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मथुरा: नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म करने वाले दोषी शिक्षक को दस वर्ष का कठोर कारावास
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मथुरा। नाबालिग अनुसूचित जाति की छात्रा को ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक ने पहले अपने जाल में फंसाया, फिर अपने दोस्त के माध्यम से वीडियो क्लिप बनवाई और लगातार दुष्कर्म किया। परिजन को उस समय जानकारी हुई, जब किशोरी गर्भवती हो गई। मां की शिकायत पर हुए दर्ज केस में अदालत ने दोषी शिक्षक को दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दुष्कर्म करने वाला शिक्षक वारदात के बाद से जेल में है।
पुलिस के अनुसार मूलरूप से नसीटी थाना मांट निवासी सचिन चौधरी हाईवे क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहता था। नजदीक की रहने वाली 14 वर्षीय किशोरी उससे ट्यूशन पढ़ती थी। सचिन ने पहले अपने जाल में फंसा कर अपने दोस्त के माध्यम से वीडियो क्लीपिंग तैयार कराई और आए दिन डरा धमकाकर दुष्कर्म करने लगा। परिजन को उस समय पता लगा जब 14 मई 2015 को छात्रा के पेट में दर्द हुआ। जिसके बाद चिकित्सक के पास ले जाया गया। अल्ट्रासाउंड में गर्भवती निकली।
पुलिस के मुताबिक मां ने थाना हाईवे में शिक्षक सचिन व उसके दोस्त के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने चार्जशीट से उसके दोस्त का नाम निकाल दिया। सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट-2 जहेंद्र पाल सिंह ने दुष्कर्म करने वाले शिक्षक को दस वर्ष का कठोर कारावास व बीस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि वारदात के बाद से अभियुक्त जेल में था। न्यायालय ने पीड़िता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से दो लाख रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए जाने का आदेश दिया है। यदि पीड़िता को पहले कोई प्रतिकर मिल चुका है तो वह इसमें समाहित होगा।
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पुलिस के अनुसार मूलरूप से नसीटी थाना मांट निवासी सचिन चौधरी हाईवे क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहता था। नजदीक की रहने वाली 14 वर्षीय किशोरी उससे ट्यूशन पढ़ती थी। सचिन ने पहले अपने जाल में फंसा कर अपने दोस्त के माध्यम से वीडियो क्लीपिंग तैयार कराई और आए दिन डरा धमकाकर दुष्कर्म करने लगा। परिजन को उस समय पता लगा जब 14 मई 2015 को छात्रा के पेट में दर्द हुआ। जिसके बाद चिकित्सक के पास ले जाया गया। अल्ट्रासाउंड में गर्भवती निकली।
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पुलिस के मुताबिक मां ने थाना हाईवे में शिक्षक सचिन व उसके दोस्त के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने चार्जशीट से उसके दोस्त का नाम निकाल दिया। सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट-2 जहेंद्र पाल सिंह ने दुष्कर्म करने वाले शिक्षक को दस वर्ष का कठोर कारावास व बीस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि वारदात के बाद से अभियुक्त जेल में था। न्यायालय ने पीड़िता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से दो लाख रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए जाने का आदेश दिया है। यदि पीड़िता को पहले कोई प्रतिकर मिल चुका है तो वह इसमें समाहित होगा।
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