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मथुरा: पोषाहार से वंचित महिलाओं में आक्रोश, डीएम से कार्रवाई की मांग
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मथुरा (गोवर्धन)। बाल विकास योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को सरकार से मिलने वाले पुष्ट पोषाहार का वितरण सरकारी कागजों में ही हो रहा और सामान ब्लैक में बेचा जा रहा है। बृहस्पतिवार को गोवर्धन के गांव अडींग के दारू कूटा मोहल्ला में पोषाहार न मिलने से आक्रोशित महिलाओं ने पोषाहार वितरण करने वाले समूह व आंगनबाड़ी के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए डीएम से कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि पांच माह से बाल पोषाहार सामग्री का वितरण नहीं किया है। इसकी शिकायत बाल विकास योजना अधिकारी से की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।
छह माह, 3-6 वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलता है। योजना में आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है। गोवर्धन में बाल विकास योजना 2004 में संचालित हुई। पहले मक्का और गेहूं की पंजीरी पोषाहार के रूप में वितरण की जाती थी, लेकिन अब जनवरी 2021 से पोषाहार के रूप में दूध, देशी घी, रिफाइंड, चना की दाल के पैकिट वितरण किए गए। इस माह सरसों तेल, चना दाल, गेहूं, चावल वितरण के लिए आंगनबाड़ी सहायता समूह को दिए गए। लेकिन आरोप है कि इस सामग्री का लाभ लाभार्थियों को नहीं मिल रहा है।
अडींग निवासी खुशबू देवी, मोनिका देवी व नेहा देवी का कहना है कि आंगनबाड़ी और सहायता समूह द्वारा कई बार आधार कार्ड लेकर रजिस्टर में नाम लिखे लेकिन कोई सामान हमें नहीं दिया। जबकि छोटे-छोटे बच्चे हैं।
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दारु कूटा मोहल्ला से शिकायत मिली है। जानकारी जुटा रही हूं। अगर आंगनबाड़ी केंद्र पर ऐसा हो रहा है तो अधिकारियों को अवगत कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
- स्नेहलता, ग्राम प्रधान अडींग
अडींग ग्राम पंचायत में 9 सेंटरों पर छह सौ के करीब लाभार्थी हैं। पिछले माह दूध, घी, रिफाइंड चना लाभार्थियों को वितरण किया गया था। इस माह दाल, सरसों का तेल, गेहूं व चावल वितरण के लिए दिया गया है। पोषाहार का लाभ ना मिलने की शिकायत मिली है। जांच कराई जा रही है।
- कमलेश प्रसाद, प्रभारी बाल विकास योजना अधिकारी गोवर्धन
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छह माह, 3-6 वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलता है। योजना में आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है। गोवर्धन में बाल विकास योजना 2004 में संचालित हुई। पहले मक्का और गेहूं की पंजीरी पोषाहार के रूप में वितरण की जाती थी, लेकिन अब जनवरी 2021 से पोषाहार के रूप में दूध, देशी घी, रिफाइंड, चना की दाल के पैकिट वितरण किए गए। इस माह सरसों तेल, चना दाल, गेहूं, चावल वितरण के लिए आंगनबाड़ी सहायता समूह को दिए गए। लेकिन आरोप है कि इस सामग्री का लाभ लाभार्थियों को नहीं मिल रहा है।
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अडींग निवासी खुशबू देवी, मोनिका देवी व नेहा देवी का कहना है कि आंगनबाड़ी और सहायता समूह द्वारा कई बार आधार कार्ड लेकर रजिस्टर में नाम लिखे लेकिन कोई सामान हमें नहीं दिया। जबकि छोटे-छोटे बच्चे हैं।
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दारु कूटा मोहल्ला से शिकायत मिली है। जानकारी जुटा रही हूं। अगर आंगनबाड़ी केंद्र पर ऐसा हो रहा है तो अधिकारियों को अवगत कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
- स्नेहलता, ग्राम प्रधान अडींग
अडींग ग्राम पंचायत में 9 सेंटरों पर छह सौ के करीब लाभार्थी हैं। पिछले माह दूध, घी, रिफाइंड चना लाभार्थियों को वितरण किया गया था। इस माह दाल, सरसों का तेल, गेहूं व चावल वितरण के लिए दिया गया है। पोषाहार का लाभ ना मिलने की शिकायत मिली है। जांच कराई जा रही है।
- कमलेश प्रसाद, प्रभारी बाल विकास योजना अधिकारी गोवर्धन