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मथुरा- वृंदावन ब्राॅडगेज: नई बस्ती में नोटिस देने नहीं पहुंची रेलवे की टीम
Tue, 06 Jun 2023 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Updated Tue, 06 Jun 2023 11:55 PM IST
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मथुरा। मथुरा-वृंदावन ब्राॅडगेज में बाधक बन रही नई बस्ती के लोगों को हटाने के लिए मंगलवार को रेलवे की टीम किसी को भी नोटिस देने नहीं पहुंची। हालांकि बस्ती में काबिज 130 लोगों को नोटिस देने की प्रकि्या शुरू हो चुकी है। उधर, दूसरी ओर इस मामले में नई बस्ती के लोग भी सिविल वाद दायर कर चुके हैं। अदालत के नोटिस रेलवे तक पहुंंच गए है।
मथुरा से वृंदावन तक ब्रॉडगेज लाइन के बीच करीब 130 घरों की नई बस्ती आड़े आ रही है। लोगों का कहना है कि वे अपनी जमीन पर काबिज है फिर भी रेलवे यह जमीन चाहती है तो बदले में जमीन दे। परंतु रेलवे का दावा है कि यह जमीन उनकी है और नई बस्ती अवैध रूप से बसी कॉलोनी है, जिसे हटाया जाएगा। रेलवे अधिकारियों की मानें तो उन्हें मंगलवार को नई बस्ती पहुंंचकर लोगों को नोटिस देने का काम करना था परंतु यह नहीं हो सका।
पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि रेलवे प्रक्रिया के तहत अपनी कार्रवाई करेगा। नई बस्ती की ओर से सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दावा दाखिल करने वाले याकूब ने बताया कि अदालत में उन्होंने दावा किया है, जिसमें रेलवे को प्रतिवादी बनाया गया है। रेलवे को नोटिस भी भिजवा दिए गए हैं। उनके दावे पर अब 19 जुलाई को सुनवाई होगी।
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मथुरा से वृंदावन तक ब्रॉडगेज लाइन के बीच करीब 130 घरों की नई बस्ती आड़े आ रही है। लोगों का कहना है कि वे अपनी जमीन पर काबिज है फिर भी रेलवे यह जमीन चाहती है तो बदले में जमीन दे। परंतु रेलवे का दावा है कि यह जमीन उनकी है और नई बस्ती अवैध रूप से बसी कॉलोनी है, जिसे हटाया जाएगा। रेलवे अधिकारियों की मानें तो उन्हें मंगलवार को नई बस्ती पहुंंचकर लोगों को नोटिस देने का काम करना था परंतु यह नहीं हो सका।
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पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि रेलवे प्रक्रिया के तहत अपनी कार्रवाई करेगा। नई बस्ती की ओर से सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दावा दाखिल करने वाले याकूब ने बताया कि अदालत में उन्होंने दावा किया है, जिसमें रेलवे को प्रतिवादी बनाया गया है। रेलवे को नोटिस भी भिजवा दिए गए हैं। उनके दावे पर अब 19 जुलाई को सुनवाई होगी।
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