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विलय : 68 स्कूलों में अब नहीं होगा बच्चों का शोर, पढ़ने जाना पड़ेगा कहीं और
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मथुरा। प्राथमिक विद्यालय गाैसाना में पढ़ाई करते बच्चे।
- फोटो : mathura
मथुरा। कल तक जिले के जिन स्कूलों में बच्चों का शोर गूंजता था तो कभी शिक्षकों की आवाज आती थी, अब वहां मौन का वास होगा। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा कम नामांकन संख्या वाले 68 स्कूलों का विलय करने के चलते इन विद्यालयों में शुक्रवार से ताला लटक जाएगा। प्रभारी बीएसए ने इसके लिए खंड शिक्षाधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है।
जिले में 1536 परिषदीय विद्यालयों का संचालन हो रहा है, लेकिन अब इनमें से 68 विद्यालयों की संख्या कम हो जाएगी। 20 से कम नामांकन वाले इन विद्यालयों को नजदीकी विद्यालय में विलय करने के लिए प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी कैलाश प्रसाद शुक्ला ने आदेश जारी कर दिया है।
अब खंड शिक्षाधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वह इन स्कूलों में पंजीकृत बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति निर्धारित स्कूल में सुनिश्चित कराएं। नए सत्र में पुराने विद्यार्थियों ने पुराने स्कूलों में पहुंचकर पढ़ाई की शुरुआत की थी, लेकिन अब उनको दूसरे स्कूलों में जाकर पढ़ना होगा। कुल 68 विद्यालयों के 1450 विद्यार्थियों को अब दूसरे स्कूलों पढ़ाई के लिए जाना होगा।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विलय हुए विद्यालयों को बंद करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। एक तरफ बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी जहां स्कूलों के विलय का आदेश पालन कराने में जुटे हैं तो वहीं शिक्षकों में विरोध के स्वर उठ रहे हैं।
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शिक्षकों का विरोध जारी
प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष लोकेश गोस्वामी, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की जिलाध्यक्ष अंजना शर्मा, यूटा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अंशुल गौतम, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अतुल सारस्वत आदि ने कहा कि विद्यालयों का विलय आरटीई एक्ट का खुला उल्लंघन है। जनपद में शासनादेश को ताक पर रख कर विलय के लिए न तो एसएमसी की सहमति ली गई और न ही ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव लिए गए हैं। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
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रेलवे लाइन को पार कर स्कूल पहुंचेंगे बच्चे
राया के प्राथमिक विद्यालय पिरसुआ का विलय उच्च प्राथमिक विद्यालय पिरसुआ कर दिया गया है। इन प्राथमिक विद्यालय के पढ़ने वाले छोटे बच्चों को अब रेलवे लाइन को पार करके स्कूल में पढ़ने के लिए जाना होगा। ग्राम प्रधान मुन्नी देवी व ग्रामवासी ने स्कूल विलय का विरोध किया है, उन्होंने बीएसए को भी पत्र भेजा है।
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विलय स्कूलों के आंकड़े
ब्लॉक स्कूल की संख्या
मांट 14, बलदेव 10, राया 06, नौहझील 09, फरह 03, गोवर्धन 15, मथुरा 04, छाता 01, चौमुहां 02 व नंदगांव 04।
वर्जन
सभी खंड शिक्षाधिकारियों को 20 से कम नामांकन वाले स्कूलों का विलय नजदीकी स्कूल में कराने के आदेश दिए हैं। अब बच्चे नए स्कूल में ही पढ़ेंगे और शिक्षक भी वहीं शिक्षण कार्य कराएंगे।
-कैलाश प्रसाद शुक्ला, प्रभारी बीएसए
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जिले में 1536 परिषदीय विद्यालयों का संचालन हो रहा है, लेकिन अब इनमें से 68 विद्यालयों की संख्या कम हो जाएगी। 20 से कम नामांकन वाले इन विद्यालयों को नजदीकी विद्यालय में विलय करने के लिए प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी कैलाश प्रसाद शुक्ला ने आदेश जारी कर दिया है।
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अब खंड शिक्षाधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वह इन स्कूलों में पंजीकृत बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति निर्धारित स्कूल में सुनिश्चित कराएं। नए सत्र में पुराने विद्यार्थियों ने पुराने स्कूलों में पहुंचकर पढ़ाई की शुरुआत की थी, लेकिन अब उनको दूसरे स्कूलों में जाकर पढ़ना होगा। कुल 68 विद्यालयों के 1450 विद्यार्थियों को अब दूसरे स्कूलों पढ़ाई के लिए जाना होगा।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विलय हुए विद्यालयों को बंद करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। एक तरफ बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी जहां स्कूलों के विलय का आदेश पालन कराने में जुटे हैं तो वहीं शिक्षकों में विरोध के स्वर उठ रहे हैं।
शिक्षकों का विरोध जारी
प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष लोकेश गोस्वामी, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की जिलाध्यक्ष अंजना शर्मा, यूटा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अंशुल गौतम, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अतुल सारस्वत आदि ने कहा कि विद्यालयों का विलय आरटीई एक्ट का खुला उल्लंघन है। जनपद में शासनादेश को ताक पर रख कर विलय के लिए न तो एसएमसी की सहमति ली गई और न ही ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव लिए गए हैं। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
रेलवे लाइन को पार कर स्कूल पहुंचेंगे बच्चे
राया के प्राथमिक विद्यालय पिरसुआ का विलय उच्च प्राथमिक विद्यालय पिरसुआ कर दिया गया है। इन प्राथमिक विद्यालय के पढ़ने वाले छोटे बच्चों को अब रेलवे लाइन को पार करके स्कूल में पढ़ने के लिए जाना होगा। ग्राम प्रधान मुन्नी देवी व ग्रामवासी ने स्कूल विलय का विरोध किया है, उन्होंने बीएसए को भी पत्र भेजा है।
विलय स्कूलों के आंकड़े
ब्लॉक स्कूल की संख्या
मांट 14, बलदेव 10, राया 06, नौहझील 09, फरह 03, गोवर्धन 15, मथुरा 04, छाता 01, चौमुहां 02 व नंदगांव 04।
वर्जन
सभी खंड शिक्षाधिकारियों को 20 से कम नामांकन वाले स्कूलों का विलय नजदीकी स्कूल में कराने के आदेश दिए हैं। अब बच्चे नए स्कूल में ही पढ़ेंगे और शिक्षक भी वहीं शिक्षण कार्य कराएंगे।
-कैलाश प्रसाद शुक्ला, प्रभारी बीएसए