवंत सिंह पंवार, अकबरपुर
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दरअसल, यूपी चुनाव से ऐन पहले भाजपा ने किसान बिल वापस ले लिए। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में किसानों से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि वह किसानों को समझाने में नाकाम रहे। इसी मास्टर स्ट्रोक से विपक्ष के पास भाजपा सरकार को घेरने के लिए मुद्दा नहीं बचा। विपक्षी दल सपा, कांग्रेस, रालोद आदि सत्ताधारी भाजपा को किसान आंदोलन और महंगाई के मुद्दे पर ही घेर रहे थे।
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लेकिन भाजपा ने ऐन वक्त पर इस मुद्दे को ही खत्म कर दिया। इसके बाद विपक्ष के पास कोई सटीक मुद्दा नजर नहीं आया। भाजपा ने लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत हासिल कर लिया। यहां तक कि जाटलैंड माने जाने वाले मथुरा, मेरठ, सहारनपुर आदि क्षेत्रों में भी भाजपा का प्रदर्शन बेहतर ही रहा।
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किसान आंदोलन के चलते ही हुआ गठबंधन
उत्तर प्रदेश चुनाव में इस बार सबसे ज्यादा चर्चे सपा-रालोद गठबंधन के ही रहे। किसान आंदोलन को देखते हुए समाजवादी पार्टी इसका फायदा लेना चाहती थी। इसी के चलते चौधरी चरण सिंह के वंशज और जाटों के बड़े नेता जयंत चौधरी की पार्टी रालोद से गठबंधन कर लिया। ताकि जाटलैंड में उनकी पार्टी बेहतर प्रदर्शन कर सके।
मथुरा में पहली बार पांचों सीटों पर कब्जा
2017 के चुनाव से पहले भाजपा हमेशा इक्का-दुक्का सीट पर ही प्रत्याशी को जीत मिली है। 2017 में भाजपा ने पहली बार जिले में 4 सीटों पर कब्जा जमाया था। 2022 के चुनाव में भाजपा ने पहली बार पांचों सीट पर जीत दर्ज की है। लगातार आठ बार के विधायक श्याम सुंदर शर्मा का किला भी ढहा दिया।
निचले तबके तक पहुंची योजनाएं
राजनीतिक जानकार प्रो. पी पचौरी का मानना है कि भाजपा की ओर से चलाई गई योजनाओं का निचले तबके तक पहुंचने का लाभ भी सरकार को मिला। चाहे वह कोरोना काल में राशन वितरण हो, अथवा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ। साथ ही किसान सम्मान निधि में भी नाराज किसानों को मनाने का काम किया।
भाजपा ने किसानों व गरीबों को ध्यान में रखते हुए कार्य किए हैं। किसान सम्मान निधि, किसानों के लिए आधा बिजली बिल माफ इन्हीं को देखते हुए भाजपा को दिया।- कन्हैयालाल शर्मा, किसान, चौमुंहा
बीजेपी राज में भयमुक्त शासन है, बीजेपी ने सभी गरीबों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य किए। उसी के आधार पर बीजेपी को वोट दिया। इसी के चलते भाजपा दोबारा जीती हैं।- जशवंत सिंह पंवार, अकबरपुर