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मथुरा रेल हादसा: 100 से अधिक ट्रेनें प्रभावित, 34 निरस्त, ट्रैक पूरी तरह ठीक होने में दो दिन और लगेंगे

Fri, 20 Sep 2024 10:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा
अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 20 Sep 2024 10:06 AM IST
सार

बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे तीसरी लाइन बहाल हो गई, हालांकि तब तक इस ट्रैक से कोई ट्रेन दिल्ली की तरफ से मथुरा नहीं आई थी। पूरी तरह ट्रैक ठीक होने में अभी दो दिन और लग सकते हैं।

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Mathura Rail Accident: More than 100 trains affected, 34 cancelled,
वृंदावन-अझई के बीच मालगाड़ी डीरेल। - फोटो : संवाद

विस्तार

वृंदावन रोड स्टेशन और अझई के बीच बुधवार रात को मालगाड़ी के 26 डिब्बे ट्रैक से उतरने के बाद दिल्ली-मुंबई रेलवे मार्ग पर चलने वाली 100 से ज्यादा गाड़ियां प्रभावित हो गई हैं। 34 रेलगाड़ियों काे निरस्त करना पड़ा तो 60 से अधिक को परिवर्तित मार्ग से चलाया गया। आठ ट्रेन आंशिक रूप से निरस्त रहीं। 

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उधर, बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे तीसरी लाइन बहाल हो गई, हालांकि तब तक इस ट्रैक से कोई ट्रेन दिल्ली की तरफ से मथुरा नहीं आई थी। पूरी तरह ट्रैक ठीक होने में अभी दो दिन और लग सकते हैं। वहीं, घटना में आतंकी कनेक्शन तलाशने के लिए एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने भी मौके पर जाकर जायजा लिया। दिल्ली-मुंबई मार्ग पर सफर करने वाले लगभग एक लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित हो गए हैं। घटनास्थल पर पहुंचे महाप्रबंधक उपेंद्र चंद्र जोशी ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
 

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इस मार्ग पर चार में से तीन ट्रैक बंद हैं। एक-एक कर चौथी डाउनलाइन से ही रुक रुक कर ट्रेनें निकाली जा रही हैं। बस एक लाइन चालू होने की वजह से राजधानी समेत अन्य कई प्रमुख ट्रेनें काफी देर तक आगरा से मथुरा तक रेंगते हुए आगे बढ़ीं। एक ट्रेन का रूट क्लीयर होने के बाद दूसरी ट्रेन को आगे बढ़ाया गया। 
 

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अधिकारियों के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई मालगाड़ी मेन डाउन लाइन पर जा रही थी। हादसे के बाद मेन अपलाइन और मेन डाउन लाइन का काफी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। टेढ़ी हुई पटरियों को हटाकर नई पटरियां लगाने का काम किया जा रहा है। माना जा रहा है कि अप मेनलाइन और डाउन मेनलाइन का काम पूरा होने में अभी काफी समय लग सकता है।
 

बुधवार को हादसे के बाद ये ट्रेनें हुईं प्रभावित
दिल्ली-खजुराहो वंदे भारत, नई दिल्ली-रानी कमलापति शताब्दी, नई दिल्ली-झांसी, नई दिल्ली-कोटा एक्सप्रेस, 4496 पलवल-आगरा मेमू, 12059/12060 कोटा-नई दिल्ली-कोटा एक्सप्रेस निरस्त रहीं।
 

ये मुख्य ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलाई गईं
12652 निजममुद्दीन-मदुरई, 12138 फिरोजपुर -छत्रपति शिवाजी एक्सप्रेस, 12264 निजामुद्दीन-पुणे, 12618 निजाममुद्दीन-एर्णाकुलम, 12650 निजामुद्दीन-यशवंतपुर एक्सप्रेस, 18478 योग नगरी ऋषिकेश-पुरी एक्सप्रेस, 11450 श्री माता वैष्णो धाम कटड़ा-जबलपुर, 12550 जम्मू तवी-दुर्ग,12616 नई दिल्ली-चेन्नई, 12908 निजामुद्दीन-बांद्रा, 12926 अमृतसर-मुंबई सेंट्रल, 12952 नई दिल्ली-मुंबई सेंट्रल, 22182 निजामुद्दीन-जबलपुर समेत कई ट्रेन परिवर्तित रूट से चली।

आज भी निरस्त-डायवर्ट रहेंगी कई ट्रेन
आगरा में ट्रेनें 6 से 8 घंटे तक देरी से पहुंची। इस कारण यात्रियों का हाल बेहाल हो गया। आगरा कैंट स्टेशन पर यात्रियों को जानकारी लेने में भी समस्या का सामना करना पड़ा। निरस्त ट्रेनों में भोपाल शताब्दी, भोपाल वंदेभारत, गतिमान एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेन भी शामिल रहीं। इससे दिक्कत ज्यादा हुई। यात्रियों ने अपने यात्रा को ट्रेन से कैंसल भी किया। शुक्रवार को भी दो दर्ज से अधिक ट्रेनों को निरस्त व डायवर्ट करने की घोषणा की है।  

  • यात्रियों की सुविधा के लिए आगरा कैंट स्टेशन पर हेल्प डेस्क बनाई गई थी। हादसे के बाद से ही यात्री स्टेशन पर ट्रेनों के आने का इंतजार कर रहे थे। मगर, उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। रात से इंतजार कर रहे लोगाें को सुबह भी ट्रेन आसानी से नहीं मिल सकी। कई ट्रेनों के लिए दोपहर तक का इंतजार करना पड़ा।  
  • यात्री अनिकेत राय के अनुसार पूछताछ काउंटर पर उन्हें बताया कि 4 नंबर प्लेटफार्म पर ट्रेन मिल जाएगी। मगर, वो ट्रेन भी आगे नहीं जा रही थी। इस पर उन्होंने रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 1072 पर काॅल किया। काॅल रिसीव करने वाले ने कहा कि समस्या है। बस से आगे जा सकते हैं, जबकि टिकट पर टीटी ने लिखकर दिया था कि दूसरी ट्रेन में बैठ सकते हैं।

 

मिट्टी में मिल गया करीब 1820 टन कोयला
मालगाड़ी के डिब्बे पलटने से उसमे लदा लगभग 1820 टन कोयला मिट्टी में मिल गया है। ये कोयला छत्तीसगढ़ बिलासपुर रेल खंड के सूरजपुर रोड से मालगाड़ी में लोड हुआ था। इसकी डिलीवरी सूरतगढ़ थर्मल पावर प्लांट राजस्थान में की जानी थी। कोयले की अनुमानित कीमत करीब पचास लाख रुपये आंकी जा रही है।
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