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मथुरा: बंदरों को आतंक नहीं हुआ खत्म, हो रहे हैं हमलावर
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घर के दरवाजे व टिनशेड पर बैठा बंदरों का झुंड।
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मथुरा। शहर में बंदरों का उत्पात कम होने की बजाए बढ़ता जा रहा है। इससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है। कभी-कभार तो यह बंदर हमलावर भी हो जाते हैं। इससे लोगों को अब घर से निकलने में डर सताने लगा है। जल्द ही इन बंदरों को पकड़ने का अभियान नहीं चलाया गया तो लोग सड़क पर उतर सकते हैं।
शहर को ऐसा कोई ही कोना होगा, जहां घरों की छत और गलियों में बंदरों का झुंड न दिख जाए। झुंड में चलने वाले इन बंदरों के कारण लोग अब घरों से निकलने में घबराने लगे हैं। जयसिंहपुरा के श्याम बघेल ने बताया कि बंदरों के कारण बच्चों का घर निकलना दूभर हो गया है।
झुंड में चलने वाले यह बंदर कभी भी हमलावर हो जाते हैं। दिन तो छोड़ो, रात में यह छतों पर उछलकूद करते रहते हैं। कच्ची सड़क निवासी राजू शर्मा भी बंदरों के आतंक से काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि बंदरों कम होने की बजाए लगातार बढ़ ही रहे हैं। सर्दी के मौसम में छत पर बैठना भी परेशानी का सबब बन गया है। जल्द ही बंदर पकड़ने का नगर निगम प्रशासन ने अभियान नहीं चलाया तो आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
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यहां हैं बड़ी तादात में बंदर
- चौबियापाड़ा, डैंपियर नगर, जयसिंहपुरा, कुशक गली, कृष्णानगर, महोली रोड, आर्यसमाज रोड, घीयामंडी, मंडी रामदास, कच्ची सड़क, बैरागपुरा, डीएवी स्कूल के पास, महाविद्या कॉलोनी, गोविंद आश्रम, गोविंदनगर, वृंदावन, जगन्नाथपुरी, सदर बाजार, कृष्णापुरी आदि जगह शामिल हैं।
केवल दो हजार ही पकड़े नगर निगम ने बंदर
नगर निगम ने दो बार बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया। इस दो बार के अभियान में लगभग २ हजार ही बंदर पकड़े गए। नगर निगम इन बंदरों को चंबल में छोड़ने का दावा कर रहा है, फिर कम होने की बजाए बंदरों की संख्या में इजाफा कैसे हुआ।
जल्द ही बंदर पकड़ने का अभियान फिर चलाया जाएगा। अनुमति मिलते ही अभियान चलाकर बंदरों को पकड़कर चंबल में छोड़ा जाएगा।
-अनुनय झा, नगर आयुक्त मथुरा-वृंदावन नगर निगम
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शहर को ऐसा कोई ही कोना होगा, जहां घरों की छत और गलियों में बंदरों का झुंड न दिख जाए। झुंड में चलने वाले इन बंदरों के कारण लोग अब घरों से निकलने में घबराने लगे हैं। जयसिंहपुरा के श्याम बघेल ने बताया कि बंदरों के कारण बच्चों का घर निकलना दूभर हो गया है।
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झुंड में चलने वाले यह बंदर कभी भी हमलावर हो जाते हैं। दिन तो छोड़ो, रात में यह छतों पर उछलकूद करते रहते हैं। कच्ची सड़क निवासी राजू शर्मा भी बंदरों के आतंक से काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि बंदरों कम होने की बजाए लगातार बढ़ ही रहे हैं। सर्दी के मौसम में छत पर बैठना भी परेशानी का सबब बन गया है। जल्द ही बंदर पकड़ने का नगर निगम प्रशासन ने अभियान नहीं चलाया तो आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
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यहां हैं बड़ी तादात में बंदर
- चौबियापाड़ा, डैंपियर नगर, जयसिंहपुरा, कुशक गली, कृष्णानगर, महोली रोड, आर्यसमाज रोड, घीयामंडी, मंडी रामदास, कच्ची सड़क, बैरागपुरा, डीएवी स्कूल के पास, महाविद्या कॉलोनी, गोविंद आश्रम, गोविंदनगर, वृंदावन, जगन्नाथपुरी, सदर बाजार, कृष्णापुरी आदि जगह शामिल हैं।
केवल दो हजार ही पकड़े नगर निगम ने बंदर
नगर निगम ने दो बार बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया। इस दो बार के अभियान में लगभग २ हजार ही बंदर पकड़े गए। नगर निगम इन बंदरों को चंबल में छोड़ने का दावा कर रहा है, फिर कम होने की बजाए बंदरों की संख्या में इजाफा कैसे हुआ।
जल्द ही बंदर पकड़ने का अभियान फिर चलाया जाएगा। अनुमति मिलते ही अभियान चलाकर बंदरों को पकड़कर चंबल में छोड़ा जाएगा।
-अनुनय झा, नगर आयुक्त मथुरा-वृंदावन नगर निगम