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UP News: पौधारोपण में मथुरा अव्वल...प्रदेश में हासिल किया पहला स्थान, अब इन्हें संरक्षित करने पर रहेगा जोर
Tue, 23 Jul 2024 10:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी. मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी. मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jul 2024 10:13 AM IST
सार
बारिश के मौसम वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत मथुरा में लक्ष्य के सापेक्ष 90 हजार अधिक पौधे लगाए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में पौधारोपण कर मथुरा ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। अब इन पौधों को संरक्षित करने पर जोर रहेगा।
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पौधारोपण करतीं किशोर न्याय बोर्ड की जज शुभांगी गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मथुरा में वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत शनिवार को मथुरा ने प्रदेश में नाम रोशन कर दिया है। जिले का लक्ष्य 3697919 पौधे लगाने का था। जिलेवासियों व सरकारी विभागों ने उत्साह दिखाया तो करीब 90 हजार पौधे अधिक रोपते हुए लक्ष्य के सापेक्ष 3787543 पौधे लगाए गए हैं। अब इनको संरक्षित करने पर जोर है।
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डीएम सख्त आदेश दिए हैं कि सभी विभाग हरितिमा एप पर जियो टैगिंग कर इनका डाटा फीड करें। दरअसल, यह डाटा शनिवार को ही फीड करना था। मगर, एप ठीक से काम नहीं किया। रविवार को छुट्टी होने के चलते काम नहीं हो सका। सोमवार को डीएम ने सख्ती के साथ आदेशित किया कि जल्द डाटा फीड कर विभाग अवगत कराएं।
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जिला वन अधिकारी रजनीकांत मित्तल ने बताया कि हरितिमा एप पर डाटा फीडिंग/जियो टैगिंग का उद्देश्य पौधों को जिंदा रखकर हरियाली विकसित करने का है। उन्होंने बताया कि जब कोई पौधा एक से दूसरी जगह पर खोदकर लगाया जाता है तो उसे बचाने को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। अभी जो पौधे लगाए गए हैं, उनको जिंदा रखने को अधिक परवरिश करनी होगी। खास तौर पर दो सप्ताह तक देखरेख करनी होगी।
हर पेड़ होगा जियो टैग
जिन-जिन विभागों ने पौधरोपण किया है। उनको अपने पौधरोपण अभियान को जियो टैग करना होगा। हरितिमा एप पर डाटा फीड करना होगा। कहां पर किस प्रजाति का कितना बड़ा पौधा लगाया। पूरा डाटा भरना होगा। शनिवार को एप पर अधिक लोड के चलते खराबी आ गई। एप नहीं खुल सका। इसलिए पौधों को जियो टैग नहीं किया जा सका। अब फिर से विभागों को मेहनत करनी होगी। क्योंकि 15 दिन के बाद टीम शासन स्तर से एक-एक पेड़ की मॉनिटरिंग शुरू करेगी। पेड़ों का सत्यापन होगा।
जिन-जिन विभागों ने पौधरोपण किया है। उनको अपने पौधरोपण अभियान को जियो टैग करना होगा। हरितिमा एप पर डाटा फीड करना होगा। कहां पर किस प्रजाति का कितना बड़ा पौधा लगाया। पूरा डाटा भरना होगा। शनिवार को एप पर अधिक लोड के चलते खराबी आ गई। एप नहीं खुल सका। इसलिए पौधों को जियो टैग नहीं किया जा सका। अब फिर से विभागों को मेहनत करनी होगी। क्योंकि 15 दिन के बाद टीम शासन स्तर से एक-एक पेड़ की मॉनिटरिंग शुरू करेगी। पेड़ों का सत्यापन होगा।