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मथुरा: राधे झूलन पधारौ घिर आये बदरा.....
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मथुरा। हरियाली तीज पर संगमरमर की सफेद छतरी से कृपा बरसातीं वृषभानु नंदिनी श्रीराधारानी।
- फोटो : MATHURA
बरसाना (मथुरा)। हिंडोला कुंज वन डारौ री झूलन आयीं राधिका प्यारी... कुछ यही भाव लेकर रविवार की सुबह सेवायत वृषभानु नंदिनी को स्वर्ण हिंडोले में झूला झुला रहे थे। वही नजदीक से लाडली के दर्शन कर श्रद्धालु भी अपने आपको कृतार्थ मान रहे थे।
हरियाली तीज के त्योहार पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब बरसाना स्थित राधारानी मंदिर में उमड़ने लगा। सेवायतों द्वारा मंदिर परिसर को हरे परिधानों से सजाया गया। वृषभानु दुलारी भी जगमोहन में स्थित स्वर्ण हिंडोले में विराजमान होकर भक्तों पर कृपा बरसा रही थीं। राधे झूलन पधारौ घिर आये बदरा, राधा झूले श्याम झुलावे आदि मल्हारों पर श्रद्धालु झूम रहे थे। इस दौरान सेवायतों द्वारा लाडली के दरबार में सतरंगी छप्पन भोग लगाया गया।
शाम साढ़े पांच बजे वृषभानु नंदिनी का डोला मंदिर परिसर में स्थित नीचे सफेद छतरी मेें लाया गया। इस दौरान उनके दर्शनों की एक झलक पाने को श्रद्धालु बेताब नजर आ रहे थे। इसके उपरांत देर शाम को गोस्वामी समाज की विवाहिता बेटी द्वारा राधारानी का आरता किया गया।
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इसके बाद डोला में बैठाकर राधाकृष्ण के श्रीविग्रह को वापस गर्भगृह ले जाया गया। सेवायत हेमंत गोस्वामी ने बताया कि हरियाली तीज से ही तेरह दिवसीय झूलन महोत्सव की शुरुआत पूरे ब्रजमंडल में हो गई है। लाडली जी मंदिर में रोजना शाम को वृषभानु नंदिनी स्वर्ण हिंडोले में विराजमान होकर झूला झूलेंगी।
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हरियाली तीज के त्योहार पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब बरसाना स्थित राधारानी मंदिर में उमड़ने लगा। सेवायतों द्वारा मंदिर परिसर को हरे परिधानों से सजाया गया। वृषभानु दुलारी भी जगमोहन में स्थित स्वर्ण हिंडोले में विराजमान होकर भक्तों पर कृपा बरसा रही थीं। राधे झूलन पधारौ घिर आये बदरा, राधा झूले श्याम झुलावे आदि मल्हारों पर श्रद्धालु झूम रहे थे। इस दौरान सेवायतों द्वारा लाडली के दरबार में सतरंगी छप्पन भोग लगाया गया।
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शाम साढ़े पांच बजे वृषभानु नंदिनी का डोला मंदिर परिसर में स्थित नीचे सफेद छतरी मेें लाया गया। इस दौरान उनके दर्शनों की एक झलक पाने को श्रद्धालु बेताब नजर आ रहे थे। इसके उपरांत देर शाम को गोस्वामी समाज की विवाहिता बेटी द्वारा राधारानी का आरता किया गया।
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इसके बाद डोला में बैठाकर राधाकृष्ण के श्रीविग्रह को वापस गर्भगृह ले जाया गया। सेवायत हेमंत गोस्वामी ने बताया कि हरियाली तीज से ही तेरह दिवसीय झूलन महोत्सव की शुरुआत पूरे ब्रजमंडल में हो गई है। लाडली जी मंदिर में रोजना शाम को वृषभानु नंदिनी स्वर्ण हिंडोले में विराजमान होकर झूला झूलेंगी।