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मथुरा: गैर इरादतन हत्या में दो को सात-सात वर्ष का कारावास
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मथुरा। वर्ष 2007 में मामूली विवाद में हुई मारपीट के दौरान घायल की मौत के मामले में अदालत ने दो दोषियों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
बल्देव के गांव अरतौनी में 4 मार्च 2007 को साहब सिंह ने दो सगे भाई जगदीश और सुरेश तथा जगदीश के दो पुत्र महेश और रामबाबू के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया जब यह लोग उसे मारपीट कर रहे थे बचाव में आए उसके भाई मुकेश और जयवीर को भी बुरी तरह से घायल कर दिया। बाद में जयवीर सिंह की मौत हो गई।
केस की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-7 कमलेश कुमार पाठक ने अभियुक्त सुरेश और महेश को सात-सात वर्ष के कारावास और दो-दो हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। एडीजीसी मुकेश बाबू गोस्वामी ने बताया कि अर्थदंड जमा न करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। केस के दौरान जगदीश की मौत हो गई जबकि रामबाबू को दोष मुक्त कर दिया है।
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बल्देव के गांव अरतौनी में 4 मार्च 2007 को साहब सिंह ने दो सगे भाई जगदीश और सुरेश तथा जगदीश के दो पुत्र महेश और रामबाबू के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया जब यह लोग उसे मारपीट कर रहे थे बचाव में आए उसके भाई मुकेश और जयवीर को भी बुरी तरह से घायल कर दिया। बाद में जयवीर सिंह की मौत हो गई।
केस की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-7 कमलेश कुमार पाठक ने अभियुक्त सुरेश और महेश को सात-सात वर्ष के कारावास और दो-दो हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। एडीजीसी मुकेश बाबू गोस्वामी ने बताया कि अर्थदंड जमा न करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। केस के दौरान जगदीश की मौत हो गई जबकि रामबाबू को दोष मुक्त कर दिया है।
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