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मथुरा: हिंदुत्व जैसी सहिष्णुता किसी अन्य मजहब में नहीं - देवकीनंदन महाराज
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वृंदावन (मथुरा)। कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद द्वारा अपनी किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या’ में हिंदुओं की तुलना इस्लामिक आतंकी संगठन आईएसआईएस से किए जाने का हिंदु संगठनों द्वारा विरोध किया जा रहा है। भागवत प्रवक्ता एवं सनातन धर्म प्रचारक देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने हिंदुओं की तुलना आतंकी संगठन से किए जाने पर आपत्ति व्यक्त की है।
शनिवार को छटीकरा स्थित ठाकुर श्रीप्रियाकांतजू मंदिर में कथा के मध्य उन्होंने कहा कि अगर हिंदु इस्लामिक विचारधारा के संगठनों की तरह कट्टरवादी होते तो इतने दिनों तक अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए इंतजार नहीं किया जाता। सैकड़ों वर्षों तक हिंदुओं ने अपनी भावनाओं को बांधकर न्यायपालिका के निर्णय की प्रतीक्षा की। इससे बड़ी क्या सहिष्णुता होगी। अगर हिंदू उदारवादी नहीं होता तो मथुरा-काशी के मंदिरों पर किसी दूसरे धर्मस्थलों की छाया भी नहीं पड़ती।
जिहादी विचारधारा को समाज और देश के लिए खतरा बताते हुए देवकीनंदन महाराज ने कहा कि हिंदुत्व शांति और दया का संदेश देता है। संसार के किसी भी देश को हिंदुत्व की विचारधारा ने नुकसान नहीं पहुंचाया है। राजनीतिक स्वार्थ के लिए हिंदू विरोधी बयान देकर देश को तोड़ने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि हिंदु विरोधी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले साहित्य और व्यक्तियों पर रोक लगनी चाहिए।
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वृंदावन (मथुरा)। कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद द्वारा अपनी किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या’ में हिंदुओं की तुलना इस्लामिक आतंकी संगठन आईएसआईएस से किए जाने का हिंदु संगठनों द्वारा विरोध किया जा रहा है। भागवत प्रवक्ता एवं सनातन धर्म प्रचारक देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने हिंदुओं की तुलना आतंकी संगठन से किए जाने पर आपत्ति व्यक्त की है।
शनिवार को छटीकरा स्थित ठाकुर श्रीप्रियाकांतजू मंदिर में कथा के मध्य उन्होंने कहा कि अगर हिंदु इस्लामिक विचारधारा के संगठनों की तरह कट्टरवादी होते तो इतने दिनों तक अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए इंतजार नहीं किया जाता। सैकड़ों वर्षों तक हिंदुओं ने अपनी भावनाओं को बांधकर न्यायपालिका के निर्णय की प्रतीक्षा की। इससे बड़ी क्या सहिष्णुता होगी। अगर हिंदू उदारवादी नहीं होता तो मथुरा-काशी के मंदिरों पर किसी दूसरे धर्मस्थलों की छाया भी नहीं पड़ती।
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जिहादी विचारधारा को समाज और देश के लिए खतरा बताते हुए देवकीनंदन महाराज ने कहा कि हिंदुत्व शांति और दया का संदेश देता है। संसार के किसी भी देश को हिंदुत्व की विचारधारा ने नुकसान नहीं पहुंचाया है। राजनीतिक स्वार्थ के लिए हिंदू विरोधी बयान देकर देश को तोड़ने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि हिंदु विरोधी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले साहित्य और व्यक्तियों पर रोक लगनी चाहिए।
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