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मथुरा: ब्रज यात्रा ने की वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा
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बरसाना से प्रारंभ हुई चौरासी कोस की परिक्रमा मैं श्रद्धालु श्री धाम वृंदावन की पंचकोशी परिक्रमा
- फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। श्री धाम वृंदावन निवास के दूसरे दिन राधारानी ब्रज यात्रा ने वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा की। परिक्रमा से संपूर्ण परिक्रमा मार्ग भगवन्नाम के उद्घोष से गुंजायमान था। चाहे कोई परिक्रमार्थी व वृंदावनवासी हर व्यक्ति की दृष्टि मधुर संकीर्तन पर टिकी थी।
आनंद का सागर मानों हिलोरे ले रहा हो। रास्ते में जगह-जगह यात्रा का स्वागत हुआ। महंत श्री फूल डोल दास ने दुपट्टा ओढ़ाकर संकीर्तन वालों का स्वागत किया। मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दासजी व पद्मश्री रमेश बाबा की पारस्परिक भेंट हुई, जिसमें गोवंश की रक्षा व अध्यात्म चर्चा के अतिरिक्त एक-दूसरे के स्वास्थ्य के विषय में जानकारी ली।
यमुनाजी के प्रति अतिशय लगाव की झांकी दिखाई पड़ी। बाबा ने सेई से लेकर वृंदावन तक सैकड़ों लोगों के साथ नौका व स्टीमरों से यात्रा की। यात्रा शिविर में पहुंचने के पश्चात बाबा ने कहा कि यात्रा हमने नि:शुल्क इस लिए रखी ताकि धनाभाव के कारण कोई यात्रा से वंचित न रहे। बाबा ने टाटिया स्थान के भी दर्शन किए। वहां पर महंत जी ने सभी का स्वागत किया।
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आनंद का सागर मानों हिलोरे ले रहा हो। रास्ते में जगह-जगह यात्रा का स्वागत हुआ। महंत श्री फूल डोल दास ने दुपट्टा ओढ़ाकर संकीर्तन वालों का स्वागत किया। मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दासजी व पद्मश्री रमेश बाबा की पारस्परिक भेंट हुई, जिसमें गोवंश की रक्षा व अध्यात्म चर्चा के अतिरिक्त एक-दूसरे के स्वास्थ्य के विषय में जानकारी ली।
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यमुनाजी के प्रति अतिशय लगाव की झांकी दिखाई पड़ी। बाबा ने सेई से लेकर वृंदावन तक सैकड़ों लोगों के साथ नौका व स्टीमरों से यात्रा की। यात्रा शिविर में पहुंचने के पश्चात बाबा ने कहा कि यात्रा हमने नि:शुल्क इस लिए रखी ताकि धनाभाव के कारण कोई यात्रा से वंचित न रहे। बाबा ने टाटिया स्थान के भी दर्शन किए। वहां पर महंत जी ने सभी का स्वागत किया।
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