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विदेशी गाय के दूध से कैंसर का खतरा: केएमएल पाठक
अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 28 Sep 2016 12:26 AM IST
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गाय
- फोटो : अमर उजाला
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एकात्ममानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मशती महोत्सव में मंगलवार को पशुपालन विभाग और पशु धन विकास परिषद के सहयोग से स्वस्थ गो प्रतियोगिता और पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के गांवों की देशी, दोगली, जर्सी, धारीवाल, साहीवाल और हरियाणवी आदि नस्लों की 250 गाय लाई गईं। मुख्य अतिथि पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान के कुलपति प्रो. केएमएल पाठक रहे।
स्वस्थ गो प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. केएमएल पाठक, पशु चिकित्साधिकारी एसके मलिक, समिति अध्यक्ष अशोक टैंटीवाल, महामंत्री डॉ. कमल कौशिक, मंत्री नवीन मित्तल, कृषि वैज्ञानिक डॉ. रमेश पाल आदि ने गाय को अन्नकूट खिला कर किया। कुलपति पाठक ने कहा कि भारत के घर-घर में गाय को माता की तरह पूजा जाता है।
उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों के शोध में पाया गया है कि देशी गाय के दूध में ए टू प्रोटीन होता है, जो शरीर में कैंसर होने से रोकता है। विदेशी गाय में ए वन प्रोटीन होता है, जो कैंसर का कारण हो सकता है। देशी गाय में पाया जाने वाला प्रोटीन ए टू अमृत है। केंद्र सरकार ने भी देशी गायों को बचाने के लिए गोकुल ग्राम योजना शुरू की है। योजना के तहत देशी गायों को बचाने और दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए कृत्रिम गर्भधारण कराया जाएगा।
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गो प्रतियोगिता पांच वर्ग में आयोजित की गई। इन वर्ग को दुधारू, दूध न देने वाली, बछिया, बच्चे और सर्वोपरि गाय में रखा गया। जिसमें दुधारू वर्ग में चन्द्रकांत प्रथम, किशनचंद द्वितीय, मोहन दास नागाजी तृतीय, दूध न देने वाली में प्रथम दिव्यांष पाठक, द्वितीय मुकेश चंद, तृतीय छगन लाल, बछिया वर्ग में प्रथम हरिगोपाल, द्वितीय नरेन्द्र, तृतीय मान सिंह, बच्चा वर्ग में प्रथम गौरव पाठक, द्वितीय संतोष, तृतीय हाकिम सिंह, सर्वोपरि वर्ग में चन्द्रकांत दीनदयालधाम की गाय अपने-अपने वर्ग में श्रेष्ठ रही।
निर्णायक की भूमिका डॉ. अनुज कुमार, डॉ. रजनीश सिरोही, डॉ. प्रलयंकर नाथ, डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. संजय पुरोहित ने निभाई। संचालन डॉ. रंजन सिंह, डॉ. धर्मेंद्र कठेरिया और डॉ. एसके गंगवार ने किया। इस मौके पर मुख्य रूप से अरविंद मलिक, संतोष कुमार शर्मा, ओपी कुंतल, सहदेव, डॉ. नितिन चौधरी सभी पशुधन प्रसार अधिकारी, डॉ. सर्वजीत यादव सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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स्वस्थ गो प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. केएमएल पाठक, पशु चिकित्साधिकारी एसके मलिक, समिति अध्यक्ष अशोक टैंटीवाल, महामंत्री डॉ. कमल कौशिक, मंत्री नवीन मित्तल, कृषि वैज्ञानिक डॉ. रमेश पाल आदि ने गाय को अन्नकूट खिला कर किया। कुलपति पाठक ने कहा कि भारत के घर-घर में गाय को माता की तरह पूजा जाता है।
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उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों के शोध में पाया गया है कि देशी गाय के दूध में ए टू प्रोटीन होता है, जो शरीर में कैंसर होने से रोकता है। विदेशी गाय में ए वन प्रोटीन होता है, जो कैंसर का कारण हो सकता है। देशी गाय में पाया जाने वाला प्रोटीन ए टू अमृत है। केंद्र सरकार ने भी देशी गायों को बचाने के लिए गोकुल ग्राम योजना शुरू की है। योजना के तहत देशी गायों को बचाने और दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए कृत्रिम गर्भधारण कराया जाएगा।
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गो प्रतियोगिता पांच वर्ग में आयोजित की गई। इन वर्ग को दुधारू, दूध न देने वाली, बछिया, बच्चे और सर्वोपरि गाय में रखा गया। जिसमें दुधारू वर्ग में चन्द्रकांत प्रथम, किशनचंद द्वितीय, मोहन दास नागाजी तृतीय, दूध न देने वाली में प्रथम दिव्यांष पाठक, द्वितीय मुकेश चंद, तृतीय छगन लाल, बछिया वर्ग में प्रथम हरिगोपाल, द्वितीय नरेन्द्र, तृतीय मान सिंह, बच्चा वर्ग में प्रथम गौरव पाठक, द्वितीय संतोष, तृतीय हाकिम सिंह, सर्वोपरि वर्ग में चन्द्रकांत दीनदयालधाम की गाय अपने-अपने वर्ग में श्रेष्ठ रही।
निर्णायक की भूमिका डॉ. अनुज कुमार, डॉ. रजनीश सिरोही, डॉ. प्रलयंकर नाथ, डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. संजय पुरोहित ने निभाई। संचालन डॉ. रंजन सिंह, डॉ. धर्मेंद्र कठेरिया और डॉ. एसके गंगवार ने किया। इस मौके पर मुख्य रूप से अरविंद मलिक, संतोष कुमार शर्मा, ओपी कुंतल, सहदेव, डॉ. नितिन चौधरी सभी पशुधन प्रसार अधिकारी, डॉ. सर्वजीत यादव सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।