{"_id":"60ba32d68ebc3e00b03084b5","slug":"mathura-theft-in-the-train-released-on-interim-bail-mathura-news-agr4944403170","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: अंतरिम जमानत पर छूटे ट्रेन में चोरी करने वाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: अंतरिम जमानत पर छूटे ट्रेन में चोरी करने वाले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। संक्रमण को लेकर बना नियम जीआरपी पर भारी पड़ गया। महिला सहित पकड़े गए पांच शातिर चोर तीन दिन में ही जेल से बाहर आ गए। इनमें कई के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
जीआरपी ने 30 मई को जंक्शन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो से ट्रेनों में चोरी करने वाले गिरोह की महिला सदस्य सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से करीब सवा लाख रुपये भी बरामद किए थे। गिरफ्तार अभियुक्तों में सुखवीर उर्फ चैटाला निवासी ग्राम बिलौठी थाना चिकसाना भरतपुर, अजय कुमार निवासी खूबनगर करौली राजस्थान, नीनू उर्फ जितेंद्र निवासी तिवारीपुरम जमुनापार मथुरा, नंद किशोर उर्फ सम्पाती निवासी ग्राम बासौनी आगरा और मीनू उर्फ सोना पत्नी सुरेश निवासी ग्राम बैर थाना विरानी जिला हनुमानगढ़प राजस्थान शामिल थे।
महिला सदस्य ने स्वीकारा था वह साथियों के लिए ट्रेनों में टिकट आरक्षित कराती और फिर गिरोह के सदस्य ट्रेन के कोचों में घूम-घूम कर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। गिरफ्तार सभी अभियुक्तों को कोविड नियम के चलते 60 दिन की अंतरिम जमानत पर दो जून को जेल से जमानत मिल गई। जीआरपी निरीक्षक सुबोध कुमार यादव ने बताया कि महिला सदस्य सहित सभी पांच आरोपियों को अंतरिम जमानत पर जेल से रिहाई मिल गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जीआरपी ने 30 मई को जंक्शन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो से ट्रेनों में चोरी करने वाले गिरोह की महिला सदस्य सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से करीब सवा लाख रुपये भी बरामद किए थे। गिरफ्तार अभियुक्तों में सुखवीर उर्फ चैटाला निवासी ग्राम बिलौठी थाना चिकसाना भरतपुर, अजय कुमार निवासी खूबनगर करौली राजस्थान, नीनू उर्फ जितेंद्र निवासी तिवारीपुरम जमुनापार मथुरा, नंद किशोर उर्फ सम्पाती निवासी ग्राम बासौनी आगरा और मीनू उर्फ सोना पत्नी सुरेश निवासी ग्राम बैर थाना विरानी जिला हनुमानगढ़प राजस्थान शामिल थे।
विज्ञापन
महिला सदस्य ने स्वीकारा था वह साथियों के लिए ट्रेनों में टिकट आरक्षित कराती और फिर गिरोह के सदस्य ट्रेन के कोचों में घूम-घूम कर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। गिरफ्तार सभी अभियुक्तों को कोविड नियम के चलते 60 दिन की अंतरिम जमानत पर दो जून को जेल से जमानत मिल गई। जीआरपी निरीक्षक सुबोध कुमार यादव ने बताया कि महिला सदस्य सहित सभी पांच आरोपियों को अंतरिम जमानत पर जेल से रिहाई मिल गई है।
विज्ञापन