{"_id":"61e95a03cddd33068f3dab62","slug":"mathura-sakat-chaturthi-this-time-the-meeting-of-tritiya-and-chaturthi-date-good-luck-yoga-is-being-formed-mathura-news-mtr5120390197","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: सकट चतुर्थी: इस बार हो रहा तृतीया एवं चतुर्थी तिथि का मिलन, बन रहा सौभाग्य योग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: सकट चतुर्थी: इस बार हो रहा तृतीया एवं चतुर्थी तिथि का मिलन, बन रहा सौभाग्य योग
विज्ञापन
मथुरा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तृतीया की स्वामी पार्वती जी हैं तो चतुर्थी के स्वामी गणेश जी। इस वर्ष 21 जनवरी को सकट चतुर्थी पर तृतीया एवं चतुर्थी तिथि का मिलन हो रहा है। शुक्रवार कोे प्रात: 8:51 तक तृतीया तिथि रहेगी, उसके बाद चतुर्थी तिथि रात तक रहेगी। इस तरह यह तिथि दोनों तिथियों के मिलन की तिथि है।
माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चौथ के रूप में जाना जाता है। इस बार सकट चौथ पर सौभाग्य योग बन रहा है, जो काफी उत्तम माना जा रहा है। मान्यता है कि इस शुभ योग पर कोई भी कार्य और पूजा हमेशा सफलता दिलाती है।
सकट चौथ के दिन व्रत रख कर भगवान गणेश की पूजा की परंपरा है। दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर चतुर्वेदी बताते हैं कि इस साल सकट संकष्टी व्रत 21 जनवरी को है। इसे संकष्टी चतुर्थी, लंबोदर संकष्टी चतुर्थी, तिलकुटा चौथ, तिलकुट चतुर्थी, संकटा चौथ, माघी चौथ, तिल चौथ आदि नामों से भी जाना जाता है।
विज्ञापन
ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता ने बताया कि इस बार सकट चौथ पर सौभाग्य योग बन रहा है। सकट चौथ पर सौभाग्य योग दोपहर 3 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। इसके बाद शोभन योग शुरू होगा। वहीं चतुर्थी तिथि 22 जनवरी को सुबह 09:14 बजे तक है। चंद्रोदय के समयानुसार सकट चौथ का व्रत रखना उचित है। 22 जनवरी में चतुर्थी तिथि का चंद्रोदय नहीं होगा। इसके साथ ही सकट चौथ के दिन अभिजीत मुहूर्त 12 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।
विज्ञापन
माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चौथ के रूप में जाना जाता है। इस बार सकट चौथ पर सौभाग्य योग बन रहा है, जो काफी उत्तम माना जा रहा है। मान्यता है कि इस शुभ योग पर कोई भी कार्य और पूजा हमेशा सफलता दिलाती है।
विज्ञापन
सकट चौथ के दिन व्रत रख कर भगवान गणेश की पूजा की परंपरा है। दीपक ज्योतिष भागवत संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर चतुर्वेदी बताते हैं कि इस साल सकट संकष्टी व्रत 21 जनवरी को है। इसे संकष्टी चतुर्थी, लंबोदर संकष्टी चतुर्थी, तिलकुटा चौथ, तिलकुट चतुर्थी, संकटा चौथ, माघी चौथ, तिल चौथ आदि नामों से भी जाना जाता है।
विज्ञापन
ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता ने बताया कि इस बार सकट चौथ पर सौभाग्य योग बन रहा है। सकट चौथ पर सौभाग्य योग दोपहर 3 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। इसके बाद शोभन योग शुरू होगा। वहीं चतुर्थी तिथि 22 जनवरी को सुबह 09:14 बजे तक है। चंद्रोदय के समयानुसार सकट चौथ का व्रत रखना उचित है। 22 जनवरी में चतुर्थी तिथि का चंद्रोदय नहीं होगा। इसके साथ ही सकट चौथ के दिन अभिजीत मुहूर्त 12 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।