{"_id":"6126580f8ebc3e79fa1ac752","slug":"mathura-teachers-and-principals-protest-in-dios-office-mathura-news-agr5049715114","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: शिक्षक और प्रधानाचार्यों ने डीआईओएस कार्यालय में दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: शिक्षक और प्रधानाचार्यों ने डीआईओएस कार्यालय में दिया धरना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेश सरकार की शिक्षक और शिक्षणेत्तर विरोधी मानसिकता के विरुद्ध बुधवार को डीआईओएस कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से मुख्यमंत्री को 15 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में शिक्षकों की मांगों में 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन में शामिल करने, वित्तविहीन विद्यालय के शिक्षकों को नियमित करने, शिक्षकों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा और स्थानांतरण का सरलीकरण करने, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की धारा 21 को पूर्ववर्ती रखने, महिला शिक्षकों को सभी अनुमन्य अवकाश सुविधा, मांगों में सामूहिक बीमा व्यवस्था भी लागू होने, कंप्यूटर व व्यवसायिक शिक्षकों को पूर्णकालिक सेवा प्रदान करने, ट्रांसफर प्रक्रिया में सभी अड़चनें दूर करने आदि शामिल हैं।
जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार उपाध्याय, जिला मंत्री डॉ. शिवाजी सिंह, प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. मनवीर सिंह, चंद्रभान यादव एवं संजय पचौरी, विनोद उपाध्याय, प्रमोद चतुर्वेदी, आनंद शर्मा, भरत सिंह, डॉ. प्रियंका ने विचार व्यक्त किए। भगत सिंह, गोपाल सिंह, राकेश कुमार राही, संजय सिंह, लालाराम कौशिक, कैलाश कौशिक, शैलेंद्र कुमार यादव, नूतन कुमार, दिनेश भारद्वाज, बृजभूषण चौहान, राजेश चौधरी, मोकम सिंह, उधम सिंह, अरुण कुमार पांडे, चंद्रशेखर वर्मा, डॉ. प्रियंका, पूर्णिमा चटर्जी, मिथिलेश कुमारी, अनीता आचार्य, मेघा सिंह, उमेश सारस्वत, डॉ. कमल कौशिक, डॉ. संजय शर्मा, उमेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञापन में शिक्षकों की मांगों में 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन में शामिल करने, वित्तविहीन विद्यालय के शिक्षकों को नियमित करने, शिक्षकों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा और स्थानांतरण का सरलीकरण करने, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की धारा 21 को पूर्ववर्ती रखने, महिला शिक्षकों को सभी अनुमन्य अवकाश सुविधा, मांगों में सामूहिक बीमा व्यवस्था भी लागू होने, कंप्यूटर व व्यवसायिक शिक्षकों को पूर्णकालिक सेवा प्रदान करने, ट्रांसफर प्रक्रिया में सभी अड़चनें दूर करने आदि शामिल हैं।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार उपाध्याय, जिला मंत्री डॉ. शिवाजी सिंह, प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. मनवीर सिंह, चंद्रभान यादव एवं संजय पचौरी, विनोद उपाध्याय, प्रमोद चतुर्वेदी, आनंद शर्मा, भरत सिंह, डॉ. प्रियंका ने विचार व्यक्त किए। भगत सिंह, गोपाल सिंह, राकेश कुमार राही, संजय सिंह, लालाराम कौशिक, कैलाश कौशिक, शैलेंद्र कुमार यादव, नूतन कुमार, दिनेश भारद्वाज, बृजभूषण चौहान, राजेश चौधरी, मोकम सिंह, उधम सिंह, अरुण कुमार पांडे, चंद्रशेखर वर्मा, डॉ. प्रियंका, पूर्णिमा चटर्जी, मिथिलेश कुमारी, अनीता आचार्य, मेघा सिंह, उमेश सारस्वत, डॉ. कमल कौशिक, डॉ. संजय शर्मा, उमेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन